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8 मिलों ने कर दिया पूर्ण भुगतान, 9 पर है 532 करोड़ बाकी
Updated Sat, 01 Dec 2018 12:09 AM IST
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सहारनपुर। शासन की तमाम कोशिश के बावजूद शुगर मिलों द्वारा बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं कराया जा सका है। सहारनपुर मंडल के तीनों जनपदों की 17 शुगर मिलों में से आठ ने पूरा भुगतान कर दिया है, जबकि नौ शुगर मिलों पर अभी भी 532.96 करोड़ रुपये बकाया हैं। प्रदेश सरकार ने शुगर मिलों को 30 नवंबर तक पूरा भुगतान करने का निर्देश दिया था। हालांकि किसी भी शुगर मिल ने अभी तक बकाया पर ब्याज का भुगतान नहीं किया है।
बकाया गन्ना मूल्य के लिए तरस रहे किसानों को भुगतान कराने के लिए प्रदेश सरकार ने शुगर मिलों को सॉफ्ट लोन देने की नीति अपनाई। इसके तहत शुगर मिल को कम ब्याज पर कर्ज दिलाया गया। इसमें शर्त यह रखी गई कि सॉफ्ट लोन की पूरी धनराशि का उपयोग सिर्फ बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए ही किया जाएगा।
शुगर मिलों को बकाया भुगतान के लिए 30 नवंबर तक सीमा रखी गई थी, लेकिन गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार सहारनपुर मंडल में जनपद सहारनपुर की एक, मुजफ्फरनगर की सात शुगर मिलों ने पूरा बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया है। जबकि शामली की तीन, सहारनपुर की पांच और मुजफ्फरनगर की एक शुगर मिल को मिलाकर मंडल के तीनों जिले की चीनी मिलों पर अभी भी करीब 532.96 करोड़ रुपये बकाया हैं।
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---- शुक्रवार को हुआ भुगतान
शासन के दबाव की वजह से शुक्रवार को जनपद सहारनपुर की शुगर मिलों ने 7.24 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जबकि मुजफ्फरनगर की चीनी मिलों ने 2.96 करोड़ रुपये और शामली जिले की चीनी मिलों ने 1.26 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया।
----- पेराई सत्र 2017-18 के भुगतान की स्थिति -- जनपद -------- किया भुगतान ----------------- बकाया भुगतान
सहारनपुर ------- 1387 करोड़ 48 लाख रुपये ---- 143.58 करोड़ रुपये
मुजफ्फरनगर --- 2889 करोड़ 89 लाख रुपये ---- 94.45 करोड़ रुपये
शामली ---------- 792 करोड़ 90 लाख रुपये ---- 294.92 करोड़ रुपये
---योग ---------- 5070 करोड़ 28 लाख रुपये ---- 532 करोड़ 96 लाख रुपये
(गन्ना विभाग के 30 नवंबर के आंकड़ों के अनुसार)
----- वर्जन ----
शुगर मिलों द्वारा देर रात तक बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की प्रक्रिया जारी रहेगी। शनिवार को ही वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा। जो शुगर मिल बकाया भुगतान में कोताही बरत रही है, उनके खिलाफ शासन के निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी। शासन और गन्ना विभाग की प्राथमिकता बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने की है। -- डॉक्टर दिनेश्वर मिश्र, गन्ना उपायुक्त।
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बकाया गन्ना मूल्य के लिए तरस रहे किसानों को भुगतान कराने के लिए प्रदेश सरकार ने शुगर मिलों को सॉफ्ट लोन देने की नीति अपनाई। इसके तहत शुगर मिल को कम ब्याज पर कर्ज दिलाया गया। इसमें शर्त यह रखी गई कि सॉफ्ट लोन की पूरी धनराशि का उपयोग सिर्फ बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए ही किया जाएगा।
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शुगर मिलों को बकाया भुगतान के लिए 30 नवंबर तक सीमा रखी गई थी, लेकिन गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार सहारनपुर मंडल में जनपद सहारनपुर की एक, मुजफ्फरनगर की सात शुगर मिलों ने पूरा बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया है। जबकि शामली की तीन, सहारनपुर की पांच और मुजफ्फरनगर की एक शुगर मिल को मिलाकर मंडल के तीनों जिले की चीनी मिलों पर अभी भी करीब 532.96 करोड़ रुपये बकाया हैं।
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---- शुक्रवार को हुआ भुगतान
शासन के दबाव की वजह से शुक्रवार को जनपद सहारनपुर की शुगर मिलों ने 7.24 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जबकि मुजफ्फरनगर की चीनी मिलों ने 2.96 करोड़ रुपये और शामली जिले की चीनी मिलों ने 1.26 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया।
----- पेराई सत्र 2017-18 के भुगतान की स्थिति -- जनपद -------- किया भुगतान ----------------- बकाया भुगतान
सहारनपुर ------- 1387 करोड़ 48 लाख रुपये ---- 143.58 करोड़ रुपये
मुजफ्फरनगर --- 2889 करोड़ 89 लाख रुपये ---- 94.45 करोड़ रुपये
शामली ---------- 792 करोड़ 90 लाख रुपये ---- 294.92 करोड़ रुपये
---योग ---------- 5070 करोड़ 28 लाख रुपये ---- 532 करोड़ 96 लाख रुपये
(गन्ना विभाग के 30 नवंबर के आंकड़ों के अनुसार)
----- वर्जन ----
शुगर मिलों द्वारा देर रात तक बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की प्रक्रिया जारी रहेगी। शनिवार को ही वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा। जो शुगर मिल बकाया भुगतान में कोताही बरत रही है, उनके खिलाफ शासन के निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी। शासन और गन्ना विभाग की प्राथमिकता बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने की है। -- डॉक्टर दिनेश्वर मिश्र, गन्ना उपायुक्त।