फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   धान की फसल पर ब्राउन प्लांट हॉपर का प्रकोप

धान की फसल पर ब्राउन प्लांट हॉपर का प्रकोप

Mon, 10 Sep 2018 12:55 AM IST
Updated Mon, 10 Sep 2018 12:55 AM IST
विज्ञापन
धान की फसल पर ब्राउन प्लांट हॉपर का प्रकोप
सहारनपुर। मौसम के उतार चढ़ाव के चलते धान की फसल पर ब्राउन प्लांट हॉपर का प्रकोप बढ़ गया है। यह कीट धान की पत्तियों से रस चूसकर फसल को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। इसमें पत्तियों की ऊपरी सतह पर काले रंग की फफूंदी उग जाती है। जिससे प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया ठप हो जाती है और पौधे भोजन कम बनाते हैं।
विज्ञापन

धान में पूसा 1509 प्रजाति को छोड़कर अधिकांश में ब्राउन प्लांट हॉपर कीट का प्रकोप तेजी से दिखाई दे रहा है। यदि समय से इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी एवं प्रोफेसर फसल सुरक्षा डॉ. आईके कुशवाहा ने बताया कि यह कीट हल्के भूरे रंग के होते हैं। इसके शिशु ओर कीट दोनों ही पौधों के तने और पत्तियों से रस चूसते हैं। अधिक रस चूसने केेेे चलते पत्तियों के ऊपरी सतह पर काली फफूंदी उग जाती है। प्रकाश संश्लेषण की क्रिया ठप हो जाती है और इससे पौधे को भोजन कम मिलता है। इस कीट से प्रभावित फसल को हॉपर बर्न कहते हैं। इस कीट का अगस्त के आखिरी सप्ताह से लेकर अक्टूबर तक अधिक असर रहता है। इस कीट का जीवन चक्र 20 से 25 दिनों का होता है। उन्होंने बताया कि इस कीट से प्रभावित फसल में सबसे पहले नत्रजन का प्रयोग रोक देना चाहिए और खेत से पानी को निकालना चाहिए। इसके जैविक उपचार के लिए मेटाराइजियम, एनासोप्ली का फसल और मेड़ों पर छिड़काव करना चाहिए। अधिक प्रकोप होने पर टोकन डीनोटेफूरॉन की 100 ग्राम मात्रा को 200 लीटर पानी में छोलकर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करना मुफीद रहता है। उन्होंने बताया कि इस कीट पर प्रभावी नियंत्रण के लिए किसानों को पहले खेत के चारों ओर छिड़काव कर फिर खेत के अंदर करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed