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हंगामे के डर से नहीं आयोजित किया किसान दिवस
Updated Thu, 22 Mar 2018 12:36 AM IST
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सहारनपुर। किसान दिवस आयोजित ना होने की वजह से समस्याएं लेकर मुख्यालय पहुंचे किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ा। चर्चाएं है कि विद्युत बिल घोटाले को लेकर किसानों के हंगामे के चलते प्रशासन ने इस बार आयोजन में दिलचस्पी नहीं दिखाई। हालांकि प्रशासन का इस मामले में अलग ही तर्क हैं।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बुधवार को किसान दिवस का आयोजन नहीं हुआ। अपनी समस्याओं के निस्तारण को आए दर्जनों किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ा। प्रशासन द्वारा किसान दिवस न होने की सूचना पहले जारी नहीं की गई। किसान राकेेश पुंडीर का कहना है कि प्रशासन को हंगामे का डर था। क्योंकि, पिछले दिनों किसान दिवस में किसानों ने विद्युत बिलों में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले को लेकर प्रमुखता से अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। विद्युत निगम ने बिल जमा होने के बावजूद करीब 350 किसानों पर बकाया भुगतान दिखाया गया। इस मामले में शासन ने भी संज्ञान लिया था, जिसका निस्तारण जिला प्रशासन नहीं कर पाया है। वह विद्युत बिलों के निस्तारण, गन्ना भुगतान और अन्य समस्याओं को लेकर किसान दिवस में आए थे। किसान नरेंद्र कुमार और योगेंद्र कुमार ने का कहना है कि किसान दिवस आयोजित ना करने की जानकारी प्रशासन ने किसानों को नहीं दी, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
वित्तीय वर्ष खत्म होने की वजह से विभागों में काम ज्यादा है। इसी वजह से किसान दिवस का आयोजन नहीं किया गया। आगामी दिनों हर माह की तरह किसान दिवस का आयोजित होता रहेगा। ------संजीव रंजन, मुख्य विकास अधिकारी
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किसानों की समस्याओं का निस्तारण कराना केंद्र और प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। वित्तीय वर्ष खत्म होने के दौरान सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों पर काम ज्यादा होने की व्यवहारिक दिक्कत होती है। मगर, किसान दिवस आयोजित ना किया जाना गलत है। इस संबंध में जिलाधिकारी से बात की जाएगी।--
---राघव लखनपाल शर्मा, सांसद भाजपा
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प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बुधवार को किसान दिवस का आयोजन नहीं हुआ। अपनी समस्याओं के निस्तारण को आए दर्जनों किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ा। प्रशासन द्वारा किसान दिवस न होने की सूचना पहले जारी नहीं की गई। किसान राकेेश पुंडीर का कहना है कि प्रशासन को हंगामे का डर था। क्योंकि, पिछले दिनों किसान दिवस में किसानों ने विद्युत बिलों में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले को लेकर प्रमुखता से अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। विद्युत निगम ने बिल जमा होने के बावजूद करीब 350 किसानों पर बकाया भुगतान दिखाया गया। इस मामले में शासन ने भी संज्ञान लिया था, जिसका निस्तारण जिला प्रशासन नहीं कर पाया है। वह विद्युत बिलों के निस्तारण, गन्ना भुगतान और अन्य समस्याओं को लेकर किसान दिवस में आए थे। किसान नरेंद्र कुमार और योगेंद्र कुमार ने का कहना है कि किसान दिवस आयोजित ना करने की जानकारी प्रशासन ने किसानों को नहीं दी, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
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वित्तीय वर्ष खत्म होने की वजह से विभागों में काम ज्यादा है। इसी वजह से किसान दिवस का आयोजन नहीं किया गया। आगामी दिनों हर माह की तरह किसान दिवस का आयोजित होता रहेगा। ------संजीव रंजन, मुख्य विकास अधिकारी
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किसानों की समस्याओं का निस्तारण कराना केंद्र और प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। वित्तीय वर्ष खत्म होने के दौरान सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों पर काम ज्यादा होने की व्यवहारिक दिक्कत होती है। मगर, किसान दिवस आयोजित ना किया जाना गलत है। इस संबंध में जिलाधिकारी से बात की जाएगी।--
---राघव लखनपाल शर्मा, सांसद भाजपा