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शराब और महिला हिंसा सबसे बड़ी समस्या : मेधा पाटकर
Updated Sun, 09 Dec 2018 12:16 AM IST
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चिलकाना (सहारनपुर)। नर्मदा बचाओ आंदोलन से जुड़ी हुई सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री मेधा पाटकर ने कहा कि लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, समता और न्याय के लिए असमानता, हिंसा और संसाधनों की लूट के खिलाफ देशव्यापी संविधान सम्मान यात्रा की शुरूआत गुजरात के दांडी से की गई है। यह यात्रा अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस 10 दिसंबर को दिल्ली पहुंच कर समाप्त होगी। शनिवार को सुल्तानपुर के दिशा कैंपस में संविधान सम्मान यात्रा जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय दिल्ली तथा महिला मजदूर एवं लघु किसान मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन में मेधा पाटकर ने कहा कि देश में शराब तथा महिला हिंसा का मुद्दा छाया हुआ है। शराब के कारण ही बहुत सारी समस्याएं पैदा हो रही हैं, जिससे समाज में अव्यवस्था फैल रही है। उन्होंने कहा कि जल-जंगल-जमीन तथा अन्य प्राकृतिक संसाधनों की कारपोरेट लूट विकास के नाम पर जारी है। जन मानस का ध्यान भटकाने के लिए राष्ट्रवाद का मुलम्मा तथा धार्मिक अंधत्व सत्ताधारी दल के इशारे पर हो रहा है। सरकार जनता को मंदिर-मस्जिद मुद्दों पर भटका रही है।
उन्होंने कहा कि संविधान बचाओ यात्रा देश के 26 राज्यों से होती हुई 65 दिन बाद 10 दिसंबर को दिल्ली में समाप्त होगी। इस यात्रा में लोगों को बताया गया कि संविधान को मानते हुए इस देश को एक रखना है। कुछ लोग संविधान को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोग असमानता के पक्षधर हैं। किसानों तथा मजदूरों को उनका हक मिलना चाहिए। गुजरात से आए कृष्णकांत ने कहा कि संविधान बचाओ यात्रा का समापन मानवता की बात के साथ दिल्ली में होगा। उन्होंने कहा कि हमारे संविधान के मौलिक मूल्यों, बराबरी, बंधुत्व, धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद को न मानने वाले सत्ता पर काबिज है तथा कोशिश कर रहे हैं कि कैसे देश के मौलिक चरित्र को ही बदल दिया जाए।
दिशा संगठन के संयोजक केएन तिवारी ने कहा कि संविधान सम्मान यात्रा देश में एकता, भाईचारा तथा समानता को बनाए रखने के लिए शुरू की गई है। इस यात्रा में देश के विभिन्न सामाजिक संगठन शामिल हो रहे हैं तथा इस यात्रा को अपना समर्थन दे रहे हैं। यात्रा में शामिल संजय सिंह, नगर विधायक संजय गर्ग, अरुंधती धुरू, भूपेन्द्र रावत, उमा, उमेश, आर्यन, शरद, अरुण, तपन, राजीव याद, वंदना आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सुल्तानपुर में संविधान सम्मान यात्रा के पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान बालकृष्ण शर्मा, इकराम लाला, सीताराम सैनी, निर्मला, रेहाना अदीब, जयपाल सैनी, चमन लाला, जाह्नवी तिवारी, आकाश काशी, शाहीन, नसीमा, सुरेशो, ऋचा, धूम सिंह, रूबिना, मानवी, अरुण कुमार, राजो देवी, तसनीम सहित सैकडंों स्त्री-पुरुष शामिल थे। सम्मेलन की अध्यक्षता चेयरमैन अकबर कुरैशी ने की तथा संचालन तसनीम ने किया।
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उन्होंने कहा कि संविधान बचाओ यात्रा देश के 26 राज्यों से होती हुई 65 दिन बाद 10 दिसंबर को दिल्ली में समाप्त होगी। इस यात्रा में लोगों को बताया गया कि संविधान को मानते हुए इस देश को एक रखना है। कुछ लोग संविधान को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोग असमानता के पक्षधर हैं। किसानों तथा मजदूरों को उनका हक मिलना चाहिए। गुजरात से आए कृष्णकांत ने कहा कि संविधान बचाओ यात्रा का समापन मानवता की बात के साथ दिल्ली में होगा। उन्होंने कहा कि हमारे संविधान के मौलिक मूल्यों, बराबरी, बंधुत्व, धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद को न मानने वाले सत्ता पर काबिज है तथा कोशिश कर रहे हैं कि कैसे देश के मौलिक चरित्र को ही बदल दिया जाए।
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दिशा संगठन के संयोजक केएन तिवारी ने कहा कि संविधान सम्मान यात्रा देश में एकता, भाईचारा तथा समानता को बनाए रखने के लिए शुरू की गई है। इस यात्रा में देश के विभिन्न सामाजिक संगठन शामिल हो रहे हैं तथा इस यात्रा को अपना समर्थन दे रहे हैं। यात्रा में शामिल संजय सिंह, नगर विधायक संजय गर्ग, अरुंधती धुरू, भूपेन्द्र रावत, उमा, उमेश, आर्यन, शरद, अरुण, तपन, राजीव याद, वंदना आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सुल्तानपुर में संविधान सम्मान यात्रा के पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान बालकृष्ण शर्मा, इकराम लाला, सीताराम सैनी, निर्मला, रेहाना अदीब, जयपाल सैनी, चमन लाला, जाह्नवी तिवारी, आकाश काशी, शाहीन, नसीमा, सुरेशो, ऋचा, धूम सिंह, रूबिना, मानवी, अरुण कुमार, राजो देवी, तसनीम सहित सैकडंों स्त्री-पुरुष शामिल थे। सम्मेलन की अध्यक्षता चेयरमैन अकबर कुरैशी ने की तथा संचालन तसनीम ने किया।
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