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गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स
Updated Tue, 05 Sep 2017 01:11 AM IST
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सहारनपुर। गांव साढ़ौली हरिया के किसान अनिल कुमार के बेटे प्रशांत पंवार और उसके साथियों ने सहारनपुर का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में दर्ज कराया है। प्रशांत दिल्ली के बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट का एमबीए का छात्र है।
प्रशांत पंवार ने अपने प्रोफेसर केआर चारी के निर्देशन में साथी छात्र मो. फरीसुद्दीन अली, हिफजुर्रहमान, हिमांशु जायसवाल, कुशाल गोयल, कुशाग्र माथुर, नमन जैन, नितेश बिष्ट, प्रीति रामचंद्रन, वृंदा भाटिया के साथ मिलकर पेपर कप से एक पिरामिड का निर्माण किया। इस पिरामिड को बनाने में उन्होंने 23 हजार 800 कप का इस्तेमाल किया। पिरामिड में कुल 43 लेयर बनाई गई हैं, जिसकी ऊंचाई 15 फुट से अधिक है। उन्होंने इसे सितंबर 2016 में बनाया था। जिसके बाद तमाम प्रमाण और फोटो व वीडियो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स के अधिकारियों को भेजे थे। तमाम जांच और औपचारिकताओं के बाद पिछले महीने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में इस पिरामिड को दर्ज कर लिया गया, जिसका सर्टिफिकेट भी पहुंच गया है। इससे पहले पेपर कप से पिरामिड बनाने का रिकार्ड जर्मनी के पास था। वहां ऐसे पिरामिड को बनाने में 22 हजार 140 कप इस्तेमाल किए गए थे। कुल 42 लेयर थीं। नए रिकार्ड में सहारनपुर के प्रशांत पंवार का नाम आने से परिवार में खुशी की लहर है।
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प्रशांत पंवार ने अपने प्रोफेसर केआर चारी के निर्देशन में साथी छात्र मो. फरीसुद्दीन अली, हिफजुर्रहमान, हिमांशु जायसवाल, कुशाल गोयल, कुशाग्र माथुर, नमन जैन, नितेश बिष्ट, प्रीति रामचंद्रन, वृंदा भाटिया के साथ मिलकर पेपर कप से एक पिरामिड का निर्माण किया। इस पिरामिड को बनाने में उन्होंने 23 हजार 800 कप का इस्तेमाल किया। पिरामिड में कुल 43 लेयर बनाई गई हैं, जिसकी ऊंचाई 15 फुट से अधिक है। उन्होंने इसे सितंबर 2016 में बनाया था। जिसके बाद तमाम प्रमाण और फोटो व वीडियो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स के अधिकारियों को भेजे थे। तमाम जांच और औपचारिकताओं के बाद पिछले महीने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में इस पिरामिड को दर्ज कर लिया गया, जिसका सर्टिफिकेट भी पहुंच गया है। इससे पहले पेपर कप से पिरामिड बनाने का रिकार्ड जर्मनी के पास था। वहां ऐसे पिरामिड को बनाने में 22 हजार 140 कप इस्तेमाल किए गए थे। कुल 42 लेयर थीं। नए रिकार्ड में सहारनपुर के प्रशांत पंवार का नाम आने से परिवार में खुशी की लहर है।
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