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अनावश्यक शुल्क लगाए जाने पर गुस्सा
Updated Fri, 27 Apr 2018 01:28 AM IST
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अनावश्यक शुल्क लगाए जाने पर गुस्सा
सहारनपुर। स्वीकृत मानचित्रों पर अनावश्यक शुल्क लगाए जाने से सहारनपुर ऑर्किटेक्ट एवं इंजीनियर्स एसोसिएशन के सदस्यों में गुस्सा है। उन्होंने विकास प्राधिकरण की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए वीसी को ज्ञापन देकर समस्या के समाधान की मांग की।
सहारनपुर ऑर्किटेक्ट एवं इंजीनियर्स एसोसिएशन के सदस्य जेएस बजाज ने कहा कि पहले आवासीय मानचित्रों की स्वीकृति के समय लेबर सैस नहीं लिया जाता था। मगर, 2012 से निर्माण की कुल लागत का एक प्रतिशत लेबर सैस लिया जाने लगा। बाह्य शुल्क भी अतिरिक्त वसूला जा रहा है, जिसके कारण बहुत कम लोग ही मानचित्र स्वीकृत करा पा रहे हैं। हाल में जीएसटी की 18 प्रतिशत शुल्क लगा दिया गया है। उन्हें सरकार की नीति समझ नहीं आ रही है। किसी भी स्तर पर विकास प्राधिकरण का सहयोग नहीं मिल रहा है। 100 वर्ग मीटर से नीचे के क्षेत्र की मानचित्र पत्रावलियों को विभागीय अधिकारी बोझ समझकर विलंब कर देते हैं। ऐसे में फाइल निरस्त करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता है। मानचित्र स्वीकृत कराने के नाम पर लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने समस्याओं के समाधान की मांग की। अमित कुमार, संजय त्यागी, सलमान, मो. अनीस पीरजादा आदि मौजूद रहे।
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सहारनपुर। स्वीकृत मानचित्रों पर अनावश्यक शुल्क लगाए जाने से सहारनपुर ऑर्किटेक्ट एवं इंजीनियर्स एसोसिएशन के सदस्यों में गुस्सा है। उन्होंने विकास प्राधिकरण की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए वीसी को ज्ञापन देकर समस्या के समाधान की मांग की।
सहारनपुर ऑर्किटेक्ट एवं इंजीनियर्स एसोसिएशन के सदस्य जेएस बजाज ने कहा कि पहले आवासीय मानचित्रों की स्वीकृति के समय लेबर सैस नहीं लिया जाता था। मगर, 2012 से निर्माण की कुल लागत का एक प्रतिशत लेबर सैस लिया जाने लगा। बाह्य शुल्क भी अतिरिक्त वसूला जा रहा है, जिसके कारण बहुत कम लोग ही मानचित्र स्वीकृत करा पा रहे हैं। हाल में जीएसटी की 18 प्रतिशत शुल्क लगा दिया गया है। उन्हें सरकार की नीति समझ नहीं आ रही है। किसी भी स्तर पर विकास प्राधिकरण का सहयोग नहीं मिल रहा है। 100 वर्ग मीटर से नीचे के क्षेत्र की मानचित्र पत्रावलियों को विभागीय अधिकारी बोझ समझकर विलंब कर देते हैं। ऐसे में फाइल निरस्त करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता है। मानचित्र स्वीकृत कराने के नाम पर लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने समस्याओं के समाधान की मांग की। अमित कुमार, संजय त्यागी, सलमान, मो. अनीस पीरजादा आदि मौजूद रहे।
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