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सरकार के 100 दिन बाद भी प्रशासन एक भी भूमाफिया नहीं कर पाया चिन्हित
Updated Fri, 30 Jun 2017 12:28 AM IST
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प्रशासन एक भी भूमाफिया नहीं कर पाया चिह्नित
सहारनपुर। सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जों को हटवाने के लिए प्रदेश सरकार के दावे सहारनपुर में हकीकत नहीं बन पा रहे हैं। प्रदेश में योगी सरकार के 100 दिन पूरे हो गए हैं, मगर सहारनपुर में एक इंच जमीन भी अब तक प्रशासन कब्जा मुक्त नहीं करवा पाया है। इतना ही नहीं, अब तक प्रशासन के पास कब्जाई गई जमीनों का कोई आंकड़ा तक नहीं है। हालांकि दावा किया जा रहा है कि तहसील स्तर पर सरकारी जमीनों पर हुए कब्जे की रिपोर्ट तैयार की जा रही है और इसके बाद अभियान के तहत कब्जा हटवाया जाएगा।
प्रदेश की योगी सरकार ने एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स के गठन का आदेेश जारी कर सरकारी जमीनों से कब्जा हटाने के निर्देश दिए हैं। सहारनपुर में कई जगहों पर तो सरकारी जमीनों को वर्षों पहले भी चिह्नित किया जा चुका है। मगर, पुलिस और प्रशासन में तालमेल नहीं होने के कारण वे कब्जे आज तक जस के तस बने हैं। प्रदेश की योगी सरकार के आदेश के बाद माना जा रहा है कि जिले भर में सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जों को हटाया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों की लचर कार्यशैली का नतीजा है कि अब तक यहां ऐसे कब्जों को चिह्नित ही नहीं किया जा सका है। इससे पहले वर्ष 2013 में शहर में आई भीषण बाढ़ के बाद प्रशासन की जांच में ढमोला किनारे अवैध कब्जों को चिह्नित किया गया था। करीब 160 अवैध कब्जों को लेकर एफआईआर तक दर्ज कर लिया गया, मगर उन किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई। इसके अलावा नगर निगम तक की जमीनों पर कब्जे की शिकायतें आ चुकी हैं।
नगर निगम की जमीनों पर भी कब्जे
सहारनपुर में सबसे ज्यादा कब्जे नगर निगम की जमीनों पर है। मिलीभगत के चलते शहरी इलाकों में नगर निगम की ज्यादातर जमीनों के कागजात खुर्द बुर्द कर उन पर कब्जे किए गए। पिछले सालों में नगर निगम की ओर से उन पर थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। मगर, समय बीतने के साथ ही भूमाफियाओं के खेल से अफसरों ने चुप्पी साध ली। इसके अलावा सबसे ज्यादा कब्जे की शिकायतें प्रशासन की जमीनों पर ही है। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम समाज की ज्यादातर जमीनें कब्जे में हैं और वे उचित लाभार्थियों को नहीं मिल रहे हैं।
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तहसीलों से सरकारी जमीनों पर कब्जे की सूची मंगाई गई है। 30 जून तक सभी रिकार्ड यहां भेजने के निर्देश दिए गए हैं। अभी तक किसी तहसील से यह रिकार्ड नहीं आया है। रिकार्ड आने के बाद एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स के सहयोग से इन्हें कब्जा मुक्त कराया जाएगा।
एसके दूबे, एडीएम, प्रशासन
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सहारनपुर। सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जों को हटवाने के लिए प्रदेश सरकार के दावे सहारनपुर में हकीकत नहीं बन पा रहे हैं। प्रदेश में योगी सरकार के 100 दिन पूरे हो गए हैं, मगर सहारनपुर में एक इंच जमीन भी अब तक प्रशासन कब्जा मुक्त नहीं करवा पाया है। इतना ही नहीं, अब तक प्रशासन के पास कब्जाई गई जमीनों का कोई आंकड़ा तक नहीं है। हालांकि दावा किया जा रहा है कि तहसील स्तर पर सरकारी जमीनों पर हुए कब्जे की रिपोर्ट तैयार की जा रही है और इसके बाद अभियान के तहत कब्जा हटवाया जाएगा।
प्रदेश की योगी सरकार ने एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स के गठन का आदेेश जारी कर सरकारी जमीनों से कब्जा हटाने के निर्देश दिए हैं। सहारनपुर में कई जगहों पर तो सरकारी जमीनों को वर्षों पहले भी चिह्नित किया जा चुका है। मगर, पुलिस और प्रशासन में तालमेल नहीं होने के कारण वे कब्जे आज तक जस के तस बने हैं। प्रदेश की योगी सरकार के आदेश के बाद माना जा रहा है कि जिले भर में सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जों को हटाया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों की लचर कार्यशैली का नतीजा है कि अब तक यहां ऐसे कब्जों को चिह्नित ही नहीं किया जा सका है। इससे पहले वर्ष 2013 में शहर में आई भीषण बाढ़ के बाद प्रशासन की जांच में ढमोला किनारे अवैध कब्जों को चिह्नित किया गया था। करीब 160 अवैध कब्जों को लेकर एफआईआर तक दर्ज कर लिया गया, मगर उन किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई। इसके अलावा नगर निगम तक की जमीनों पर कब्जे की शिकायतें आ चुकी हैं।
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नगर निगम की जमीनों पर भी कब्जे
सहारनपुर में सबसे ज्यादा कब्जे नगर निगम की जमीनों पर है। मिलीभगत के चलते शहरी इलाकों में नगर निगम की ज्यादातर जमीनों के कागजात खुर्द बुर्द कर उन पर कब्जे किए गए। पिछले सालों में नगर निगम की ओर से उन पर थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। मगर, समय बीतने के साथ ही भूमाफियाओं के खेल से अफसरों ने चुप्पी साध ली। इसके अलावा सबसे ज्यादा कब्जे की शिकायतें प्रशासन की जमीनों पर ही है। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम समाज की ज्यादातर जमीनें कब्जे में हैं और वे उचित लाभार्थियों को नहीं मिल रहे हैं।
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तहसीलों से सरकारी जमीनों पर कब्जे की सूची मंगाई गई है। 30 जून तक सभी रिकार्ड यहां भेजने के निर्देश दिए गए हैं। अभी तक किसी तहसील से यह रिकार्ड नहीं आया है। रिकार्ड आने के बाद एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स के सहयोग से इन्हें कब्जा मुक्त कराया जाएगा।
एसके दूबे, एडीएम, प्रशासन