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आदमी एक और आधार दो, नंबर भी अलग-अलग
Updated Sun, 19 Aug 2018 12:49 AM IST
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आदमी एक और आधार दो, नंबर भी अलग-अलग
देवबंद। फर्जी आधार कार्ड बनवाकर संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहने के कई मामले देवबंद से पकड़े जा चुके हैं, लेकिन उसके बावजूद आधार कार्ड का फर्जीवाड़ा रुकने का नाम नहीं ले रहा है। फिर से ताजा मामला सामने आया है। जिसमें एक आदमी के दो आधार कार्ड बने हैं, लेकिन दोनों के नंबर अलग अलग हैं, जबकि व्यक्ति का कहना है कि आधार कार्ड खोने पर उसने दूसरे आधार निकलवाया था। नंबर अलग कैसा हो गया उसे खुद इसका पता नहीं है।
मोहल्ला गुज्जरवाड़ा निवासी साजिद ने बताया कि वर्ष 2013 में उसने नगर पालिका में अपना आधार कार्ड बनवाया था। लेकिन वर्ष 2017 में उसका आधार कार्ड गुम हो गया। जिसके चलते उसने मंगलौर रोड पुलिस चौकी के समीप स्थित एक सेंटर से दूसरा आधार कार्ड निकलवाया था। साजिद के मुताबिक दो माह पूर्व वह सोसायटी में खाद लेने के लिए गया था जब बायोमैट्रिक मशीन पर अंगूठे का निशान दिया गया तो उसका नंबर गलत निकाला। जिसके बाद उसने पहले आधार कार्ड की फोटो स्टेट कॉपी तलाश की। देखने पर पता चला कि पुराने आधार कार्ड पर उसका नंबर 822560331289 था जबकि दूसरे आधार पर 703114719412 अंकित है, लेकिन यह बायोमेट्रिक मशीन पर काम नहीं कर रहा है। इतना ही नहीं दोनों आधार कार्ड में जन्म तिथि और सन भी अलग अलग लिखे हुए हैं। लेकिन नाम एक है। अब सवाल यह उठता है कि नगर क्षेत्र में इतनी सख्ती रहने के बाद भी एक व्यक्ति के अलग अलग नंबर से दो आधार कार्ड किस तरह बन गए?। बता दें कुछ दिनों पूर्व म्यांमार के एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया था जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनाने की जुगत में लगा हुआ था। इतना ही नहीं इस मामले में पुलिस ने एक पालिका सभासद को भी गिरफ्तार किया था। आरोप था कि सभासद ने अपने लेटरहेड पर आधार कार्ड बनवाने के लिए म्यांमार के युवक की वेरिफिकेशन की थी। जबकि इससे पूर्व भी कई लोग संदिग्ध गतिविधियों में शामिल पाए जा चुके हैं।
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देवबंद। फर्जी आधार कार्ड बनवाकर संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहने के कई मामले देवबंद से पकड़े जा चुके हैं, लेकिन उसके बावजूद आधार कार्ड का फर्जीवाड़ा रुकने का नाम नहीं ले रहा है। फिर से ताजा मामला सामने आया है। जिसमें एक आदमी के दो आधार कार्ड बने हैं, लेकिन दोनों के नंबर अलग अलग हैं, जबकि व्यक्ति का कहना है कि आधार कार्ड खोने पर उसने दूसरे आधार निकलवाया था। नंबर अलग कैसा हो गया उसे खुद इसका पता नहीं है।
मोहल्ला गुज्जरवाड़ा निवासी साजिद ने बताया कि वर्ष 2013 में उसने नगर पालिका में अपना आधार कार्ड बनवाया था। लेकिन वर्ष 2017 में उसका आधार कार्ड गुम हो गया। जिसके चलते उसने मंगलौर रोड पुलिस चौकी के समीप स्थित एक सेंटर से दूसरा आधार कार्ड निकलवाया था। साजिद के मुताबिक दो माह पूर्व वह सोसायटी में खाद लेने के लिए गया था जब बायोमैट्रिक मशीन पर अंगूठे का निशान दिया गया तो उसका नंबर गलत निकाला। जिसके बाद उसने पहले आधार कार्ड की फोटो स्टेट कॉपी तलाश की। देखने पर पता चला कि पुराने आधार कार्ड पर उसका नंबर 822560331289 था जबकि दूसरे आधार पर 703114719412 अंकित है, लेकिन यह बायोमेट्रिक मशीन पर काम नहीं कर रहा है। इतना ही नहीं दोनों आधार कार्ड में जन्म तिथि और सन भी अलग अलग लिखे हुए हैं। लेकिन नाम एक है। अब सवाल यह उठता है कि नगर क्षेत्र में इतनी सख्ती रहने के बाद भी एक व्यक्ति के अलग अलग नंबर से दो आधार कार्ड किस तरह बन गए?। बता दें कुछ दिनों पूर्व म्यांमार के एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया था जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनाने की जुगत में लगा हुआ था। इतना ही नहीं इस मामले में पुलिस ने एक पालिका सभासद को भी गिरफ्तार किया था। आरोप था कि सभासद ने अपने लेटरहेड पर आधार कार्ड बनवाने के लिए म्यांमार के युवक की वेरिफिकेशन की थी। जबकि इससे पूर्व भी कई लोग संदिग्ध गतिविधियों में शामिल पाए जा चुके हैं।
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