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सहारनपुर में लागू है भरण पोषण तथा कल्याण नियमावली
Updated Thu, 14 Sep 2017 02:15 AM IST
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भरण-पोषण न होने पर शिकायत करें वरिष्ठ नागरिक
सहारनपुर। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के ऐसे वरिष्ठ नागरिक जिनका भरण-पोषण उनके पुत्र, पुत्री, पौत्र अथवा वैध उत्तराधिकारी के द्वारा समुचित रूप से नहीं किया जा रहा है, वह अपनी शिकायत तहसील स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में गठित अधिकरण में प्रस्तुत कर सकते हैं।
डीएम पीके पांडेय ने बताया कि उत्तर प्रदेश माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण नियमावली 2014 सहारनपुर में लागू है। उन्होंने जनपद के सभी थानों को निर्देश दिए है कि वह अपने क्षेत्राधिकार के भीतर रहने वाले समस्त वरिष्ठ नागरिकों की सूची बनाकर पंजिका में दर्ज करें। पुलिस थाने के प्रतिनिधि किसी सामाजिक कार्यकर्ता स्वयं सेवक के साथ वरिष्ठ नागरिकों के घर नियमित अंतराल पर कम से कम माह में एक बार जाकर सहायता का अनुरोध करेंगे। वरिष्ठ नागरिकों से प्राप्त शिकायत समस्या का स्थानीय पुलिस द्वारा त्वरित समाधान कराया जाएगा। प्रत्येक पुलिस स्टेशन के लिए एक या उससे अधिक स्वयं सेवी समितियां बनाकर वरिष्ठ नागरिकों तथा पुलिस प्रशासन के मध्य नियमित संपर्क बनाएगा।
डीएम ने बताया कि प्रत्येक पुलिस स्टेशन वरिष्ठ नागरिकों के विरुद्ध किए गए अपराधों से संबंधित समस्त महत्वपूर्ण प्रविष्टियों को अंतर्विष्ट करने वाला एक रजिस्टर बनाएगा तथा उक्त रजिस्टर सार्वजनिक रूप से निरीक्षण हेतु उपलब्ध रखा जाएगा। 10 तारीख तक इन अपराधों के संबंध में रिपोर्ट जिला पुलिस अधीक्षक को दे दी जाएगी। एसएसपी 20 तारीख तक पुलिस महानिदेशक तथा जिला मजिस्ट्रेट को प्रस्तुत करेंगे। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा उक्त रिपोर्ट जनपद स्तरीय समिति के समक्ष प्रस्तुत कराई जाएगी। डीएम ने बताया कि एसडीएम की अध्यक्षता में तथा जनपद स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में जिला अपीलीय अधिकरण का गठन कर दिया गया है।
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सहारनपुर। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के ऐसे वरिष्ठ नागरिक जिनका भरण-पोषण उनके पुत्र, पुत्री, पौत्र अथवा वैध उत्तराधिकारी के द्वारा समुचित रूप से नहीं किया जा रहा है, वह अपनी शिकायत तहसील स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में गठित अधिकरण में प्रस्तुत कर सकते हैं।
डीएम पीके पांडेय ने बताया कि उत्तर प्रदेश माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण नियमावली 2014 सहारनपुर में लागू है। उन्होंने जनपद के सभी थानों को निर्देश दिए है कि वह अपने क्षेत्राधिकार के भीतर रहने वाले समस्त वरिष्ठ नागरिकों की सूची बनाकर पंजिका में दर्ज करें। पुलिस थाने के प्रतिनिधि किसी सामाजिक कार्यकर्ता स्वयं सेवक के साथ वरिष्ठ नागरिकों के घर नियमित अंतराल पर कम से कम माह में एक बार जाकर सहायता का अनुरोध करेंगे। वरिष्ठ नागरिकों से प्राप्त शिकायत समस्या का स्थानीय पुलिस द्वारा त्वरित समाधान कराया जाएगा। प्रत्येक पुलिस स्टेशन के लिए एक या उससे अधिक स्वयं सेवी समितियां बनाकर वरिष्ठ नागरिकों तथा पुलिस प्रशासन के मध्य नियमित संपर्क बनाएगा।
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डीएम ने बताया कि प्रत्येक पुलिस स्टेशन वरिष्ठ नागरिकों के विरुद्ध किए गए अपराधों से संबंधित समस्त महत्वपूर्ण प्रविष्टियों को अंतर्विष्ट करने वाला एक रजिस्टर बनाएगा तथा उक्त रजिस्टर सार्वजनिक रूप से निरीक्षण हेतु उपलब्ध रखा जाएगा। 10 तारीख तक इन अपराधों के संबंध में रिपोर्ट जिला पुलिस अधीक्षक को दे दी जाएगी। एसएसपी 20 तारीख तक पुलिस महानिदेशक तथा जिला मजिस्ट्रेट को प्रस्तुत करेंगे। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा उक्त रिपोर्ट जनपद स्तरीय समिति के समक्ष प्रस्तुत कराई जाएगी। डीएम ने बताया कि एसडीएम की अध्यक्षता में तथा जनपद स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में जिला अपीलीय अधिकरण का गठन कर दिया गया है।
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