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नगर निगम में शोपीस बना 38 लाख का सोलर पैनल
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निगम की छत पर लगे सोलर पैनल।
- फोटो : SAHARANPUR
नगर निगम में शोपीस बना 38 लाख का सोलर पैनल
सहारनपुर। बिजली की खपत कम करने के लिए नगर निगम शहर भर में एलईडी लाइटें और जगह-जगह सोलर लाइटें लगवा रहा है। लेकिन निगम परिसर में ही 38 लाख रुपये की लागत से लगाया गया सोलर पैनल दो साल से धूल फांक रहा है।
करीब तीन साल पहले नगर निगम ने ग्रीन ऊ र्जा को बढ़ावा देने क लिए मुख्य भवन पर सोलर पैनल लगवाया था। विभागीय सूत्रों ने बताया कि सोलर पैनल के चालू होते ही अधिकारियों ने अपने दफ्तरों के एसी भी उसी से कनेक्ट कर लिया था। इसकी वजह से सोलर की बैट्री साल भर ही में जवाब दे गईं। नगर निगम ने बैट्री बदलवाने की जरूरत महसूस नहीं की है। अब करीब दो साल से सोलर पैनल शोपीस बना हुआ है और पूरा नगर निगम पुराने ढर्रे पर बिजली फूंक रहा है। बत्ती चले जाने पर जनरेटरों का इस्तेमाल किया जाता है, जिनमें प्रति माह हजारों रुपये का डीजल फूंका जाता है। यानी 38 लाख रुपये से खरीदे गए सोलर पैनल को खत्म होने के लिए छोड़ दिया गया है।
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नगर निगम में लगा सोलर पैनल पुरानी तकनीक का है, जिससे वह आए दिन खराब रहता है। हमने नई कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें हम सोलर की नई तकनीक से निगम के कार्यालयों को सोलर से जोड़ने वाले हैं। इनके अलावा हमारे चार ट्यूबवेल भी सोलर से संचालित हैं।
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ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
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सहारनपुर। बिजली की खपत कम करने के लिए नगर निगम शहर भर में एलईडी लाइटें और जगह-जगह सोलर लाइटें लगवा रहा है। लेकिन निगम परिसर में ही 38 लाख रुपये की लागत से लगाया गया सोलर पैनल दो साल से धूल फांक रहा है।
करीब तीन साल पहले नगर निगम ने ग्रीन ऊ र्जा को बढ़ावा देने क लिए मुख्य भवन पर सोलर पैनल लगवाया था। विभागीय सूत्रों ने बताया कि सोलर पैनल के चालू होते ही अधिकारियों ने अपने दफ्तरों के एसी भी उसी से कनेक्ट कर लिया था। इसकी वजह से सोलर की बैट्री साल भर ही में जवाब दे गईं। नगर निगम ने बैट्री बदलवाने की जरूरत महसूस नहीं की है। अब करीब दो साल से सोलर पैनल शोपीस बना हुआ है और पूरा नगर निगम पुराने ढर्रे पर बिजली फूंक रहा है। बत्ती चले जाने पर जनरेटरों का इस्तेमाल किया जाता है, जिनमें प्रति माह हजारों रुपये का डीजल फूंका जाता है। यानी 38 लाख रुपये से खरीदे गए सोलर पैनल को खत्म होने के लिए छोड़ दिया गया है।
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नगर निगम में लगा सोलर पैनल पुरानी तकनीक का है, जिससे वह आए दिन खराब रहता है। हमने नई कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें हम सोलर की नई तकनीक से निगम के कार्यालयों को सोलर से जोड़ने वाले हैं। इनके अलावा हमारे चार ट्यूबवेल भी सोलर से संचालित हैं।
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ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।