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बिना अनुमति खोली गई सब एजेंसियों पर गिर सकती है गाज
Updated Mon, 04 Sep 2017 12:48 AM IST
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सहारनपुर। जिला पूर्ति विभाग के घोटाले अब खुलने शुरू हो गए हैं। पिछले दिनों विभाग द्वारा गैस की सब एजेंसियां खोलने के मामले की जांच में साफ हो गया कि यह सब जिलाधिकारी की अनुमति के बगैर ही हुआ है। इसके चलते इन सब एजेंसियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार तत्कालीन डीएसओ ने घरेलू गैस की करीब दो दर्जन सब एजेंसियों को अपनी मनमर्जी से खुलवा दिया था। उन्होंने इसके लिए वर्तमान जिलाधिकारी से अनुमति ना लेकर पूर्व में डीएम रहे आलोक कुमार के एक आदेेश को आधार बनाया था। तब तत्कालीन जिलाधिकारी ने बेहट में गैस एजेंसी नहीं होने पर आदेश दिया था कि गैस एजेंसी होने तक वहां एक गैस एजेंसी अपनी सब एजेंसी खोल सकती है। आदेश में यह भी कहा गया था कि 10 किलोमीटर से अधिक की दूरी होने से वह निर्धारित मूल्य से 15 रुपये अधिक भी ले सकते हैं। लेकिन यह आदेश गैस एजेंसी खुलने के बाद अपने आप ही निरस्त हो जाएगा। इस आदेेश की आड़ में तत्कालीन पूर्व डीएसओ द्वारा कई स्थानों पर सब एजेंसियां खुलवा दी गई। जिलाधिकारी पीके पांडे ने मामले पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए इसकी जांच अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनोद कुमार को सौंप दी। अपनी रिपोर्ट में एडीएम एफ ने साफ किया कि डीएम से अनुमति लिए बिना ही पूर्व डीएसओ ने सब एजेंसियां खुलवा दी थी। ऐसा करना नियम के खिलाफ था। इस मामले में डीएम पीके पांडेय का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।
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सूत्रों के अनुसार तत्कालीन डीएसओ ने घरेलू गैस की करीब दो दर्जन सब एजेंसियों को अपनी मनमर्जी से खुलवा दिया था। उन्होंने इसके लिए वर्तमान जिलाधिकारी से अनुमति ना लेकर पूर्व में डीएम रहे आलोक कुमार के एक आदेेश को आधार बनाया था। तब तत्कालीन जिलाधिकारी ने बेहट में गैस एजेंसी नहीं होने पर आदेश दिया था कि गैस एजेंसी होने तक वहां एक गैस एजेंसी अपनी सब एजेंसी खोल सकती है। आदेश में यह भी कहा गया था कि 10 किलोमीटर से अधिक की दूरी होने से वह निर्धारित मूल्य से 15 रुपये अधिक भी ले सकते हैं। लेकिन यह आदेश गैस एजेंसी खुलने के बाद अपने आप ही निरस्त हो जाएगा। इस आदेेश की आड़ में तत्कालीन पूर्व डीएसओ द्वारा कई स्थानों पर सब एजेंसियां खुलवा दी गई। जिलाधिकारी पीके पांडे ने मामले पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए इसकी जांच अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनोद कुमार को सौंप दी। अपनी रिपोर्ट में एडीएम एफ ने साफ किया कि डीएम से अनुमति लिए बिना ही पूर्व डीएसओ ने सब एजेंसियां खुलवा दी थी। ऐसा करना नियम के खिलाफ था। इस मामले में डीएम पीके पांडेय का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।
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