फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   गन्ना विभाग

गन्ना विभाग

Mon, 19 Jun 2017 12:07 AM IST
Updated Mon, 19 Jun 2017 12:07 AM IST
विज्ञापन
गन्ना विभाग
किसानों का 150 करोड़ से अधिक दबाए बैठीं है जिले की शुगर मिलें
विज्ञापन

सहारनपुर। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर प्रदेश सरकार की तमाम कवायद हवा हवाई साबित हो रही हैं। जिले के किसानों के 150 करोड़ रुपये से अधिक अभी भी चीनी मिलों पर बकाया हैं। इसके चलते किसानों में भारी रोष व्याप्त है। जनपद की देवबंद ने पूरा और शेरमऊ चीनी मिल ने 99.66 प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुुगतान कर दिया है। जबकि गांगनौली, सरसावा और नानौता पर गन्ना भुगतान अभी भी बकाया है।

सत्ता में आने के बाद प्रदेश की भाजपा सरकार ने समय पर गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए कवायद शुरू की थी। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा तक ने बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए कई बार तारीखों की घोषणाएं भी की। समय से भुगतान नहीं करने वाली शुगर मिलों को प्रदेश सरकार की ओर से कड़ी कार्रवाई चेतावनी भी दी गई। इसके बावजूद जिले की शुगर मिले कछुआ गति से ही बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही हैं। भुगतान में पिछड़ने वाली शुगर मिलों में निजी क्षेत्र की गांगनौली और सहकारी क्षेत्र की सरसावा एवं नानौता चीनी मिल शामिल हैं। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी ने बताया कि बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए बकाएदार शुगर मिलों पर लगातार दबाव बनाया हुआ है। उम्मीद है कि चीनी मिलें शीघ्र ही बकाया भुगतान कर देंगी।
विज्ञापन


शुगर मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य की स्थिति
चीनी मिल बकाया लाख में
गांगनौली 8014.49
शेरमऊ 71.65
सरसावा 2480.36
नानौता 4473.48
-----------------------------------
गन्ना विभाग के आंकडों के अनुसार
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed