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मौसम के उतार-चढ़ाव से रबी फसल प्रभावित
Updated Sat, 30 Dec 2017 11:53 PM IST
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मौसम के उतार-चढ़ाव से रबी फसल प्रभावित
सहारनपुर। मौसम में आ रहे उतार-चढ़ाव से रबी की फसलों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। इसके चलते जहां गेहूं में फुटाव प्रभावित हो रहा है, वहीं सरसों पर माहू कीट का हमला हो गया है। साथ ही इस मौसम में आम के बागों में बौर फूटने की भी आशंका हो गई है। इससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि रबी में फसलों की अच्छी ग्रोथ के लिए 12 से 20 डिग्री सेल्सियस तापमान की आवश्यकता रहती है। अब रात का मौसम सर्द है। लेकिन दिन में अच्छी धूप होने के चलते गर्म हो रहा है। सर्दी कम होने के चलते गेहूं की फसल में फुटाव प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा रबी की दूसरी सबसे महत्वपूर्ण फसल सरसों पर भी मौसम में गर्मी होने के चलते माहू कीट के प्रकोप की आशंका बढ़ गई है। इसके अलावा आम के बागों पर भी दिन गर्म होने से बुरा प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि यदि कई दिन ओर ऐसा ही मौसम रहता है तो आम के पेड़ों में बौर तक फूट सकता है जबकि बौर फूटने का उचित समय फरवरी का महीना है। उन्होंने किसानों को फसलों में उचित नमी बनाए रखने की सलाह दी।
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सहारनपुर। मौसम में आ रहे उतार-चढ़ाव से रबी की फसलों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। इसके चलते जहां गेहूं में फुटाव प्रभावित हो रहा है, वहीं सरसों पर माहू कीट का हमला हो गया है। साथ ही इस मौसम में आम के बागों में बौर फूटने की भी आशंका हो गई है। इससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि रबी में फसलों की अच्छी ग्रोथ के लिए 12 से 20 डिग्री सेल्सियस तापमान की आवश्यकता रहती है। अब रात का मौसम सर्द है। लेकिन दिन में अच्छी धूप होने के चलते गर्म हो रहा है। सर्दी कम होने के चलते गेहूं की फसल में फुटाव प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा रबी की दूसरी सबसे महत्वपूर्ण फसल सरसों पर भी मौसम में गर्मी होने के चलते माहू कीट के प्रकोप की आशंका बढ़ गई है। इसके अलावा आम के बागों पर भी दिन गर्म होने से बुरा प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि यदि कई दिन ओर ऐसा ही मौसम रहता है तो आम के पेड़ों में बौर तक फूट सकता है जबकि बौर फूटने का उचित समय फरवरी का महीना है। उन्होंने किसानों को फसलों में उचित नमी बनाए रखने की सलाह दी।
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