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किसानों को धरने से उठाया, आक्रोश
Updated Sun, 12 Nov 2017 12:54 AM IST
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पुलिस और कंपनी कर्मचारियों ने किसानों को धरने से उठाया, आक्रोश
छुटमलपुर/गागलहेड़ी (सहारनपुर)। उचित मुआवजे को लेकर हाईवे बाईपास निर्माण स्थल पर धरना दे रहे भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन के किसानों को कंपनी के कर्मचारियों और पुलिस ने धरनास्थल से भगा दिया। किसानों ने बिना नोटिस दिए जबरन उठाने का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताया और इस मामले में हाईकोर्ट की शरण लेेने का निर्णय लिया।
बता दें कि गांव नन्हेड़ा गाजी में निर्माणाधीन हाईवे बाईपास स्थल पर भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन से जुड़े किसान हाईवे बाईपास में किसानों की अधिग्रहण की गई जमीन के उचित मुआवजे की मांग को लेकर पिछले दस दिन से धरना दे रहे थे। किसानों का आरोप है कि शनिवार को मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों और कंपनी के कर्मचारियों ने कोई नोटिस दिए बिना ही मुकदमे कराने की धमकी दी और उन्हें धरना स्थल से उठाकर भगा दिया।
यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव पहल सिंह यादव ने कहा कि शासन ने किसानों की उपजाऊ जमीन पर बगैर नोटिस दिए अधिग्रहण किया है। किसान अपनी जमीनों का उचित मुआवजा मांग रहे हैं। लेकिन न तो शासन और ना ही पुलिस-प्रशासन उनकी बात सुनने को तैयार है। किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि एक सड़क-एक मुआवजा की नीति से मुआवजा मिलने तक किसान बाईपास हाईवे पर निर्माण कार्य नहीं करने देंगे। चाहे उसके लिये किसानों को जेल जाना पड़े। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान रिजवान, नासिर, सुखपाल, इकलाख, दिनेश कुमार, राकेश कुमार, विशाल, मोहित, सत्यपाल, जयपाल सिंह, ओमवीर, राकेश राणा, जुलफान, निरोम आदि किसान मौजूद रहे।
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छुटमलपुर/गागलहेड़ी (सहारनपुर)। उचित मुआवजे को लेकर हाईवे बाईपास निर्माण स्थल पर धरना दे रहे भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन के किसानों को कंपनी के कर्मचारियों और पुलिस ने धरनास्थल से भगा दिया। किसानों ने बिना नोटिस दिए जबरन उठाने का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताया और इस मामले में हाईकोर्ट की शरण लेेने का निर्णय लिया।
बता दें कि गांव नन्हेड़ा गाजी में निर्माणाधीन हाईवे बाईपास स्थल पर भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन से जुड़े किसान हाईवे बाईपास में किसानों की अधिग्रहण की गई जमीन के उचित मुआवजे की मांग को लेकर पिछले दस दिन से धरना दे रहे थे। किसानों का आरोप है कि शनिवार को मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों और कंपनी के कर्मचारियों ने कोई नोटिस दिए बिना ही मुकदमे कराने की धमकी दी और उन्हें धरना स्थल से उठाकर भगा दिया।
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यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव पहल सिंह यादव ने कहा कि शासन ने किसानों की उपजाऊ जमीन पर बगैर नोटिस दिए अधिग्रहण किया है। किसान अपनी जमीनों का उचित मुआवजा मांग रहे हैं। लेकिन न तो शासन और ना ही पुलिस-प्रशासन उनकी बात सुनने को तैयार है। किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि एक सड़क-एक मुआवजा की नीति से मुआवजा मिलने तक किसान बाईपास हाईवे पर निर्माण कार्य नहीं करने देंगे। चाहे उसके लिये किसानों को जेल जाना पड़े। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान रिजवान, नासिर, सुखपाल, इकलाख, दिनेश कुमार, राकेश कुमार, विशाल, मोहित, सत्यपाल, जयपाल सिंह, ओमवीर, राकेश राणा, जुलफान, निरोम आदि किसान मौजूद रहे।