{"_id":"5c437a6ebdec227367365dd8","slug":"31547926126-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्राक्कलन समिति को जिला अस्पताल में मिलीं खामियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्राक्कलन समिति को जिला अस्पताल में मिलीं खामियां
विज्ञापन
प्राक्कलन समिति को जिला अस्पताल में मिलीं खामियां
सहारनपुर। विधानसभा की प्राक्कलन समिति ने शनिवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण किया तो दावों की पोल खुल गई। समिति के निरीक्षण से अस्पताल में हड़कंप मच गया। इमरजेंसी के बाहर खड़ी स्ट्रेचर पर आनन-फानन में चादरें डाल दी गईं। इसका पता समिति के सदस्यों को लग गया। उन्होंने सीएमएस से पूछा कि हमारे आने पर ही स्ट्रेचर पर चादरें डाल दी गई हैं। कई मरीजों ने समिति के सदस्यों को बताया कि उन्हें अस्पताल में समय से उपचार नहीं मिल पा रहा है।
शनिवार की शाम पांच बजे विधानसभा प्राक्कलन समिति के अध्यक्ष विधायक ज्ञानेंद्र कुमार, सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह, कांग्रेस विधायक मसूद अख्तर और भाजपा विधायक प्रदीप चौधरी शाम पांच बजे जिला अस्पताल पहुंचे। समिति के सदस्यों ने सबसे पहले इमरजेंसी के सामने स्थित शौचालय का निरीक्षण किया, जहां गंदगी देखकर नाराजगी जताई। समिति ने साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद समिति के सदस्यों ने रैन बसेरे निरीक्षण कर इमरजेंसी की व्यवस्था देखी। यहां पर नखासा बाजार निवासी फैजान भर्ती था, उसके भतीजे ने समिति को बताया कि उनके मरीज को समय पर उपचार नहीं दिया जा रहा है। जिला अस्पताल में इलाज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इसको लेकर समिति ने सीएमएस से सवाल किए और खामियों को दूर करने के लिए कहा। इमरजेंसी के पीछे वाले वार्ड में भर्ती मरीज के पुत्र अब्दुल्ला ने समिति को बताया कि उसके पिता शुक्रवार से अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन चिकित्सक ने एक ही बार मरीज को चेक किया। पिता की हालत खराब होती जा रही है। इस पर सीएमएस ने तुरंत स्टाफ को बुलाकर मरीज को उचित इलाज दिलाने के निर्देश दिए। इसके बाद हृदय रोगियों के लिए बनाए गए वार्ड का निरीक्षण कर टीम लौट गई। इस दौरान जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एसके दूबे, नगर मजिस्ट्रेट शेरी, सीओ द्वितीय मुकेश मिश्रा, विधायक देवेंद्र निम, सीएमओ बीएस सोढी, सीएमएस डाक्टर एसके वार्ष्णेय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
-------------------------------
नहीं गए महिला अस्पताल
सहारनपुर। निरीक्षण के दौरान प्राक्कलन समिति के सदस्यों को जिला महिला अस्पताल की विभिन्न शिकायतें मिलीं। लोगों ने आरोप लगाया कि डिलीवरी के बाद यहां प्रसूता के परिजनों से अवैध वसूली की जाती है। अस्पताल स्टाफ की व्यवहार भी मरीजों के प्रति ठीक नहीं है। स्टाफ की मांग पूरी न करो तो प्रसूता को सही उपचार नहीं दिया जाता है। इसको लेकर कई बार महिला अस्पताल में हंगामा भी हो चुका है। यहां से बच्चे चोरी होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। समिति के सदस्य महिला अस्पताल का निरीक्षण करने आगे तो बढे़, लेकिन बीच में निरीक्षण छोड़कर वहां से चले गए।
-----------------------
साहब नहीं मिल रहा उपचार
सहारनपुर। समिति के सदस्य जिला महिला अस्पताल के गेट के निकट पहुंचे तो एक महिला रोते हुए उनके पैरों आकर गिर गई। महिला ने कहा कि उसकी पुत्रवधू को एक घंटा पहले भर्ती कराने के लिए अस्पताल में लाए थे, लेकिन अभी तक उसे भर्ती नहीं किया गया। समिति के सदस्यों ने सीएमएस को तत्काल प्रभाव से विवाहिता को भर्ती करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
सहारनपुर। विधानसभा की प्राक्कलन समिति ने शनिवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण किया तो दावों की पोल खुल गई। समिति के निरीक्षण से अस्पताल में हड़कंप मच गया। इमरजेंसी के बाहर खड़ी स्ट्रेचर पर आनन-फानन में चादरें डाल दी गईं। इसका पता समिति के सदस्यों को लग गया। उन्होंने सीएमएस से पूछा कि हमारे आने पर ही स्ट्रेचर पर चादरें डाल दी गई हैं। कई मरीजों ने समिति के सदस्यों को बताया कि उन्हें अस्पताल में समय से उपचार नहीं मिल पा रहा है।
शनिवार की शाम पांच बजे विधानसभा प्राक्कलन समिति के अध्यक्ष विधायक ज्ञानेंद्र कुमार, सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह, कांग्रेस विधायक मसूद अख्तर और भाजपा विधायक प्रदीप चौधरी शाम पांच बजे जिला अस्पताल पहुंचे। समिति के सदस्यों ने सबसे पहले इमरजेंसी के सामने स्थित शौचालय का निरीक्षण किया, जहां गंदगी देखकर नाराजगी जताई। समिति ने साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
इसके बाद समिति के सदस्यों ने रैन बसेरे निरीक्षण कर इमरजेंसी की व्यवस्था देखी। यहां पर नखासा बाजार निवासी फैजान भर्ती था, उसके भतीजे ने समिति को बताया कि उनके मरीज को समय पर उपचार नहीं दिया जा रहा है। जिला अस्पताल में इलाज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इसको लेकर समिति ने सीएमएस से सवाल किए और खामियों को दूर करने के लिए कहा। इमरजेंसी के पीछे वाले वार्ड में भर्ती मरीज के पुत्र अब्दुल्ला ने समिति को बताया कि उसके पिता शुक्रवार से अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन चिकित्सक ने एक ही बार मरीज को चेक किया। पिता की हालत खराब होती जा रही है। इस पर सीएमएस ने तुरंत स्टाफ को बुलाकर मरीज को उचित इलाज दिलाने के निर्देश दिए। इसके बाद हृदय रोगियों के लिए बनाए गए वार्ड का निरीक्षण कर टीम लौट गई। इस दौरान जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एसके दूबे, नगर मजिस्ट्रेट शेरी, सीओ द्वितीय मुकेश मिश्रा, विधायक देवेंद्र निम, सीएमओ बीएस सोढी, सीएमएस डाक्टर एसके वार्ष्णेय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
-------------------------------
नहीं गए महिला अस्पताल
सहारनपुर। निरीक्षण के दौरान प्राक्कलन समिति के सदस्यों को जिला महिला अस्पताल की विभिन्न शिकायतें मिलीं। लोगों ने आरोप लगाया कि डिलीवरी के बाद यहां प्रसूता के परिजनों से अवैध वसूली की जाती है। अस्पताल स्टाफ की व्यवहार भी मरीजों के प्रति ठीक नहीं है। स्टाफ की मांग पूरी न करो तो प्रसूता को सही उपचार नहीं दिया जाता है। इसको लेकर कई बार महिला अस्पताल में हंगामा भी हो चुका है। यहां से बच्चे चोरी होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। समिति के सदस्य महिला अस्पताल का निरीक्षण करने आगे तो बढे़, लेकिन बीच में निरीक्षण छोड़कर वहां से चले गए।
-----------------------
साहब नहीं मिल रहा उपचार
सहारनपुर। समिति के सदस्य जिला महिला अस्पताल के गेट के निकट पहुंचे तो एक महिला रोते हुए उनके पैरों आकर गिर गई। महिला ने कहा कि उसकी पुत्रवधू को एक घंटा पहले भर्ती कराने के लिए अस्पताल में लाए थे, लेकिन अभी तक उसे भर्ती नहीं किया गया। समिति के सदस्यों ने सीएमएस को तत्काल प्रभाव से विवाहिता को भर्ती करने के निर्देश दिए।