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उर्दू सुलेख के इतिहास व कैलीग्राफी की महता पर प्रकाश डाला
Updated Fri, 07 Sep 2018 12:30 AM IST
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उर्दू सुलेख में आसिफा ने बाजी मारी
देवबंद। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में उर्दू विभाग द्वारा उर्दू सुलेख कार्यशाला का आयोजन किया गया। अतिथियों ने कहा कि जिस प्रकार उर्दू भाषा में दूसरी भाषाओं से बहुत से शब्द घुल मिलकर एक हो गए हैं उसी प्रकार सभी धर्मों के लोगों को मिल जुलकर राष्ट्र के निर्माण में भागीदार बनना चाहिए।
प्राचार्य डा. गौरव बालियान और उर्दू विभाग के हेड डा. इफ्तेखार अहमद कादरी ने उर्दू सुलेख के इतिहास और वर्तमान में कैलीग्राफी की महत्ता पर प्रकाश डाला। रिजवान सलमानी ने छात्रों को उर्दू सुलेख के प्रति प्रेरित किया। मौलाना महमूदुलरर्हमान ने उर्दू भाषा के विकास एवं उर्दू सुलेख की विशेषता पर प्रकाश डाला। अरशद सिद्दीकी ने छात्रों को कामयाबी के साथ-साथ उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। राशिद कैसर ने छात्रों को उर्दू सुलेख की बारीकियां समझाते हुए उनका अभ्यास कराया। प्रतियोगिता में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा आसिफा प्रथम, इसी कक्षा का छात्र सुफियान द्वितीय और बीए तृतीय वर्ष की सबिया तृतीय स्थान पर रही। अतिथियों ने छात्रों को स्मृति चिह्न देकर पुरस्कृत किया। इस मौके पर डा. कुसुमलता, टीना, विनीत अहलावत, विकास शर्मा, लोकेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
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देवबंद। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में उर्दू विभाग द्वारा उर्दू सुलेख कार्यशाला का आयोजन किया गया। अतिथियों ने कहा कि जिस प्रकार उर्दू भाषा में दूसरी भाषाओं से बहुत से शब्द घुल मिलकर एक हो गए हैं उसी प्रकार सभी धर्मों के लोगों को मिल जुलकर राष्ट्र के निर्माण में भागीदार बनना चाहिए।
प्राचार्य डा. गौरव बालियान और उर्दू विभाग के हेड डा. इफ्तेखार अहमद कादरी ने उर्दू सुलेख के इतिहास और वर्तमान में कैलीग्राफी की महत्ता पर प्रकाश डाला। रिजवान सलमानी ने छात्रों को उर्दू सुलेख के प्रति प्रेरित किया। मौलाना महमूदुलरर्हमान ने उर्दू भाषा के विकास एवं उर्दू सुलेख की विशेषता पर प्रकाश डाला। अरशद सिद्दीकी ने छात्रों को कामयाबी के साथ-साथ उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। राशिद कैसर ने छात्रों को उर्दू सुलेख की बारीकियां समझाते हुए उनका अभ्यास कराया। प्रतियोगिता में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा आसिफा प्रथम, इसी कक्षा का छात्र सुफियान द्वितीय और बीए तृतीय वर्ष की सबिया तृतीय स्थान पर रही। अतिथियों ने छात्रों को स्मृति चिह्न देकर पुरस्कृत किया। इस मौके पर डा. कुसुमलता, टीना, विनीत अहलावत, विकास शर्मा, लोकेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
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