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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां जोरों पर
Updated Wed, 20 Jun 2018 12:44 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। भायला के योग महाविद्यालय में पतंजलि योगपीठ की तर्ज पर ही लोगों को योग सिखाया जाता है। महाविद्यालय में देश के ही नहीं विदेशी मेहमान भी योग क्रियाएं सीखने आते हैं। 21 जून को होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारी महाविद्यालय में पिछले कई दिनों से चल रही है।
महाविद्यालय के योगाचार्य राजपाल सिंह ने बताया कि वह 1968 से लोगों को योग सिखाते आ रहे हैं। गर्मी की अपेक्षा सर्दियों जनवरी व फरवरी में योग सीखने वालों की संख्या में एकाएक इजाफा हो जाता है। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में देश के कोने-कोने से ही नहीं बल्कि चीन, जर्मनी, इंग्लैड, कनाडा और इजराइल आदि देशों से भी मेहमान योग क्रियाएं सीखने आते हैं। उन्हें पतंजलि योगपीठ की तर्ज पर ही योगा सिखाया जाता है। राजपाल सिंह ने बताया कि विदेशी मेहमानों में चीन के मेहमानों की संख्या सर्वाधिक होती है। चीन के लोग योग में ज्यादा रुचि लेते हैं। उनके करीब 100 से अधिक साधक ऐसे हैं जो विदेशों में योग सिखा रहे हैं। बताया कि निरोगी काया रखने के लिए योग बेहद जरूरी है। गंभीर बीमारियां पर योग के माध्यम से दूर की जा सकती है। इसलिए लोगों को अपनी दिनचर्या में योग को भी शामिल करना चाहिए। योग क्रियाएं करने से जहां शरीर तंदरुस्त रहता है वहीं मनुष्य को तनाव से भी मुक्ति मिलती है। वहीं, शिक्षण संस्थाओं में भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां आरंभ हो गई हैं।
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महाविद्यालय के योगाचार्य राजपाल सिंह ने बताया कि वह 1968 से लोगों को योग सिखाते आ रहे हैं। गर्मी की अपेक्षा सर्दियों जनवरी व फरवरी में योग सीखने वालों की संख्या में एकाएक इजाफा हो जाता है। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में देश के कोने-कोने से ही नहीं बल्कि चीन, जर्मनी, इंग्लैड, कनाडा और इजराइल आदि देशों से भी मेहमान योग क्रियाएं सीखने आते हैं। उन्हें पतंजलि योगपीठ की तर्ज पर ही योगा सिखाया जाता है। राजपाल सिंह ने बताया कि विदेशी मेहमानों में चीन के मेहमानों की संख्या सर्वाधिक होती है। चीन के लोग योग में ज्यादा रुचि लेते हैं। उनके करीब 100 से अधिक साधक ऐसे हैं जो विदेशों में योग सिखा रहे हैं। बताया कि निरोगी काया रखने के लिए योग बेहद जरूरी है। गंभीर बीमारियां पर योग के माध्यम से दूर की जा सकती है। इसलिए लोगों को अपनी दिनचर्या में योग को भी शामिल करना चाहिए। योग क्रियाएं करने से जहां शरीर तंदरुस्त रहता है वहीं मनुष्य को तनाव से भी मुक्ति मिलती है। वहीं, शिक्षण संस्थाओं में भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां आरंभ हो गई हैं।
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