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हनुमान ने जला डाली रावण की सोने की लंका
Updated Wed, 27 Sep 2017 01:48 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। श्री विष्णु कला मंडल के तत्वावधान में सोमवार की रात हुई रामलीला में लंका दहन का मंचन किया गया। वहीं, श्रीराम जानकी सेवा समिति की लीला में श्रीराम के शबरी के आश्रम में पहुंचकर उसके झूठे बेर चाव से खाने का मंचन किया गया।
रामलीला में दिखाया गया कि हनुमान जी माता सीता की खोज में लंका पहुंचते हैं। वहां हनुमान द्वारा रावण के पुत्र अक्षय की मृत्यु तथा अशोक वाटिका के मंचन को दर्शकों ने खूब सराहा। हनुमान को पकड़कर रावण के दरबार में पेश किया जाता है। जहां रावण उनकी पूंछ में आग लगाने का आदेश देता है, जिसके बाद जलती पूंछ से हनुुमान जी पूरी लंका को जला डालते हैं। इस मौके पर नरेश मित्तल, विजेश कंसल, नितिन गुप्ता, गगन मित्तल आदि रहे। उधर, श्री राम जानकी सेवा समिति की रामलीला में माता सीता को खोजते हुए राम शबरी के आश्रम में पहुंचते हैं। जहां वह शबरी के झूठे बेर बड़े चाव से खाते हैं। बाद में सीता की खोज में किशकिंधा पर्वत पर पहुंचकर भगवान राम की हनुमान से मित्रता होती है। भगवान राम द्वारा बाली बंध का मंचन देख श्रोता जय जयकार करने लगे। इस मौके पर राजकुमार सर्राफ, लोकेश वत्स, अश्वनी मित्तल, नरेश शर्मा, शिवकांत शशि, विवेक तायल, राकेश गांगुली आदि रहे।
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रामलीला में दिखाया गया कि हनुमान जी माता सीता की खोज में लंका पहुंचते हैं। वहां हनुमान द्वारा रावण के पुत्र अक्षय की मृत्यु तथा अशोक वाटिका के मंचन को दर्शकों ने खूब सराहा। हनुमान को पकड़कर रावण के दरबार में पेश किया जाता है। जहां रावण उनकी पूंछ में आग लगाने का आदेश देता है, जिसके बाद जलती पूंछ से हनुुमान जी पूरी लंका को जला डालते हैं। इस मौके पर नरेश मित्तल, विजेश कंसल, नितिन गुप्ता, गगन मित्तल आदि रहे। उधर, श्री राम जानकी सेवा समिति की रामलीला में माता सीता को खोजते हुए राम शबरी के आश्रम में पहुंचते हैं। जहां वह शबरी के झूठे बेर बड़े चाव से खाते हैं। बाद में सीता की खोज में किशकिंधा पर्वत पर पहुंचकर भगवान राम की हनुमान से मित्रता होती है। भगवान राम द्वारा बाली बंध का मंचन देख श्रोता जय जयकार करने लगे। इस मौके पर राजकुमार सर्राफ, लोकेश वत्स, अश्वनी मित्तल, नरेश शर्मा, शिवकांत शशि, विवेक तायल, राकेश गांगुली आदि रहे।
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