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किसान विरोधी नीतियों के विरोध में सड़कों पर उतरेगी भाकियू
Updated Fri, 29 Dec 2017 12:09 AM IST
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किसान विरोधी नीतियों के विरोध में सड़कों पर उतरेगी भाकियू
गंगोह (सहारनपुर)। गांव सलारपुरा में आहूत भाकियू अंबावत की बैठक में प्रदेश सरकार पर किसानों का उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाते हुए सड़कों पर उतरकर आंदोलन की चेतावनी दी गई।
बैठक में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अर्जुन सिंह राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार विभिन्न प्रचार माध्यमों के द्वारा किसानों की आय दोगुना करने के दावे कर रही है जबकि वास्तविक स्थिति इससे उलट है। कहा कि सरकार ने दस दिनों के भीतर गन्ने का पैसा दिलाने का वादा किया था लेकिन आज तक सरकार पिछला बकाया तक नही दिला सकी है। गन्ने का रेट मात्र 10 रुपये बढ़ाकर किसानों का अपमान ही किया गया है। सरकारी रेट पर धान खरीद नही की गई और किसान को सस्ते रेट में धान बेचने का मजबूर होना पड़ा। उधर, बिजली का रेट बढ़ाकर रही सही कसर भी पूरी कर दी गई है। किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच चुका है। कहा कि विकास के बजाय सरकार विनाश करने पर तुली हुई है। उन्होंने सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर आंदोलन की चेतावनी दी है। अध्यक्षता चौधरी देवीसिंह एवं संचालन प्रेमसिंह राणा ने किया। धीरज सिंह, मोहर सिंह, सतीश, परमेंद्र, योगेश, विनोद, सतवीर, लीलू आदि रहे।
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गंगोह (सहारनपुर)। गांव सलारपुरा में आहूत भाकियू अंबावत की बैठक में प्रदेश सरकार पर किसानों का उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाते हुए सड़कों पर उतरकर आंदोलन की चेतावनी दी गई।
बैठक में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अर्जुन सिंह राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार विभिन्न प्रचार माध्यमों के द्वारा किसानों की आय दोगुना करने के दावे कर रही है जबकि वास्तविक स्थिति इससे उलट है। कहा कि सरकार ने दस दिनों के भीतर गन्ने का पैसा दिलाने का वादा किया था लेकिन आज तक सरकार पिछला बकाया तक नही दिला सकी है। गन्ने का रेट मात्र 10 रुपये बढ़ाकर किसानों का अपमान ही किया गया है। सरकारी रेट पर धान खरीद नही की गई और किसान को सस्ते रेट में धान बेचने का मजबूर होना पड़ा। उधर, बिजली का रेट बढ़ाकर रही सही कसर भी पूरी कर दी गई है। किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच चुका है। कहा कि विकास के बजाय सरकार विनाश करने पर तुली हुई है। उन्होंने सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर आंदोलन की चेतावनी दी है। अध्यक्षता चौधरी देवीसिंह एवं संचालन प्रेमसिंह राणा ने किया। धीरज सिंह, मोहर सिंह, सतीश, परमेंद्र, योगेश, विनोद, सतवीर, लीलू आदि रहे।
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