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तप से जीव का अंतकरण शुद्घ होता
Updated Wed, 16 May 2018 12:20 AM IST
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तप से जीव का अंतकरण शुद्ध होता है: राधिका
सहारनपुर। राधा विहार स्थित महाशक्ति पीठ वैष्णवी महाकाली मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान देवी कृष्ण प्रिया राधिका ने कहा कि तप से जीव का अंतकरण शुद्ध होता है। सरल मन ही प्रभु को प्रिय है। शक्ति प्राप्ति के उपरांत उसके सद्मार्ग में प्रयोग सृजनकारी है, जिससे जीवन जगत का कल्याण होता है। सार्वभौमिक भाव ही जीव से संपूर्ण शक्तियों को जागृत कर चेतना प्रदान करता है। यही भाव परमात्मा की प्राप्ति में सुगम है। दुष्कर्म का परिणाम ही दुख एवं कष्ट भोगना है। इसकी मुक्ति केवल हरि शरण में ही मिलती है। मेहरचंद जैन, सुरेश कुमार, नवीन सैनी, अशोक वर्मा, श्याम सिंह, नरेश चंदेल, रमेश शर्मा, राकेश चौहान, गीता, विभा, कविता, राधा, सुलेखा, कुसुम, गीता, मोहिनी, बाला मौजूद रहे।
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सहारनपुर। राधा विहार स्थित महाशक्ति पीठ वैष्णवी महाकाली मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान देवी कृष्ण प्रिया राधिका ने कहा कि तप से जीव का अंतकरण शुद्ध होता है। सरल मन ही प्रभु को प्रिय है। शक्ति प्राप्ति के उपरांत उसके सद्मार्ग में प्रयोग सृजनकारी है, जिससे जीवन जगत का कल्याण होता है। सार्वभौमिक भाव ही जीव से संपूर्ण शक्तियों को जागृत कर चेतना प्रदान करता है। यही भाव परमात्मा की प्राप्ति में सुगम है। दुष्कर्म का परिणाम ही दुख एवं कष्ट भोगना है। इसकी मुक्ति केवल हरि शरण में ही मिलती है। मेहरचंद जैन, सुरेश कुमार, नवीन सैनी, अशोक वर्मा, श्याम सिंह, नरेश चंदेल, रमेश शर्मा, राकेश चौहान, गीता, विभा, कविता, राधा, सुलेखा, कुसुम, गीता, मोहिनी, बाला मौजूद रहे।