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Saharanpur News: आडिट में पुनर्जीवित हुए 40 साल पुराने दफन हुए मामले
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सहारनपुर। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में वित्तीय अनुशासन की स्थिति फिर से सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के ऑडिट में 20 स्कूलों से करीब 3800 से ज्यादा आपत्तियां सामने आई हैं। इनमें विकास कार्यों, मरम्मत, स्टेशनरी व अन्य सामग्री की खरीद से जुड़ी अनियमितताएं शामिल हैं। सबसे ज्यादा आपत्तियां खलासी लाइन स्थित एसडी गर्ल्स इंटर कॉलेज में दर्ज की गई हैं।
जनपद के माध्यमिक स्कूलों में कुछ भी सही नहीं चल रहा है। पिछले 40 साल पुरानी आपत्तियों में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। डीआईओएस कार्यालय से फाइलों को दफन कर दिया गया। हालांकि लेखा विभाग के ऑडिट रिपोर्ट में परत दर परत मामले खुलते चले गए। ऑडिट में वर्षों से दफन फाइलों से धूल हटाई गई तो, निस्तारण जस का तस मिला। आनन फानन में डीआईओएस द्वारा संबंधित प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों को तलब कर तुरंत निस्तारण प्रमाणपत्र जमा करने के निर्देश दिए हैं। अब स्कूल प्रबंधन इन पुरानी और नई आपत्तियों को निपटाने के जुगाड़ में लगे हुए हैं।
-- इन मामलों में मिली सबसे ज्यादा आपत्तियां
स्कूलों में मकान किराया भत्ता के नाम पर वित्तीय गबन और कृषि भूमि से होने वाली आय में भारी विसंगतियां सामने आई हैं। जिले में छात्रवृत्ति और आरटीई शुल्क प्रतिपूर्ति के नाम पर भी भारी अनियमितता पाई गई है। जिनमें कुछ मामलों में विधिक कार्रवाई भी कराई जा चुकी है। वहीं शिक्षा समिति के नाम पर भी आपत्तियां मिली थीं।
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-- जनपद के इन स्कूलों में सबसे ज्यादा आपत्ति
एसडी गर्ल्स इंटर कॉलेज खलासी लाइन, जनता इंटर कॉलेज नागल, एएचपी इंटर कॉलेज छुटमलपुर, गांधी हायर सेकेंड्री स्कूल अबेहटा पीर आदि में सबसे ज्यादा आपत्ति है।
वर्जन
निस्तारण प्रमाण पत्र जमा न करने वाले स्कूलों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग की ऑडिट को गहनता से देखा जा रहा है।
- जयकरन यादव, डीआईओएस
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जनपद के माध्यमिक स्कूलों में कुछ भी सही नहीं चल रहा है। पिछले 40 साल पुरानी आपत्तियों में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। डीआईओएस कार्यालय से फाइलों को दफन कर दिया गया। हालांकि लेखा विभाग के ऑडिट रिपोर्ट में परत दर परत मामले खुलते चले गए। ऑडिट में वर्षों से दफन फाइलों से धूल हटाई गई तो, निस्तारण जस का तस मिला। आनन फानन में डीआईओएस द्वारा संबंधित प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों को तलब कर तुरंत निस्तारण प्रमाणपत्र जमा करने के निर्देश दिए हैं। अब स्कूल प्रबंधन इन पुरानी और नई आपत्तियों को निपटाने के जुगाड़ में लगे हुए हैं।
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स्कूलों में मकान किराया भत्ता के नाम पर वित्तीय गबन और कृषि भूमि से होने वाली आय में भारी विसंगतियां सामने आई हैं। जिले में छात्रवृत्ति और आरटीई शुल्क प्रतिपूर्ति के नाम पर भी भारी अनियमितता पाई गई है। जिनमें कुछ मामलों में विधिक कार्रवाई भी कराई जा चुकी है। वहीं शिक्षा समिति के नाम पर भी आपत्तियां मिली थीं।
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एसडी गर्ल्स इंटर कॉलेज खलासी लाइन, जनता इंटर कॉलेज नागल, एएचपी इंटर कॉलेज छुटमलपुर, गांधी हायर सेकेंड्री स्कूल अबेहटा पीर आदि में सबसे ज्यादा आपत्ति है।
वर्जन
निस्तारण प्रमाण पत्र जमा न करने वाले स्कूलों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग की ऑडिट को गहनता से देखा जा रहा है।
- जयकरन यादव, डीआईओएस