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कुरान और हदीस के हिसाब से करें कुर्बानी
Updated Fri, 01 Sep 2017 12:29 AM IST
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कुरान और हदीस के हिसाब से करें कुर्बानी
सहारनपुर। मदरसा मजाहिर उलूम (अरबी मदरसा) के नायब नाजिम हजरत मौलाना कारी सैय्यद रिजवान नसीम ने कहा कि कुरान और हदीस में फरमाया गया है कि कुर्बानी करना उस शख्स पर वाजिब है जो मुसलमान हो और उसकी कुर्बानी के लिए पूरी नीयत हो। कुर्बानी के लिए भैंस, बकरा, दुंबा और ऊंट का इस्तेमाल करना चाहिए। लेकिन इन जानवरों में किसी तरह की बीमारी नहीं होनी चाहिए। जैसे जानवर अंधा न हो, सींग जड़ से टूटा ना हो, काना ना हो, लंगड़ा ना हो और इतना दुबला ना हो कि बीमार नजर आए। ऐसे जानवर की कुर्बानी नहीं करनी चाहिए।
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सहारनपुर। मदरसा मजाहिर उलूम (अरबी मदरसा) के नायब नाजिम हजरत मौलाना कारी सैय्यद रिजवान नसीम ने कहा कि कुरान और हदीस में फरमाया गया है कि कुर्बानी करना उस शख्स पर वाजिब है जो मुसलमान हो और उसकी कुर्बानी के लिए पूरी नीयत हो। कुर्बानी के लिए भैंस, बकरा, दुंबा और ऊंट का इस्तेमाल करना चाहिए। लेकिन इन जानवरों में किसी तरह की बीमारी नहीं होनी चाहिए। जैसे जानवर अंधा न हो, सींग जड़ से टूटा ना हो, काना ना हो, लंगड़ा ना हो और इतना दुबला ना हो कि बीमार नजर आए। ऐसे जानवर की कुर्बानी नहीं करनी चाहिए।