{"_id":"59f8cc444f1c1bcd538ba56d","slug":"31509477444-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"देवबंद में डेंगू के डंक की जद में आने लगे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देवबंद में डेंगू के डंक की जद में आने लगे लोग
Updated Wed, 01 Nov 2017 12:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवबंद (सहारनपुर)। नगर में डेंगू बुखार ने पांव पसार लिए हैं। शिक्षक नगर में कालोनी में एक महिला की बुखार से मौत होने के बाद सोमवार की रात्रि में इंदिरा कालोनी एक किशोर को बुखार से पीड़ित होने पर प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया।
इंदिरा कालोनी निवासी संदीप चड्ढा का पुत्र सार्थक चड्ढा (15) को सोमवार की रात्रि में नगर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। संदीप के मुताबिक सार्थक को बुखार आया हुआ था। हालत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। सार्थक की प्लेट्स कम बताई गई है। वहीं, प्राइवेट अस्पतालों में रोजाना बुखार के सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। देहात क्षेत्र में भी यही हाल है। बता दें कि गत वर्ष सितंबर माह में डेंगू फैलने से करीब 50 लोगों की मौत हो गई थी। इस बात सितंबर की बजाए अक्तूबर के डेंगू बुखार ने पांव पसारा है। जबकि पिछले महीने के शुरू में स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू से बचाव को अभियान चलाया गया था। जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के घरों से डेंगू का लार्वा मिला था। बुखार फैलने का सबसे बड़ा कारण गंदगी भी है। नगर में गंदगी के ढेर पड़े होने के कारण लोग संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जबकि नगरपालिका मच्छरों से बचाव के लिए नगर में फोंगिंग व एंटी लार्वा का छिड़काव कराने का दावा कर रही है।
विज्ञापन
इंदिरा कालोनी निवासी संदीप चड्ढा का पुत्र सार्थक चड्ढा (15) को सोमवार की रात्रि में नगर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। संदीप के मुताबिक सार्थक को बुखार आया हुआ था। हालत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। सार्थक की प्लेट्स कम बताई गई है। वहीं, प्राइवेट अस्पतालों में रोजाना बुखार के सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। देहात क्षेत्र में भी यही हाल है। बता दें कि गत वर्ष सितंबर माह में डेंगू फैलने से करीब 50 लोगों की मौत हो गई थी। इस बात सितंबर की बजाए अक्तूबर के डेंगू बुखार ने पांव पसारा है। जबकि पिछले महीने के शुरू में स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू से बचाव को अभियान चलाया गया था। जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के घरों से डेंगू का लार्वा मिला था। बुखार फैलने का सबसे बड़ा कारण गंदगी भी है। नगर में गंदगी के ढेर पड़े होने के कारण लोग संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जबकि नगरपालिका मच्छरों से बचाव के लिए नगर में फोंगिंग व एंटी लार्वा का छिड़काव कराने का दावा कर रही है।
विज्ञापन