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शरीर है अक्षम, पर आस्था में दम
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सहारनपुर। राधा स्वामी सत्संग व्यास में आस्था का ज्वार उमड़ रहा है। नाम दान लेने और बाबा के दर्शन की इच्छा मन में लिए लाखों अनुयायी खिंचे चले आ रहे हैं। शारीरिक अक्षमता भी अनुयायियों को रोक नहीं पा रही है। बस तमन्ना है, सत्संग व्यास के डेरा प्रमुख बाबाजी के दर्शन हो जाएं और उनके मुख से निकले वाक्य को आत्मसात कर लें।
पिलखनी स्थित राधा स्वामी सत्संग व्यास केंद्र पर मंगलवार को बाबाजी ने दर्शन दिए और सवालों के जवाब देकर शंका समाधान किया। इसके बाद सत्संग केंद्र से बाहर निकलते अनुयायियों की भीड़ में शामिल लोगों को देखकर सहज ही आस्था का पता चल रहा था। हरियाणा के यमुनानगर की रहने वाली सत्या रानी को एक सेवादार तथा उनके परिवार के लोग व्हील चेयर पर बैठाकर ले जा रहे थे। 70 साल से ज्याद उम्र वाली सत्या रानी का कहना था कि वह 41 साल से राधा स्वामी सत्संग से जुड़ी हैं। हर बार सत्संग में बाबा के प्रवचन सुनने पहुंचती हैं। इसी तरह हरियाणा के जनपद करनाल स्थित इंदरी निवासी कमलेश का कहना था कि बाबाजी के सत्संग से अच्छाई का मार्ग मिला, जिससे जीवन में बदलाव आया, अब शरीर सक्षम नहीं है, लेकिन सत्संग में पहुंचे बगैर रहा नहीं गया। इनकी तरह ही अन्य भी बहुत से अनुयायी व्हील चेयर पर आते मिले। उन सभी का यही कहना था कि बाबाजी किसी से कुछ लेते नहीं, बल्कि सच्चे गुरु के रूप में उस रास्ते पर ले जाते हैं, जिससे दुनियावी झंझटों से मुक्ति मिलती है।
ताकि बच्चों में सत्संग के प्रति पैदा हो भाव
राधा स्वामी सत्संग केंद्र में मंगलवार को ऐसे अनुयायी भी पहुंचे, जिन हाल फिलहाल में शादी हुई। साथ ही बहुत से अनुयायी अपने छोटे बच्चों को भी साथ लेकर आए। अंबाला निवासी पूनम अपने जुड़वा बेटे अविरथ और देवरथ को साथ लेकर परिवार सहित सत्संग में पहुंची। अनुयायियों का कहना था कि बच्चों को इसलिए सत्संग में लाए, ताकि उन्हें भी अभी से सत्संग में शामिल होने का भाव पैदा हो सके और बड़े होने तक उनमें ऐसे संस्कार समा जाए, ताकि बुरे विचारों से दूर रह सकें।
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पिलखनी स्थित राधा स्वामी सत्संग व्यास केंद्र पर मंगलवार को बाबाजी ने दर्शन दिए और सवालों के जवाब देकर शंका समाधान किया। इसके बाद सत्संग केंद्र से बाहर निकलते अनुयायियों की भीड़ में शामिल लोगों को देखकर सहज ही आस्था का पता चल रहा था। हरियाणा के यमुनानगर की रहने वाली सत्या रानी को एक सेवादार तथा उनके परिवार के लोग व्हील चेयर पर बैठाकर ले जा रहे थे। 70 साल से ज्याद उम्र वाली सत्या रानी का कहना था कि वह 41 साल से राधा स्वामी सत्संग से जुड़ी हैं। हर बार सत्संग में बाबा के प्रवचन सुनने पहुंचती हैं। इसी तरह हरियाणा के जनपद करनाल स्थित इंदरी निवासी कमलेश का कहना था कि बाबाजी के सत्संग से अच्छाई का मार्ग मिला, जिससे जीवन में बदलाव आया, अब शरीर सक्षम नहीं है, लेकिन सत्संग में पहुंचे बगैर रहा नहीं गया। इनकी तरह ही अन्य भी बहुत से अनुयायी व्हील चेयर पर आते मिले। उन सभी का यही कहना था कि बाबाजी किसी से कुछ लेते नहीं, बल्कि सच्चे गुरु के रूप में उस रास्ते पर ले जाते हैं, जिससे दुनियावी झंझटों से मुक्ति मिलती है।
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ताकि बच्चों में सत्संग के प्रति पैदा हो भाव
राधा स्वामी सत्संग केंद्र में मंगलवार को ऐसे अनुयायी भी पहुंचे, जिन हाल फिलहाल में शादी हुई। साथ ही बहुत से अनुयायी अपने छोटे बच्चों को भी साथ लेकर आए। अंबाला निवासी पूनम अपने जुड़वा बेटे अविरथ और देवरथ को साथ लेकर परिवार सहित सत्संग में पहुंची। अनुयायियों का कहना था कि बच्चों को इसलिए सत्संग में लाए, ताकि उन्हें भी अभी से सत्संग में शामिल होने का भाव पैदा हो सके और बड़े होने तक उनमें ऐसे संस्कार समा जाए, ताकि बुरे विचारों से दूर रह सकें।
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