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रामलीला के मंच पर किया सीता स्वयंवर का संजीव मंचन
Updated Thu, 29 Mar 2018 12:28 AM IST
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नकुड़ (सहारनपुर)। नगर में चल रही श्रीरामलीला मंचन के चौथे दिन सीता स्वयंवर प्रसंग का सजीव मंचन किया गया। भगवान राम द्वारा शिव धनुष तोड़ने के साथ ही जानकी ने श्रीराम के गले में वरमाला डाल दी। इससे जनकपुरी में हर्षोल्लास शुरू हो गया। परंतु, शवि धनुष तोड़ने से क्रोधित हुए परशुराम के आने से स्वयंवर में आये राजाओं में हड़कंप मच गया।
नगर के श्रीरामलीला भवन में पवन गुप्ता के निर्देशन में श्रीराम लीला मंचन के चौथे दिन श्री राम की आरती के बाद कलाकारों ने सीता स्वयंवर का मंचन किया। इसके पूर्व दर्शाया गया कि विश्वामित्र ने श्रीराम को पूजा के लिए पुष्प लाने का आदेश दिया तो राम-लक्ष्मण जनकपुरी की पुष्प वाटिका से पुष्प लाने के लिए चले गए। वहां माता जानकी से श्रीराम की भेंट का कलाकारों ने सजीव मंचन किया। धनुष यज्ञ के समय स्वयंवर में आये राजाओं ने धनुष तोड़ने का प्रयास किया, परंतु वे उसे हिला तक न सके। जब राजा जनक निराश हो गए तो गुरु विश्वामित्र ने श्रीराम को धनुष तोड़ने का आदेश दिया। गुरु का आदेश मिलते ही भगवान श्री राम ने शिव धनुष तोड़ दिया। धनुष की टंकार से पूरा रामलीला भवन भगवान श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा और जनकपुरी में खुशी की लहर दौड़ गई और जानकी सीता ने श्री राम के गले में वरमाला डाल दी। इस दौरान भगवान परशुराम एवं लक्ष्मण और लंकापति रावण एवं बाणासुर के संवादों ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। श्रीराम लीला मंचन का उद्घाटन भाजपा नेता शिवकुमार गुप्ता एवं युवा व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष विवेक गुप्ता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। रामलीला महोत्सव कमेटी के प्रधान भूपेंद्र गुप्ता, उपाध्यक्ष पंकज जैन, महामंत्री हरीश गर्ग, कोषाध्यक्ष सोहन गुप्ता, मंत्री मनोज मित्तल, सुरेश नामदेव, विपुल गुप्ता, अनिल गोयल, बिजेंद्र नारायण, अंकित गोयल, सुनील जैन, शशांक गुप्ता, वरुण मित्तल, प्रदीप जैन, विनोद वर्मा, शिवम सिंघल आदि उपस्थित रहे।
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नगर के श्रीरामलीला भवन में पवन गुप्ता के निर्देशन में श्रीराम लीला मंचन के चौथे दिन श्री राम की आरती के बाद कलाकारों ने सीता स्वयंवर का मंचन किया। इसके पूर्व दर्शाया गया कि विश्वामित्र ने श्रीराम को पूजा के लिए पुष्प लाने का आदेश दिया तो राम-लक्ष्मण जनकपुरी की पुष्प वाटिका से पुष्प लाने के लिए चले गए। वहां माता जानकी से श्रीराम की भेंट का कलाकारों ने सजीव मंचन किया। धनुष यज्ञ के समय स्वयंवर में आये राजाओं ने धनुष तोड़ने का प्रयास किया, परंतु वे उसे हिला तक न सके। जब राजा जनक निराश हो गए तो गुरु विश्वामित्र ने श्रीराम को धनुष तोड़ने का आदेश दिया। गुरु का आदेश मिलते ही भगवान श्री राम ने शिव धनुष तोड़ दिया। धनुष की टंकार से पूरा रामलीला भवन भगवान श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा और जनकपुरी में खुशी की लहर दौड़ गई और जानकी सीता ने श्री राम के गले में वरमाला डाल दी। इस दौरान भगवान परशुराम एवं लक्ष्मण और लंकापति रावण एवं बाणासुर के संवादों ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। श्रीराम लीला मंचन का उद्घाटन भाजपा नेता शिवकुमार गुप्ता एवं युवा व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष विवेक गुप्ता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। रामलीला महोत्सव कमेटी के प्रधान भूपेंद्र गुप्ता, उपाध्यक्ष पंकज जैन, महामंत्री हरीश गर्ग, कोषाध्यक्ष सोहन गुप्ता, मंत्री मनोज मित्तल, सुरेश नामदेव, विपुल गुप्ता, अनिल गोयल, बिजेंद्र नारायण, अंकित गोयल, सुनील जैन, शशांक गुप्ता, वरुण मित्तल, प्रदीप जैन, विनोद वर्मा, शिवम सिंघल आदि उपस्थित रहे।
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