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जिन्ना को लेकर बरेली से जारी फतवे का देवबंदी उलमा ने किया समर्थन
Updated Wed, 09 May 2018 12:04 AM IST
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जिन्ना को लेकर बरेली से जारी फतवे का
देवबंदी उलमा ने किया समर्थन
देवबंद(सहारनपुर)। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र संघ हाल में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। जिन्ना की तस्वीर को लेकर बरेलवी उलमा की ओर से जारी फतवे का देवबंदी उलमा ने समर्थन करते हुए कहा कि इस्लाम धर्म मेँ तस्वीरें खिंचवाना और उन्हें लगाना सरासर हराम है। केवल जरूरत पड़ने पर ही इसकी इजाजत दी गई है।
नायब शहर काजी मौलाना मुफ्ती अजफर हुसैन ने कहा की इस्लाम धर्म के अनुसार तस्वीर खिंचना खिंचवाना घर के अंदर या कहीं भी लगाना नाजायज और गलत है। तस्वीर घरों में बिल्कुल भी नहीं लगानी चाहिए। सरकार ने जिन दस्तावेजों जैसे पासपोर्ट, आधार कार्ड या पहचान पत्र के लिए तस्वीर लगाना लाजिमी करार दिया है केवल उन चीजों में लगाने के लिए फोटो उतरवाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी में जिन्ना की जो तस्वीर लगी है वह बिल्कुल नाजायज है। अगर हम पाकिस्तानी यूनिवर्सिटी से कहें कि वह अपनी यूनिवर्सिटी में और वहां की सरकार चौराहे पर गांधी जी की तस्वीर लगाएं क्योंकि हम उनको महापुरुष मानते हैं तो क्या पाकिस्तान इस बात को मान लेगा। इसलिए हम बरेली से जारी फतवे का समर्थन करते हैं।
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देवबंदी उलमा ने किया समर्थन
देवबंद(सहारनपुर)। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र संघ हाल में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। जिन्ना की तस्वीर को लेकर बरेलवी उलमा की ओर से जारी फतवे का देवबंदी उलमा ने समर्थन करते हुए कहा कि इस्लाम धर्म मेँ तस्वीरें खिंचवाना और उन्हें लगाना सरासर हराम है। केवल जरूरत पड़ने पर ही इसकी इजाजत दी गई है।
नायब शहर काजी मौलाना मुफ्ती अजफर हुसैन ने कहा की इस्लाम धर्म के अनुसार तस्वीर खिंचना खिंचवाना घर के अंदर या कहीं भी लगाना नाजायज और गलत है। तस्वीर घरों में बिल्कुल भी नहीं लगानी चाहिए। सरकार ने जिन दस्तावेजों जैसे पासपोर्ट, आधार कार्ड या पहचान पत्र के लिए तस्वीर लगाना लाजिमी करार दिया है केवल उन चीजों में लगाने के लिए फोटो उतरवाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी में जिन्ना की जो तस्वीर लगी है वह बिल्कुल नाजायज है। अगर हम पाकिस्तानी यूनिवर्सिटी से कहें कि वह अपनी यूनिवर्सिटी में और वहां की सरकार चौराहे पर गांधी जी की तस्वीर लगाएं क्योंकि हम उनको महापुरुष मानते हैं तो क्या पाकिस्तान इस बात को मान लेगा। इसलिए हम बरेली से जारी फतवे का समर्थन करते हैं।
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