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मोह ही दुख का मूल कारण: स्वामी सत्यानंद
Updated Sun, 18 Feb 2018 12:48 AM IST
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मोह ही दुख का मूल कारण: स्वामी सत्यानंद
रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। क्षेत्र के गांव सोना अर्जुनपुर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा और ज्ञान भक्ति सत्संग के दूसरे दिन सोहम मंडल के अध्यक्ष स्वामी सत्यानंद महाराज ने कहा कि मोह ही सारी समस्याओं और दुखों का मूल कारण है। इसी कारण सारा संसार अनेक समस्याओं में उलझा है।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने तत्व ज्ञान से अर्जुन के मोह को दूर किया और अर्जुन को अपने कर्तव्य का बोध कराया। भगवान ने अर्जुन को माध्यम बनाकर संसार के समस्त प्राणियों को सही जीवन जीने और उचित निर्णय लेने का संदेश दिया।
स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने राम और बाली के संवाद द्वारा काम, क्रोध, लोभ, मोह आदि दोषों को दूर करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मानव शरीर का सदुपयोग धार्मिक कार्यों में करे। परमात्मा के बताए रास्ते पर चलें और दूसरों को भी सद्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करें तो ही जीवन सार्थक हो सकता है।
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सत्संग में स्वामी नारायणनंद महाराज, स्वामी निगमानंद, स्वामी परमानंद महाराज, स्वामी गोपाल नंद, गौरव स्वरूप आदि संतों ने भी अपने विचार रखे। इस मौके पर मेहर सिंह, बिजेन्द्र सिंह, ईश्वरपाल, सुरेन्द्र सिंह, महीपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। क्षेत्र के गांव सोना अर्जुनपुर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा और ज्ञान भक्ति सत्संग के दूसरे दिन सोहम मंडल के अध्यक्ष स्वामी सत्यानंद महाराज ने कहा कि मोह ही सारी समस्याओं और दुखों का मूल कारण है। इसी कारण सारा संसार अनेक समस्याओं में उलझा है।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने तत्व ज्ञान से अर्जुन के मोह को दूर किया और अर्जुन को अपने कर्तव्य का बोध कराया। भगवान ने अर्जुन को माध्यम बनाकर संसार के समस्त प्राणियों को सही जीवन जीने और उचित निर्णय लेने का संदेश दिया।
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स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने राम और बाली के संवाद द्वारा काम, क्रोध, लोभ, मोह आदि दोषों को दूर करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मानव शरीर का सदुपयोग धार्मिक कार्यों में करे। परमात्मा के बताए रास्ते पर चलें और दूसरों को भी सद्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करें तो ही जीवन सार्थक हो सकता है।
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सत्संग में स्वामी नारायणनंद महाराज, स्वामी निगमानंद, स्वामी परमानंद महाराज, स्वामी गोपाल नंद, गौरव स्वरूप आदि संतों ने भी अपने विचार रखे। इस मौके पर मेहर सिंह, बिजेन्द्र सिंह, ईश्वरपाल, सुरेन्द्र सिंह, महीपाल सिंह आदि मौजूद रहे।