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संविधान दिवस पर दी कानूनों की जानकारी
Updated Tue, 27 Nov 2018 12:52 AM IST
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सहारनपुर। संविधान दिवस पर कई जगह कार्यक्रम आयोजित कर कानून की जानकारी दी गई। इसके साथ ही संविधान निर्माता बाबा साहब डाक्टर भीमराव आंबेेडकर के बताए रास्तों पर चलने का संकल्प लिया गया।
देहरादून चौक स्थित एक सभागार में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति द्वारा आयोजित गोष्ठी का शुभारंभ पदाधिकारियों ने बाबा साहब डाक्टर भीमराव आंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित करके किया। मुख्य अतिथि अधिशासी अभियंता कर्मवीर सिंह व मदन सिंह संतोषी ने कहा कि बाबा साहब ने हर वर्ग के लोगों को ध्यान में रखते हुए संविधान का निर्माण किया। हमें उनके बताए रास्तों पर चलकर संविधान का पालन करना चाहिए। इस दौरान दौलत राम, प्रवीण, मांगेराम, आशीष, मीर सिंह, ऋषिपाल, जयपाल, कर्ण, अनुराग, लक्ष्मीचंद, अशोक, नरेश कुमार, राजेश्वर दयाल, जनेश्वर प्रसाद मौजूद रहे।
उधर, जेवी जैन कॉलेज में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संविधान दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार सिंह ने कहा कि संविधान दिवस मनाने का उद्देश्य छोटे-छोटे कानूनों की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाना है। आठ दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वाद निस्तारित कराने का आह्वान किया। कालेज के एचओडी अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि हमें संविधान का पूर्ण ज्ञान होना चाहिए। प्रत्येक बच्चे को चाहिए कि वह संविधान की किताब खरीदे और पढ़े। क्योंकि जब तक हमें अपने मौलिक अधिकार व कर्तव्यों का पता नहीं होगा, तब तक हम भविष्य में तरक्की नहीं कर सकते। एडवोकेट अर्पित शर्मा, किरण कौर, जपनीत सिंह ने भी विचार रखे। इस दौरान प्राचार्य पीके वार्ष्णेय, राम किशन सैनी, डाक्टर फिरोज, डाक्टर मनीष, डाक्टर उस्मान, राजकुमार गुप्ता, आरिफ, सुमित, परीक्षित, गरिमा जैन, पूजा धीमान मौजूद रहे।
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वहीं, अरबी मदरसा के पास स्थित स्वतंत्रता सेनानी मौलाना सैय्यद सुलेमान के पौत्र इंजीनियर एमएस मोनिस के निवास पर बैठक में कहा कि भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। डाक्टर भीमराव आंबेडकर ने सर्वोत्तम संविधान का निर्माण किया। संविधान में किसी धर्म विशेष पर जोर नहीं दिया गया है। संविधान हमें मौलिक अधिकार और मौलिक कर्तव्य देता है।
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देहरादून चौक स्थित एक सभागार में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति द्वारा आयोजित गोष्ठी का शुभारंभ पदाधिकारियों ने बाबा साहब डाक्टर भीमराव आंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित करके किया। मुख्य अतिथि अधिशासी अभियंता कर्मवीर सिंह व मदन सिंह संतोषी ने कहा कि बाबा साहब ने हर वर्ग के लोगों को ध्यान में रखते हुए संविधान का निर्माण किया। हमें उनके बताए रास्तों पर चलकर संविधान का पालन करना चाहिए। इस दौरान दौलत राम, प्रवीण, मांगेराम, आशीष, मीर सिंह, ऋषिपाल, जयपाल, कर्ण, अनुराग, लक्ष्मीचंद, अशोक, नरेश कुमार, राजेश्वर दयाल, जनेश्वर प्रसाद मौजूद रहे।
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उधर, जेवी जैन कॉलेज में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संविधान दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार सिंह ने कहा कि संविधान दिवस मनाने का उद्देश्य छोटे-छोटे कानूनों की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाना है। आठ दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वाद निस्तारित कराने का आह्वान किया। कालेज के एचओडी अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि हमें संविधान का पूर्ण ज्ञान होना चाहिए। प्रत्येक बच्चे को चाहिए कि वह संविधान की किताब खरीदे और पढ़े। क्योंकि जब तक हमें अपने मौलिक अधिकार व कर्तव्यों का पता नहीं होगा, तब तक हम भविष्य में तरक्की नहीं कर सकते। एडवोकेट अर्पित शर्मा, किरण कौर, जपनीत सिंह ने भी विचार रखे। इस दौरान प्राचार्य पीके वार्ष्णेय, राम किशन सैनी, डाक्टर फिरोज, डाक्टर मनीष, डाक्टर उस्मान, राजकुमार गुप्ता, आरिफ, सुमित, परीक्षित, गरिमा जैन, पूजा धीमान मौजूद रहे।
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वहीं, अरबी मदरसा के पास स्थित स्वतंत्रता सेनानी मौलाना सैय्यद सुलेमान के पौत्र इंजीनियर एमएस मोनिस के निवास पर बैठक में कहा कि भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। डाक्टर भीमराव आंबेडकर ने सर्वोत्तम संविधान का निर्माण किया। संविधान में किसी धर्म विशेष पर जोर नहीं दिया गया है। संविधान हमें मौलिक अधिकार और मौलिक कर्तव्य देता है।