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सहारनपुर में 3 की मौत: 'बाबा कहां से लाकर दूं आपका बच्चा', बिलखते रहे मृतकों के परिजन, ढांढस बंधाते रहे अफसर
Sun, 27 Apr 2025 12:53 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Sun, 27 Apr 2025 12:53 PM IST
सार
पटाखा फैक्टरी में विस्फोट: सहारनपुर के देवबंद में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट होने से तीन युवकों की जान चली गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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बेटे का शव दिखाने को कहते राहुल के पिता।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बाबा आपका बच्चा कहां से लाकर दूं.... ये शब्द निहालखेड़ी की फैक्टरी में हुए विस्फोटक के बाद पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों के थे। धमाके में जान गंवाने वाले लोगों के परिजन अपनों के शव देखने के लिए अधिकारियों से गुहार लगाते रहे।
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विलाप करते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
निहालखेड़ी पटाखा फैक्टरी में विस्फोट के बाद परिजन रोते बिलखते मौके पर पहुंचे। मृतकों के परिजन अपने बच्चों के शवों को देखने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाते रहे, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी बेबस होकर परिजनों की गुहार सुनते रहे। शव देखने की मांग का किसी भी अधिकारी के पास कोई जवाब नहीं था। मौके पर मौजूद अधिकारी मृतकों के परिजनों को मात्र समझाते रहे।
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बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
इस पर परिजन बार-बार फैक्टरी के भीतर जाने की कोशिश करते। मौके पर मौजूद पुलिस बल उन्हें फैक्टरी के भीतर जाने से रोकता। परिजनों के आंसुओं को देखकर हर कोई गम में खो गया। अपनों के शरीर के टुकड़े देखकर उनके आंसू बहते रहे।
भारी मात्रा में बरामद हुआ बारूद।
- फोटो : अमर उजाला
प्रतिबंधित बारूद के मिले बोरे, यही बने विस्फोट की वजह
पटाखा फैक्टरी में प्रतिबंधित माचिस की तीली पर लगने वाले मसाले का प्रयोग किया जा रहा था। माचिस की तीली पर लगा मसाला अत्यंत ज्वलनशील होता है। प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया कि माचिस की तीली पर लगा मसाला विस्फोट की वजह बना है।
पटाखा फैक्टरी में प्रतिबंधित माचिस की तीली पर लगने वाले मसाले का प्रयोग किया जा रहा था। माचिस की तीली पर लगा मसाला अत्यंत ज्वलनशील होता है। प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया कि माचिस की तीली पर लगा मसाला विस्फोट की वजह बना है।
विस्फोट से लिंटर और दीवारों में आई दरारें।
- फोटो : अमर उजाला
जिले में करीब 100 लाइसेंस हैं। इनमें से पटाखा बनाने के 40 लाइसेंस हैं। आयुध अधिकारी की ओर से 15 किलो का लाइसेंस जारी होता है। निहालखेड़ी की पटाखा फैक्टरी का लाइसेंस भी 15 किलो का ही था। एक समय में 15 किलोग्राम का मसाला तैयार कर आतिशबाजी तैयार कर सकते हैं। 15 किलोग्राम खत्म होने के बाद दोबारा से उतनी ही मात्रा में मसाला तैयार कर सकते हैं। अगर इससे अधिक मसाला तैयार करते हैं तो वह मानकों का उल्लंघन है।
विलाप करते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
मेरी बात मान लेता तो बच जाती भाई की जान
पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट ने तीन परिवारों को उजाड़कर रख दिया। राहुल के घर पर तीन माह पहले बेटा हुआ था। उसे लेकर परिवार में खुशी का माहौल था। बड़े भाई ने उसे ड्यूटी से छुट्टी लेने के लिए कहा था, लेकिन राहुल नहीं माना। विशाल की पिछले सप्ताह सगाई हुई थी। परिवार उसकी शादी की तैयारियों में जुटा था, लेकिन इससे पहले ही मौत ने झपट्टा मार दिया।
पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट ने तीन परिवारों को उजाड़कर रख दिया। राहुल के घर पर तीन माह पहले बेटा हुआ था। उसे लेकर परिवार में खुशी का माहौल था। बड़े भाई ने उसे ड्यूटी से छुट्टी लेने के लिए कहा था, लेकिन राहुल नहीं माना। विशाल की पिछले सप्ताह सगाई हुई थी। परिवार उसकी शादी की तैयारियों में जुटा था, लेकिन इससे पहले ही मौत ने झपट्टा मार दिया।
धमाके से आई दरारें, बिखरा पड़ा था बारूद
विस्फोट से फैक्टरी में बने कमरे के लिंटर और दीवारों में दरारें आ गईं, जबकि बाहर बनी एक दीवार धराशायी हो गई। कई दरवाजे और लोहे के जाल उखड़ गए। फैक्टरी के अंदर और बाहर बारूद बिखरा हुआ था। कुछ पटाखों का अधबना माल भी वहां पड़ा हुआ मिला। फोरेंसिक टीम ने बहुत ही बारीकी से वहां से सबूत जुटाए। ग्रामीणों का आरोप था कि वहां छोटे नहीं, बल्कि बड़े बम तैयार किए जा रहे हैं। हालांकि विस्फोट को लेकर अधिकारी अभी कुछ भी नहीं बता पा रहे हैं। उनका कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इसके कारणों का पता चल पाएगा।
विस्फोट से फैक्टरी में बने कमरे के लिंटर और दीवारों में दरारें आ गईं, जबकि बाहर बनी एक दीवार धराशायी हो गई। कई दरवाजे और लोहे के जाल उखड़ गए। फैक्टरी के अंदर और बाहर बारूद बिखरा हुआ था। कुछ पटाखों का अधबना माल भी वहां पड़ा हुआ मिला। फोरेंसिक टीम ने बहुत ही बारीकी से वहां से सबूत जुटाए। ग्रामीणों का आरोप था कि वहां छोटे नहीं, बल्कि बड़े बम तैयार किए जा रहे हैं। हालांकि विस्फोट को लेकर अधिकारी अभी कुछ भी नहीं बता पा रहे हैं। उनका कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इसके कारणों का पता चल पाएगा।
डेढ़ घंटा बाद होता विस्फोट तो जातीं दर्जनों जानें
जिस पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हुआ, उसमें दिन के समय 30 से 40 मजदूर काम करते हैं। अगर यह हादसा डेढ़ घंटे बाद हुआ होता तो इसमें दर्जनों मौतें हुई होतीं।
मृतक के परिजनों को मुआवजे की मांग
हादसे का शिकार हुए तीनों कर्मचारियों को लेकर नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मुआवजे की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट पर हादसे को दुखद बताते हुए लिखा कि कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा यूपी कांग्रेस की तरफ से भी घटना को दुखद बताया गया है।
जिस पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हुआ, उसमें दिन के समय 30 से 40 मजदूर काम करते हैं। अगर यह हादसा डेढ़ घंटे बाद हुआ होता तो इसमें दर्जनों मौतें हुई होतीं।
मृतक के परिजनों को मुआवजे की मांग
हादसे का शिकार हुए तीनों कर्मचारियों को लेकर नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मुआवजे की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट पर हादसे को दुखद बताते हुए लिखा कि कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा यूपी कांग्रेस की तरफ से भी घटना को दुखद बताया गया है।
ये बोले एसएसपी
प्राथमिक जांच में आया है कि मानक से ज्यादा बारूद रखा गया था, जिस कारण यह हादसा हुआ है। फैक्टरी मालिक और उसके दोनों बेटों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
- रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
प्राथमिक जांच में आया है कि मानक से ज्यादा बारूद रखा गया था, जिस कारण यह हादसा हुआ है। फैक्टरी मालिक और उसके दोनों बेटों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
- रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी