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अयोध्या विवाद पर बंद होनी चाहिए गैर जरुरी बयानबाजी: सालिम
Updated Tue, 27 Mar 2018 11:57 PM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। श्री रामजन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के बयान को लेकर देवबंदी उलमा ने नाराजगी का इजहार किया है। उनका कहना है कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, कोर्ट इस पर जो भी फैसला सुनाएगी वो सबको स्वीकार होना चाहिए। बिना वजह इस पर बयानबाजी कर मामले को तूल दिया जा रहा है।
महंत नृत्य गोपाल दास का कहना है कि अगले चार माह में अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण आरंभ हो जाएगा। चाहे सुप्रीम कोर्ट का फैसला कुछ भी हो। इस पर पलटवार करते हुए मदरसा दारुल उलूम अशरफिया के मोहतमिम मौलाना सालिम अशरफ कासमी का कहना है कि महंत नृत्य गोपाल दास के बयान से लग रहा है कि वो बेहद निराश हैं और उनको पता है कि अदालत का फैसला क्या होगा। इसलिए वे इस प्रकार की बयानबाजी कर माहौल को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महंत नृत्य गोपाल दास या फिर कोई दूसरा न्यायालय में विचाराधीन मामले में गलत बयानबाजी कर रहे हैं। जिससे मुल्क का माहौल खराब होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में अदालतों और केंद्र सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वो इस तरह के लोगों के बयानों को संज्ञान लेकर इन पर कार्रवाई करने की दिशा में ठोस कदम उठाए। ताकि देश की एकता व अखंडता को खंडित होने से बचाया जा सके।
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महंत नृत्य गोपाल दास का कहना है कि अगले चार माह में अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण आरंभ हो जाएगा। चाहे सुप्रीम कोर्ट का फैसला कुछ भी हो। इस पर पलटवार करते हुए मदरसा दारुल उलूम अशरफिया के मोहतमिम मौलाना सालिम अशरफ कासमी का कहना है कि महंत नृत्य गोपाल दास के बयान से लग रहा है कि वो बेहद निराश हैं और उनको पता है कि अदालत का फैसला क्या होगा। इसलिए वे इस प्रकार की बयानबाजी कर माहौल को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महंत नृत्य गोपाल दास या फिर कोई दूसरा न्यायालय में विचाराधीन मामले में गलत बयानबाजी कर रहे हैं। जिससे मुल्क का माहौल खराब होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में अदालतों और केंद्र सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वो इस तरह के लोगों के बयानों को संज्ञान लेकर इन पर कार्रवाई करने की दिशा में ठोस कदम उठाए। ताकि देश की एकता व अखंडता को खंडित होने से बचाया जा सके।
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