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युवाओं को नौकरियां देने का वादा पूरा करे बादशाह: आजम खान
Updated Sun, 11 Feb 2018 11:57 PM IST
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सहारनपुर। पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान ने कहा कि पकौड़ा बनाना रोजगार नहीं है, बादशाह ने दो करोड़ युवाओं को नौकरियां देने का वादा किया था। अब तक आठ करोड़ युवाओं को नौकरियां मिल जानी चाहिए थी। सभ्य समाज में जिन मसलों का हल नहीं होता उन पर बैठकर बात होती है। उन्होंने कहा कि हालत तो यह हो गई है कि सुप्रीम कोर्ट के चार जजों को जनता की अदालत में आना पड़ा। सारे ज्वलंत मुद्दों को कासगंज ने दबा दिया है।
रविवार को चकराता रोड स्थित एक नेता के आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री ने कहा कि जीएसटी, रोजगार और सुप्रीम कोर्ट के जजों द्वारा उठाए गए मुद्दों को कासगंज की घटना ने दबा दिया है। सारी बहस समाप्त हो गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना तंज कसते हुए कहा कि उन्हें युवाओं को नौकरियां देनी चाहिए। क्योंकि खाली दिमाग शैतान का घर होता है, इससे ही माहौल खराब हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा शुरू की गई 100 नंबर और एंबुलेंस सेवा आज खराब हो गई है। जबकि हमने इस व्यवस्था को विकसित देशों की बराबर चॉक चौबंद कर दिया था।
वसीम रिजवी के बयान के बारे में पूछे जाने पर व्यंगात्मक लहजे में उन्होंने कहा कि यह बात पहले कही होती तो माहौल क्यों खराब होता। छात्रों द्वारा परीक्षा छोड़ने के मुद्दे पर पूर्व मंत्री ने कहा कि जब हम रोजगार नहीं दे रहे हैं तो डिग्रियों का कोई मतलब नहीं रह जाता है। भाजपा के एक मंत्री द्वारा शेखुल हिंद मौलाना महमुदुल हसन मेडिकल कॉलेज के नाम बदलने के लिए पत्र लिखे जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि मंत्री को पत्र लिखने की क्या आवश्यकता है, कैबिनेट फैसला ले सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि वे इतिहास पुरुष है, उन्होंने दो रोज पहले कहा था कि बंदूक से जवाब दो। धमकी मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैने सुरक्षा नहीं मांगी, क्योंकि मुझे पता है कि मेरे साथ इंसाफ नहीं होना है। इस दौरान सरफराज खान, राजपाल फंदपुरी, फैसल सलमानी, महजबीं खान, शाहनवाज चांद आदि रहे।
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रविवार को चकराता रोड स्थित एक नेता के आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री ने कहा कि जीएसटी, रोजगार और सुप्रीम कोर्ट के जजों द्वारा उठाए गए मुद्दों को कासगंज की घटना ने दबा दिया है। सारी बहस समाप्त हो गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना तंज कसते हुए कहा कि उन्हें युवाओं को नौकरियां देनी चाहिए। क्योंकि खाली दिमाग शैतान का घर होता है, इससे ही माहौल खराब हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा शुरू की गई 100 नंबर और एंबुलेंस सेवा आज खराब हो गई है। जबकि हमने इस व्यवस्था को विकसित देशों की बराबर चॉक चौबंद कर दिया था।
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वसीम रिजवी के बयान के बारे में पूछे जाने पर व्यंगात्मक लहजे में उन्होंने कहा कि यह बात पहले कही होती तो माहौल क्यों खराब होता। छात्रों द्वारा परीक्षा छोड़ने के मुद्दे पर पूर्व मंत्री ने कहा कि जब हम रोजगार नहीं दे रहे हैं तो डिग्रियों का कोई मतलब नहीं रह जाता है। भाजपा के एक मंत्री द्वारा शेखुल हिंद मौलाना महमुदुल हसन मेडिकल कॉलेज के नाम बदलने के लिए पत्र लिखे जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि मंत्री को पत्र लिखने की क्या आवश्यकता है, कैबिनेट फैसला ले सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि वे इतिहास पुरुष है, उन्होंने दो रोज पहले कहा था कि बंदूक से जवाब दो। धमकी मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैने सुरक्षा नहीं मांगी, क्योंकि मुझे पता है कि मेरे साथ इंसाफ नहीं होना है। इस दौरान सरफराज खान, राजपाल फंदपुरी, फैसल सलमानी, महजबीं खान, शाहनवाज चांद आदि रहे।
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