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शहर के बीचोंबीच धड़ल्ले से चल रहा अवैध निर्माण
Updated Wed, 28 Jun 2017 12:39 AM IST
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शहर के बीचोंबीच धड़ल्ले से चल रहा अवैध निर्माण
सहारनपुर। प्रदेश में सुशासन लाने के प्रयास में जुटी योगी सरकार की मंशा पर विकास प्राधिकरण पलीता लगा रहा है। अधिकारियों की मिलीभगत के चलते शहर में कई स्थानों पर अवैध निर्माण जोरों पर हैं। हद तो यह है शहर के बीचोंबीच रोडवेज बस अड्डे के पास धड़ल्ले से अवैध निर्माण किया जा रहा है और मामला सत्ताधारी पार्टी से जुड़ा होने के कारण प्राधिकरण के अफसर चुप्पी साधे हुए है।
शहर के बीचोंबीच में स्थित रोडवेज बस अड्डे के पास हो रहा एक अवैध निर्माण चर्चा का विषय बना हुआ है। इस व्यवसायिक भवन के सेकेंड फ्लोर पर हो रहे अवैध निर्माण को प्राधिकरण के अवर अभियंता आंतरिक फेरबदल का नाम देकर क्लीन चिट देने में लगे हैं। दरअसल, यह लॉज भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी का है और सत्ता से जुड़ाव के चलते प्राधिकरण के लोग पूरी तरह से बैकफुुट पर हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि घंटाघर पॉश इलाका होने के बाद भी सर्वाधिक अवैध निर्माण की शिकायतें इसी क्षेत्र में हैं।
अभियंताओं की शह पर अवैध निर्माण
शहर में ज्यादातर अवैध निर्माण अभियंताओं की शह पर ही किया जा रहा है। अवैध निर्माण शुरू होने से पहले ही अभियंता अपने बचाव के लिए चालान काट देते हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद उन अवैध निर्माणों पर कागजी कार्रवाई कर रफा-दफा करने की कोशिश करते हैं। मगर, सबसे हैरानी की बात यह है कि बस अड्डे के पास हो रहे सत्ताधारी नेता के अवैध निर्माण पर प्राधिकरण के लोग निगाह घुमाने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं।
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अवैध निर्माण पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश हैं और इसमें लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अवैध निर्माणों को चिह्नित किया जा रहा है, और कार्रवाई होगी।
दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त
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सहारनपुर। प्रदेश में सुशासन लाने के प्रयास में जुटी योगी सरकार की मंशा पर विकास प्राधिकरण पलीता लगा रहा है। अधिकारियों की मिलीभगत के चलते शहर में कई स्थानों पर अवैध निर्माण जोरों पर हैं। हद तो यह है शहर के बीचोंबीच रोडवेज बस अड्डे के पास धड़ल्ले से अवैध निर्माण किया जा रहा है और मामला सत्ताधारी पार्टी से जुड़ा होने के कारण प्राधिकरण के अफसर चुप्पी साधे हुए है।
शहर के बीचोंबीच में स्थित रोडवेज बस अड्डे के पास हो रहा एक अवैध निर्माण चर्चा का विषय बना हुआ है। इस व्यवसायिक भवन के सेकेंड फ्लोर पर हो रहे अवैध निर्माण को प्राधिकरण के अवर अभियंता आंतरिक फेरबदल का नाम देकर क्लीन चिट देने में लगे हैं। दरअसल, यह लॉज भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी का है और सत्ता से जुड़ाव के चलते प्राधिकरण के लोग पूरी तरह से बैकफुुट पर हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि घंटाघर पॉश इलाका होने के बाद भी सर्वाधिक अवैध निर्माण की शिकायतें इसी क्षेत्र में हैं।
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अभियंताओं की शह पर अवैध निर्माण
शहर में ज्यादातर अवैध निर्माण अभियंताओं की शह पर ही किया जा रहा है। अवैध निर्माण शुरू होने से पहले ही अभियंता अपने बचाव के लिए चालान काट देते हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद उन अवैध निर्माणों पर कागजी कार्रवाई कर रफा-दफा करने की कोशिश करते हैं। मगर, सबसे हैरानी की बात यह है कि बस अड्डे के पास हो रहे सत्ताधारी नेता के अवैध निर्माण पर प्राधिकरण के लोग निगाह घुमाने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं।
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अवैध निर्माण पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश हैं और इसमें लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अवैध निर्माणों को चिह्नित किया जा रहा है, और कार्रवाई होगी।
दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त