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पूरी क्षमता से पेराई न करने पर तीन मिलों को नोटिस
Updated Mon, 19 Nov 2018 12:05 AM IST
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पूरी क्षमता से पेराई न करने पर तीन मिलों को नोटिस
सहारनपुर। क्षमता से कम गन्ना खरीद रही चीनी मिलों पर गन्ना विभाग ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। गन्ना उपायुक्त ने जनपद की तीन शुगर मिलों को नोटिस जारी करते हुए पूरी पेराई क्षमता के अनुरूप गन्ना खरीदने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी चीनी मिल अपनी पेराई क्षमता के 92 प्रतिशत से अधिक गन्ना खरीद करें।
जिले में गागलहेडी को छोड़कर अन्य पांच चीनी मिलों ने अपना पेराई सत्र शुरू कर दिया है। लेकिन मिलों ने अभी तक भी पेराई क्षमता के अनुरूप गन्ना खरीद शुरू नहीं की है। इसके चलते किसानों को पर्याप्त संख्या में पर्चियां नहीं मिल रही हैं। गन्ने का खेत खाली नहीं होने से किसानों के सामने गेहूं बुआई पछेती होने की समस्या पैदा हो गई है। 17 नवंबर के आंकड़ों के अनुसार पांच मिलों में देवबंद 60 प्रतिशत, गांगनौली 60 प्रतिशत और शेरमऊ 40 प्रतिशत क्षमता के अनुरूप गन्ना खरीद कर रही हैं जबकि नानौता 96 और सरसावा की गन्ना खरीद क्षमता की 101.82 फीसदी है। गागलहेडी स्थित दया शुगर मिल ने गन्ना पेराई शुरू नहीं की है।
भाकियू के जिला महामंत्री चौधरी अशोक कुमार, गांव उमरी खुर्द के नेत्रपाल सिंह और हलगोवा के जियाउल हक का कहना है कि चीनी मिलों के पूरी क्षमता के नहीं चलने से गन्ने के खेत देरी से खाली होंगे। इससे गेहूं की बुआई पछेती होने की आशंका है। इसलिए सभी शुगर मिलों को अपनी पूरी क्षमता से चलना चाहिए ताकि गन्ना खरीद बढ सके।
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अपनी पूरी क्षमता के अनुरूप गन्ना पेराई नहीं करने वाली जिले की तीन मिलों को नोटिस जारी किए गए हैं। गन्ना आयुक्त का निर्देश है कि सभी मिलें अपनी क्षमता के 92 प्रतिशत से अधिक पेराई क्षमता का उपयोग करें। - डॉक्टर दिनेश्वर मिश्र, गन्ना उपायुक्त।
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सहारनपुर। क्षमता से कम गन्ना खरीद रही चीनी मिलों पर गन्ना विभाग ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। गन्ना उपायुक्त ने जनपद की तीन शुगर मिलों को नोटिस जारी करते हुए पूरी पेराई क्षमता के अनुरूप गन्ना खरीदने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी चीनी मिल अपनी पेराई क्षमता के 92 प्रतिशत से अधिक गन्ना खरीद करें।
जिले में गागलहेडी को छोड़कर अन्य पांच चीनी मिलों ने अपना पेराई सत्र शुरू कर दिया है। लेकिन मिलों ने अभी तक भी पेराई क्षमता के अनुरूप गन्ना खरीद शुरू नहीं की है। इसके चलते किसानों को पर्याप्त संख्या में पर्चियां नहीं मिल रही हैं। गन्ने का खेत खाली नहीं होने से किसानों के सामने गेहूं बुआई पछेती होने की समस्या पैदा हो गई है। 17 नवंबर के आंकड़ों के अनुसार पांच मिलों में देवबंद 60 प्रतिशत, गांगनौली 60 प्रतिशत और शेरमऊ 40 प्रतिशत क्षमता के अनुरूप गन्ना खरीद कर रही हैं जबकि नानौता 96 और सरसावा की गन्ना खरीद क्षमता की 101.82 फीसदी है। गागलहेडी स्थित दया शुगर मिल ने गन्ना पेराई शुरू नहीं की है।
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भाकियू के जिला महामंत्री चौधरी अशोक कुमार, गांव उमरी खुर्द के नेत्रपाल सिंह और हलगोवा के जियाउल हक का कहना है कि चीनी मिलों के पूरी क्षमता के नहीं चलने से गन्ने के खेत देरी से खाली होंगे। इससे गेहूं की बुआई पछेती होने की आशंका है। इसलिए सभी शुगर मिलों को अपनी पूरी क्षमता से चलना चाहिए ताकि गन्ना खरीद बढ सके।
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अपनी पूरी क्षमता के अनुरूप गन्ना पेराई नहीं करने वाली जिले की तीन मिलों को नोटिस जारी किए गए हैं। गन्ना आयुक्त का निर्देश है कि सभी मिलें अपनी क्षमता के 92 प्रतिशत से अधिक पेराई क्षमता का उपयोग करें। - डॉक्टर दिनेश्वर मिश्र, गन्ना उपायुक्त।