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स्तनपान कराना बच्चे के साथ ही मां के लिए भी वरदान
Updated Sun, 21 Jan 2018 12:10 AM IST
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सहारनपुर। चिकित्सा विभाग के आंकड़ों के अनुसार बच्चे को स्तनपान कराने में ग्रामीण महिलाएं शहरी महिलाओं से अधिक जागरूक हैं। महिला चिकित्सकों की मानें तो स्तनपान कराना एक ओर जहां बच्चे के लिए लाभकारी है, वहीं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर, ओवेरियन कैंसर, मधुमेह और डिप्रेशन जैसी समस्याएं होने की आशंका कम हो जाती है।
वरिष्ठ महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. नैना मिगलानी बताती हैं कि मां का दूध बच्चे के लिए अमृत के समान होता है। मां के दूध में अनेक पोषक तत्व होते हैं, जो बच्चों को रोगों से लड़ने की शक्ति देते हैं। मां का दूध पीने वाले बच्चे कम बीमार पड़ते हैं। ऐसे में महिलाओं को पहले छह महीने बच्चे को केवल अपना दूध पिलाना चाहिए। शुरूआती दूध पीले रंग का होता है, जिसे कोलोस्ट्रम भी कहते हैं। इसमें विटामिन्स की मात्रा अधिक होती है। यदि सामान्य डिलीवरी हुई है तो बच्चे को आधा घंटे और यदि ऑपरेशन से डिलीवरी है तो चार से पांच घंटे के भीतर स्तनपान कराना चाहिए।
स्तनपान से मां और बच्चे को लाभ
- स्तनपान कराना गर्भ निरोधक का काम करता है, क्योंकि ऐसी महिलाओं को मासिक धर्म हर महीने होता है। ऐसे में गर्भवती होने की गुंजाइश कम रहती है।
- स्तनपान कराने वाली महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर, ओवेरियन कैंसर, हाई बल्ड प्रेशर, मधुमेह, खून का कैंसर का खतरा कम होता है।
- स्तनपान कराने से डिप्रेशन की समस्या नहीं रहती साथ ही बच्चे के साथ भावनात्मक लगाव अधिक होता है।
- स्तनपान कराने से डिलीवरी के बाद बढ़ने वाला वजन नहीं बढ़ता, क्योंकि चार सौ से पांच सौ कैलोरी रोज बर्न होती है।
- स्तनपान की वजह से महिलाओं में निकलने वाले हार्मोंस बच्चेदानी को अपने पूर्व आकार में लाने में मदद करते हैं।
- मां का दूध पीने वाले बच्चों के दिमाग का सही विकास होता है।
- महिलाओं में आयरन की कमी नहीं रहती।
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वरिष्ठ महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. नैना मिगलानी बताती हैं कि मां का दूध बच्चे के लिए अमृत के समान होता है। मां के दूध में अनेक पोषक तत्व होते हैं, जो बच्चों को रोगों से लड़ने की शक्ति देते हैं। मां का दूध पीने वाले बच्चे कम बीमार पड़ते हैं। ऐसे में महिलाओं को पहले छह महीने बच्चे को केवल अपना दूध पिलाना चाहिए। शुरूआती दूध पीले रंग का होता है, जिसे कोलोस्ट्रम भी कहते हैं। इसमें विटामिन्स की मात्रा अधिक होती है। यदि सामान्य डिलीवरी हुई है तो बच्चे को आधा घंटे और यदि ऑपरेशन से डिलीवरी है तो चार से पांच घंटे के भीतर स्तनपान कराना चाहिए।
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स्तनपान से मां और बच्चे को लाभ
- स्तनपान कराना गर्भ निरोधक का काम करता है, क्योंकि ऐसी महिलाओं को मासिक धर्म हर महीने होता है। ऐसे में गर्भवती होने की गुंजाइश कम रहती है।
- स्तनपान कराने वाली महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर, ओवेरियन कैंसर, हाई बल्ड प्रेशर, मधुमेह, खून का कैंसर का खतरा कम होता है।
- स्तनपान कराने से डिप्रेशन की समस्या नहीं रहती साथ ही बच्चे के साथ भावनात्मक लगाव अधिक होता है।
- स्तनपान कराने से डिलीवरी के बाद बढ़ने वाला वजन नहीं बढ़ता, क्योंकि चार सौ से पांच सौ कैलोरी रोज बर्न होती है।
- स्तनपान की वजह से महिलाओं में निकलने वाले हार्मोंस बच्चेदानी को अपने पूर्व आकार में लाने में मदद करते हैं।
- मां का दूध पीने वाले बच्चों के दिमाग का सही विकास होता है।
- महिलाओं में आयरन की कमी नहीं रहती।