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23 से पेराई शुरू करेगी दया शुगर मिल: डीसीओ
Updated Tue, 20 Nov 2018 01:09 AM IST
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23 से पेराई शुरू करेगी दया शुगर मिल: डीसीओ
सहारनपुर। जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने कहा कि तकनीकी कारणों से दया शुगर मिल 23 नवंबर से पेराई सत्र प्रारम्भ करेगी। उन्होंने कहा कि शुगर मिलों को गन्ने का पांच दिन पहले इंडेंट जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों सहकारी शुगर मिल इस सीजन की कैश क्रेडिट लिमिट से बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करेंगी।
सोमवार को गन्ना भवन में जिला गन्ना अधिकारी ने कहा कि दया शुगर मिल ने इस बार 90 लाख क्विंटल गन्ने की डिमांड की थी। मिल को गेट सहित 43 क्रय केंद्र आवंटित किए गए हैं। ब्वॉयलर आदि में तकनीकी समस्या के चलते मिल 23 नवंबर से पेराई आरम्भ कर देगी। उन्होंने कहा कि शुगर मिलों को पांच दिन पहले इंडेंट जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे किसानों को मिल में सप्लाई करने गन्ना तैयार करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। डीसीओ ने कहा कि जिले की देवबंद, शेरमऊ, गांगनौली, ननौता और सरसावा शुगर मिलें अब तक 20 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है। अब तक की औसत शुगर रिकवरी 9.35 प्रतिशत है। 9.92 प्रतिशत के साथ देवबंद शुगर मिल रिकवरी में सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि अब टोडरपुर शुगर मिल बिक्री की राह आसन हो गई है। जिससे इसके जल्द ही चलने की संभावना है।
बकाया गन्ना मूल्य भुगतान पर डीसीओ ने कहा कि देवबंद, गागलहेडी और शेरमऊ ने सॉफ्ट लोन के लिए आवेदन कर रखा है। यह पैसा एक्रो एकाउंट में आएगा, जिससे उसे किसानों के खाते में भेज दिया जाएगा। जबकि दोनों सहकारी शुगर मिलें इस पेराई सत्र की कैश क्रेडिट लिमिट से बकाया भुगतान करेंगी।
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सहारनपुर। जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने कहा कि तकनीकी कारणों से दया शुगर मिल 23 नवंबर से पेराई सत्र प्रारम्भ करेगी। उन्होंने कहा कि शुगर मिलों को गन्ने का पांच दिन पहले इंडेंट जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों सहकारी शुगर मिल इस सीजन की कैश क्रेडिट लिमिट से बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करेंगी।
सोमवार को गन्ना भवन में जिला गन्ना अधिकारी ने कहा कि दया शुगर मिल ने इस बार 90 लाख क्विंटल गन्ने की डिमांड की थी। मिल को गेट सहित 43 क्रय केंद्र आवंटित किए गए हैं। ब्वॉयलर आदि में तकनीकी समस्या के चलते मिल 23 नवंबर से पेराई आरम्भ कर देगी। उन्होंने कहा कि शुगर मिलों को पांच दिन पहले इंडेंट जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे किसानों को मिल में सप्लाई करने गन्ना तैयार करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। डीसीओ ने कहा कि जिले की देवबंद, शेरमऊ, गांगनौली, ननौता और सरसावा शुगर मिलें अब तक 20 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है। अब तक की औसत शुगर रिकवरी 9.35 प्रतिशत है। 9.92 प्रतिशत के साथ देवबंद शुगर मिल रिकवरी में सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि अब टोडरपुर शुगर मिल बिक्री की राह आसन हो गई है। जिससे इसके जल्द ही चलने की संभावना है।
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बकाया गन्ना मूल्य भुगतान पर डीसीओ ने कहा कि देवबंद, गागलहेडी और शेरमऊ ने सॉफ्ट लोन के लिए आवेदन कर रखा है। यह पैसा एक्रो एकाउंट में आएगा, जिससे उसे किसानों के खाते में भेज दिया जाएगा। जबकि दोनों सहकारी शुगर मिलें इस पेराई सत्र की कैश क्रेडिट लिमिट से बकाया भुगतान करेंगी।
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