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राजकीय विद्यालयों में पढ़ाएंगे रिटायर्ड टीचर

Thu, 31 Aug 2017 12:32 AM IST
Updated Thu, 31 Aug 2017 12:32 AM IST
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राजकीय विद्यालयों में पढ़ाएंगे रिटायर्ड टीचर
सहारनपुर। राजकीय हाईस्कूलों और इंटर कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सेवानिवृत्त हो चुके शिक्षकों का सहारा लेने की तैयारी चल रही है। यानी सेवानिवृत्त हो चुके शिक्षक फिर से हाथ में चॉक और डस्टर थामेंगे। जरूरी हुआ तो बेसिक स्कूलों के योग्य शिक्षकों को भी प्रतिनियुक्त पर रखा जाएगा। इसके लिए आवेदन मांगे गए हैं, जिसकी अंतिम तिथि छह सितंबर निर्धारित की गई है।
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जनपद में कुल 145 राजकीय विद्यालय हैं। इनमें 12 इंटर कॉलेज और 33 हाईस्कूल हैं। नई भर्तियां न होने की वजह से इन विद्यालयों में लंबे समय से शिक्षकों की भारी कमी चल ही है। हिंदी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों को पढ़ाने के लिए कई विद्यालयों में एक भी शिक्षक नहीं है। इससे बच्चों की पढ़ाई भी बाधित होती आ रही है। शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए शासन ने एडेड और राजकीय इंटर कॉलेजों से सेवानिवृत्त हो चुके शिक्षकों से सेवा लेने के आदेश जारी किए हैं, जिनके अनुपालन में माध्यमिक शिक्षा विभाग ने विज्ञापन जारी कर दिया है। छह सितंबर तक आवेदन मांगे गए हैं। 11 और 12 सितंबर को आवेदनकर्ताओं का साक्षात्कार लिया जाएगा। डीआईओएस आरके तिवारी ने बताया कि सेवानिवृत्त शिक्षकों के पुन: विद्यालयों में लौटने से विद्यालयों को अनुभवी शिक्षक मिल जाएंगे, जिसके बाद बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से चल सकेगी।
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सरकार की मंशा पर उठ रहे सवाल
प्रदेश ही नहीं देश भर में करोड़ों युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। सहारनपुर जनपद में ही इंटर कॉलेजों में पढ़ाने के लिए योग्य युवक और युवतियां भर्ती होने के इंतजार में हैं। ऐसे में सरकार द्वारा राजकीय विद्यालयों में सेवानिवृत्त शिक्षकों को पुन: विद्यालयों में वापस बुलाना सवाल खड़े करता है। साथ ही बेरोजगारों के लिए झटका भी है। बेरोजगार भटक रहे पवन कुमार, निशा और संजीव का कहना है कि शिक्षकों को एक निर्धारित उम्र पर सेवानिवृत्त करने के पीछे लॉजिक है। बुढ़ापे में इंसान को दिखना, सुनाई देना और स्मरण शक्ति कमजोर पड़ जाती है। शरीर में वह ताकत नहीं रह पाती कि घंटाभर खड़े होकर ब्लैक बोर्ड पर चॉक चलाई जाए। इसके बावजूद सरकार को सेवानिवृत्त शिक्षकों को पुन: स्कूलों में तैनात करना गलत है। यह भी कहना है कि सेवानिवृत्त शिक्षक पहले से ही अच्छी खासी पेंशन पा रहे हैं। दूसरी तरफ योग्य युवक बेरोजगार भटक रहे हैं।
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