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शिक्षा सचिव ने पदोन्नति पर लगाई रोक, शिक्षक मायूस
Updated Sat, 19 May 2018 11:41 PM IST
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सहारनपुर। बेसिक शिक्षा सचिव ने पत्र जारी कर शिक्षकों की पदोन्नति पर फिलहाल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में पदोन्नति की उम्मीद लगाए बैठे शिक्षक मायूस हैं। बता दें कि जनपद में तीन साल से शिक्षकों को पदोन्नति नहीं मिली है। प्रत्येक वर्ष कभी किसी तो कभी किसी वजह से पदोन्नति टलती रही है।
करीब तीन महीने पहले बेसिक शिक्षा सचिव ने पत्र जारी कर शिक्षकों की पदोन्नति करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद विभागीय स्तर से कार्यवाही शुरू भी कर दी गई थी, मगर उसके बाद शिक्षकों के अंतरजनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया की वजह से पदोन्नति पर ब्रेक लगा दिया गया। उसके बाद शिक्षक संगठनों की मांग पर विभाग ने प्रक्रिया शुरू की, मगर अब सचिव का एक और पत्र आया है, जिसमें कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए पदोन्नति पर रोक लगाने की मांग की है। शिक्षक नेता संदीप सिंह पंवार ने बताया कि कोर्ट ने टीईटी किए हुए शिक्षकों को भी पदोन्नति प्रक्रिया में शामिल करने की मांग की है। जिसकी वजह से सचिव ने रोक लगाई है। संदीप पंवार का कहना है कि पहले इंटरमीडिएट के आधार पर शिक्षक बनते थे, जिसके बाद स्नातक और अब टीईटी को आधार बना दिया गया है। मगर इसका मतलब यह नहीं है कि टीईटी की वजह से इंटरमीडिएट के आधार पर लगे शिक्षकों को किनारे कर दिया जाए। पदोन्नति प्रत्येक शिक्षक का अधिकार है।
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पदोन्नति करने के लिए हमारी पूरी तैयारी थी। मगर उच्चाधिकारियों के आदेश पर फिलहाल रोक लगाई गई है, क्योंकि इसमें कोर्ट ने कोई आदेश दिया है। शासन के जैसे भी आदेश होंगे उनका अनुपालन किया जाएगा।
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रमेंद्र कुमार सिंह बीएसए।
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करीब तीन महीने पहले बेसिक शिक्षा सचिव ने पत्र जारी कर शिक्षकों की पदोन्नति करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद विभागीय स्तर से कार्यवाही शुरू भी कर दी गई थी, मगर उसके बाद शिक्षकों के अंतरजनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया की वजह से पदोन्नति पर ब्रेक लगा दिया गया। उसके बाद शिक्षक संगठनों की मांग पर विभाग ने प्रक्रिया शुरू की, मगर अब सचिव का एक और पत्र आया है, जिसमें कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए पदोन्नति पर रोक लगाने की मांग की है। शिक्षक नेता संदीप सिंह पंवार ने बताया कि कोर्ट ने टीईटी किए हुए शिक्षकों को भी पदोन्नति प्रक्रिया में शामिल करने की मांग की है। जिसकी वजह से सचिव ने रोक लगाई है। संदीप पंवार का कहना है कि पहले इंटरमीडिएट के आधार पर शिक्षक बनते थे, जिसके बाद स्नातक और अब टीईटी को आधार बना दिया गया है। मगर इसका मतलब यह नहीं है कि टीईटी की वजह से इंटरमीडिएट के आधार पर लगे शिक्षकों को किनारे कर दिया जाए। पदोन्नति प्रत्येक शिक्षक का अधिकार है।
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पदोन्नति करने के लिए हमारी पूरी तैयारी थी। मगर उच्चाधिकारियों के आदेश पर फिलहाल रोक लगाई गई है, क्योंकि इसमें कोर्ट ने कोई आदेश दिया है। शासन के जैसे भी आदेश होंगे उनका अनुपालन किया जाएगा।
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रमेंद्र कुमार सिंह बीएसए।