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बिजली के बिलों में गड़बड़ी से उपभोक्ता परेशान
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बिजली के बिलों में गड़बड़ी से उपभोक्ता परेशान
सहारनपुर। मीटर में तकनीकी खराबी सहित अन्य कारणों से बिजली बिलों में लगातार गड़बड़ी सामने आ रही है। बहुत अधिक बिल आने से उपभोक्ता परेशान हैं और बिल ठीक करवाने के लिए विद्युत निगम कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। उधर, बिल जमा न करने पर कनेक्शन काटने और रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई जारी है।
ऐसे कई विद्युत उपभोक्ता निगम के अफसरों के यहां पहुंच रहे हैं जो पहले से अधिक बिल आने की परेशानी से जूझ रहे हैं। रायवाला निवासी वसीम ने बताया कि उनके पिता के नाम बिजली का कनेक्शन है। उनके घर का बिजली का बिल हमेशा से ही 500 रुपये के आसपास आता रहा है। लेकिन अक्तूबर में अचानक उनके बिजली का बिल 16 हजार रुपये आ गया। बिल को देख वह तो चकरा ही गया। उसने लाइनमैन से लेकर सभी अधिकारियों से बिल कम करने के लिए कहा। लेकिन उससे कहा गया कि बिल पूरा जमा करा दो, नहीं तो कनेक्शन काट दिया जाएगा और रिपोर्ट भी दर्ज हो जाएगी।
उसने आरोप लगाया कि मीटर में ही कोई गड़बड़ी हुई है। अचानक इतना बिल कैसे आ गया। वह कई बार अधिकारियों से कह चुका है। अधिकारियों ने उससे कहा है कि नया मीटर लगाकर यूनिट चेक की जाएगी। मीटर ठीक हुआ तो बिल पूरा ही जमा करना पड़ेगा। ढोली खाल निवासी मोहतरम का कहना उनका बिल कभी भी एक हजार रुपये से अधिक नहीं आया। लेकिन नवंबर का बिल 21 हजार रुपये का भेज दिया गया। पहले तो कहा कि मीटर में गलत रीडिंग आ गई होगी, लेकिन अब कहा जा रहा है कि मीटर ठीक है, बिल जमा करना होगा। उनका कनेक्शन काटने की धमकी भी दी जा रही है। जबकि वह कई बार अधिकारियों से बिल ठीक कराने के लिए कह चुके हैं।
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ऐसे एक या दो नहीं बल्कि शहर के ही काफी संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं जो बिजली बिलों की इन खामियों से जूझ रही हैं। कुछ उपभोक्ताओं के मीटर के साथ ही सब मीटर लगाकर यूनिट की जांच कर उनके बिलों में संशोधन किया गया। जबकि कई उपभोक्ताओं का मीटर ठीक बताया गया। अधिकारियों के अनुसार ऐसे लगभग 1800 उपभोक्ताओं के बिलों में गड़बड़ी आई। लेकिन अधिकारियों ने इसे निगम की गलती न बताकर उपभोक्ताओं एवं रीडिंग कंपनी पर ही थोप दिया। हालांकि लगभग 1300 उपभोक्ताओं के बिलों को ठीक करने के बाद लगभग 65 लाख रुपये भी जमा करा लिए गए हैं।
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कंपनी के साथ उपभोक्ता भी हैं जिम्मेदार
अधीक्षण अभियंता रविंद्र गुप्ता का कहना है कि करीब 1800 उपभोक्ताओं के बिजली के बिलों में गड़बड़ी सामने आई है। इनमें से अधिकांश मामलों में मीटर रीडिंग कराने वाली कंपनी के कर्मचारियों ने ही रीडिंग छोड़ कर कम रीडिंग लीं। जिससे बाद में एक साथ रीडिंग सामने आई तो बिल अधिक हो गया। जिसमें कहीं न कहीं उपभोक्ताओं की सहमति भी शामिल रही। अब पूरी रीडिंग का बिल दिया गया तो उपभोक्ता परेशान हो गए। उपभोक्ताओं को बिल जमा करना होगा, साथ ही कंपनी से भी वसूली की जा रही है। मीटर में गड़बड़ी से बिल अधिक आने के मामले काफी कम हैं। जिसकी जांच अलग से मीटर लगाकर कराकर उनका सही बिल बनाया गया है। उन्हें कोई परेशानी नहीं है।
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सहारनपुर। मीटर में तकनीकी खराबी सहित अन्य कारणों से बिजली बिलों में लगातार गड़बड़ी सामने आ रही है। बहुत अधिक बिल आने से उपभोक्ता परेशान हैं और बिल ठीक करवाने के लिए विद्युत निगम कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। उधर, बिल जमा न करने पर कनेक्शन काटने और रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई जारी है।
ऐसे कई विद्युत उपभोक्ता निगम के अफसरों के यहां पहुंच रहे हैं जो पहले से अधिक बिल आने की परेशानी से जूझ रहे हैं। रायवाला निवासी वसीम ने बताया कि उनके पिता के नाम बिजली का कनेक्शन है। उनके घर का बिजली का बिल हमेशा से ही 500 रुपये के आसपास आता रहा है। लेकिन अक्तूबर में अचानक उनके बिजली का बिल 16 हजार रुपये आ गया। बिल को देख वह तो चकरा ही गया। उसने लाइनमैन से लेकर सभी अधिकारियों से बिल कम करने के लिए कहा। लेकिन उससे कहा गया कि बिल पूरा जमा करा दो, नहीं तो कनेक्शन काट दिया जाएगा और रिपोर्ट भी दर्ज हो जाएगी।
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उसने आरोप लगाया कि मीटर में ही कोई गड़बड़ी हुई है। अचानक इतना बिल कैसे आ गया। वह कई बार अधिकारियों से कह चुका है। अधिकारियों ने उससे कहा है कि नया मीटर लगाकर यूनिट चेक की जाएगी। मीटर ठीक हुआ तो बिल पूरा ही जमा करना पड़ेगा। ढोली खाल निवासी मोहतरम का कहना उनका बिल कभी भी एक हजार रुपये से अधिक नहीं आया। लेकिन नवंबर का बिल 21 हजार रुपये का भेज दिया गया। पहले तो कहा कि मीटर में गलत रीडिंग आ गई होगी, लेकिन अब कहा जा रहा है कि मीटर ठीक है, बिल जमा करना होगा। उनका कनेक्शन काटने की धमकी भी दी जा रही है। जबकि वह कई बार अधिकारियों से बिल ठीक कराने के लिए कह चुके हैं।
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ऐसे एक या दो नहीं बल्कि शहर के ही काफी संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं जो बिजली बिलों की इन खामियों से जूझ रही हैं। कुछ उपभोक्ताओं के मीटर के साथ ही सब मीटर लगाकर यूनिट की जांच कर उनके बिलों में संशोधन किया गया। जबकि कई उपभोक्ताओं का मीटर ठीक बताया गया। अधिकारियों के अनुसार ऐसे लगभग 1800 उपभोक्ताओं के बिलों में गड़बड़ी आई। लेकिन अधिकारियों ने इसे निगम की गलती न बताकर उपभोक्ताओं एवं रीडिंग कंपनी पर ही थोप दिया। हालांकि लगभग 1300 उपभोक्ताओं के बिलों को ठीक करने के बाद लगभग 65 लाख रुपये भी जमा करा लिए गए हैं।
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कंपनी के साथ उपभोक्ता भी हैं जिम्मेदार
अधीक्षण अभियंता रविंद्र गुप्ता का कहना है कि करीब 1800 उपभोक्ताओं के बिजली के बिलों में गड़बड़ी सामने आई है। इनमें से अधिकांश मामलों में मीटर रीडिंग कराने वाली कंपनी के कर्मचारियों ने ही रीडिंग छोड़ कर कम रीडिंग लीं। जिससे बाद में एक साथ रीडिंग सामने आई तो बिल अधिक हो गया। जिसमें कहीं न कहीं उपभोक्ताओं की सहमति भी शामिल रही। अब पूरी रीडिंग का बिल दिया गया तो उपभोक्ता परेशान हो गए। उपभोक्ताओं को बिल जमा करना होगा, साथ ही कंपनी से भी वसूली की जा रही है। मीटर में गड़बड़ी से बिल अधिक आने के मामले काफी कम हैं। जिसकी जांच अलग से मीटर लगाकर कराकर उनका सही बिल बनाया गया है। उन्हें कोई परेशानी नहीं है।
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