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नवीन अनाज मंडी में सुविधाएं दिलाने की मांग
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नवीन अनाज मंडी में सुविधाएं दिलाने की मांग
गंगोह। भाकियू की ब्लाक इकाई ने जिलाधिकारी को पत्र प्रेषित कर नवीन अनाज मंडी परिसर में किसानों को मूलभूत सुविधाएं देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कई बार मांग के बावजूद किसानों को सुविधा नहीं मिल रही है।
ब्लाक अध्यक्ष बृजपाल सैनी ने डीएम को भेजे गए पत्र में कहा है कि बाजार से मंडी स्थानांतरित हुए लगभग ढाई दशक हो गए हैं। इस अवधि में कृषि उत्पादन मंडी समिति द्वारा किसानों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा हुआ है। मंडी परिसर में आज तक पशुओं को बांधने के लिए छायादार शेड का इंतजाम नही किया गया है। सर्दी और भीषण गर्मी में भी पशु खुले में बंधे रहते हैं। किसान की बदौलत ही सरकार के राजस्व को मंडी शुल्क के रुप में लाखों रुपए हर साल मिलता है। लेकिन मंडी परिसर में कहीं भी पशुओं को पानी पिलाने के लिए एक भी टैंक नही बनाया गया।
बृजपाल का आरोप है कि मंडी परिसर में किसानों के लिए बनाए गए किसान भवन पर भी अधिकारियों ने अवैध कब्जा कर रखा है। इसमें कूड़ा-करकट भरकर इसका ताला लगा दिया गया है। इस कारण किसानों को कोई फायदा नहीं हो रहा है। मंडी परिषद द्वारा अभी हाल ही में लाखों की लागत से शौचालयों का निर्माण कराया गया है। लेकिन वह भी उपयोग में आने के बजाय उद्घाटन का इंतजार कर रहा है। उन्होंने डीएम से कार्रवाई की मांग की है।
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गंगोह। भाकियू की ब्लाक इकाई ने जिलाधिकारी को पत्र प्रेषित कर नवीन अनाज मंडी परिसर में किसानों को मूलभूत सुविधाएं देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कई बार मांग के बावजूद किसानों को सुविधा नहीं मिल रही है।
ब्लाक अध्यक्ष बृजपाल सैनी ने डीएम को भेजे गए पत्र में कहा है कि बाजार से मंडी स्थानांतरित हुए लगभग ढाई दशक हो गए हैं। इस अवधि में कृषि उत्पादन मंडी समिति द्वारा किसानों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा हुआ है। मंडी परिसर में आज तक पशुओं को बांधने के लिए छायादार शेड का इंतजाम नही किया गया है। सर्दी और भीषण गर्मी में भी पशु खुले में बंधे रहते हैं। किसान की बदौलत ही सरकार के राजस्व को मंडी शुल्क के रुप में लाखों रुपए हर साल मिलता है। लेकिन मंडी परिसर में कहीं भी पशुओं को पानी पिलाने के लिए एक भी टैंक नही बनाया गया।
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बृजपाल का आरोप है कि मंडी परिसर में किसानों के लिए बनाए गए किसान भवन पर भी अधिकारियों ने अवैध कब्जा कर रखा है। इसमें कूड़ा-करकट भरकर इसका ताला लगा दिया गया है। इस कारण किसानों को कोई फायदा नहीं हो रहा है। मंडी परिषद द्वारा अभी हाल ही में लाखों की लागत से शौचालयों का निर्माण कराया गया है। लेकिन वह भी उपयोग में आने के बजाय उद्घाटन का इंतजार कर रहा है। उन्होंने डीएम से कार्रवाई की मांग की है।
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