{"_id":"5b69ed314f1c1ba23e8b5b32","slug":"191533668657-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रांसपोर्टनगर में सुविधाएं देना भूल गया एसडीए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रांसपोर्टनगर में सुविधाएं देना भूल गया एसडीए
Updated Wed, 08 Aug 2018 12:34 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। विकास प्राधिकरण आज तक ट्रांसपोर्ट नगर में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा सका है। नतीजा यह है कि ट्रांसपोर्ट नगर पूरी तरह लावारिस हालत में है। सड़क, बिजली और पानी की पर्याप्त सुविधा न होने की वजह से ट्रांसपोर्टर ट्रांसपोर्ट नगर में जाने से कतरा रहे हैं। यही वजह है कि आज भी कई ट्रांसपोर्टर अपना धंधा शहर के बीच से ही संचालित कर रहे हैं, जो शहर में जाम की वजह भी बन रहा है।
विकास प्राधिकरण पिछले 20 सालों में आज तक शहरवासियों एक भी योजना नहीं दे सका है। करीब दस वर्ष पहले प्राधिकरण ने देहरादून रोड पर ट्रांसपोर्ट नगर की नींव रखी थी, मगर इसके बाद प्राधिकरण वहां जरूरी सुविधाएं देना भूल गया। करीब पांच साल से जिला प्रशासन ट्रांसपोर्टर्स को अपना बिजनेस ट्रांसपोर्ट नगर में शिफ्ट करने के लिए कहता आ रहा है। पिछले ढाई साल से प्रशासन की सख्ती की वजह से करीब डेढ़ सौ ट्रांसपोर्टर ने अपने ऑफिस ट्रांसपोर्टनगर में बना भी लिए हैं, मगर शिफ्ट मुश्किल से 50 ट्रांसपोर्टर ही हो सके हैं। इसकी प्रमुख वजह ट्रांसपोर्टनगर में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। ट्रांसपोर्ट नगर के हालात का जायजा लेने के लिए अमर उजाला की टीम मंगलवार को ट्रांसपोर्ट नगर पहुंची। ट्रांसपोर्ट नगर में करीब दो सौ मीटर के मुख्य मार्ग के अलावा कोई पक्की सड़क नजर नहीं आई। कच्ची सड़क होने और उसपर ट्रकों के आवागमन की वजह से बड़ेे-बड़े गड्ढे और उनमें पानी भरा मिला। सड़क की हालत ऐसी मिली, जिसपर पैदल भी कुछ दूर चल पाना संभव नहीं था। पथ प्रकाश के लिए लगीं स्ट्रीट लाइटें ज्यादातर खराब पड़ी हैं, जिनकी वजह से रात भर अंधेरा रहता है। नतीजा यह है कि रात में चोर ट्रकों की बैट्री पर हाथ साफ कर रहे हैं। बाउंड्रीवाल भी जगह-जगह से टूटी है। नालियां कचरे से अटी हुई हैं। खाली पड़े प्लॉट जंगल बने हुए हैं। सुविधाएं न होने की वजह से ज्यादातर ट्रांसपोर्टर के भवन खाली पड़े हैं। टीम ने कुछ ट्रांसपोर्टर्स से बात कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया।
--------------------------------------
फोटो संख्या: 9एफ
ट्रांसपोर्टर रोहित जैन ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर की सबसे बड़ी समस्या सड़कों का न होना है। सड़कें दुरुस्त न होने की वजह से भारी वाहनों को परेशानी रहती है। लोड किए हुए ट्रक गड्ढों की वजह से ट्रांसपोर्ट में एंट्री नहीं कर पाते हैं। यदि सड़कें दुरुस्त हो जाएं तो आधी समस्या खत्म हो जाए।
विज्ञापन
-------------
फोटो संख्या: 9जी
ट्रांसपोर्टर मनीष मिश्रा ने बताया कि टीपी नगर में स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। बाउंड्री वाल भी जगह-जगह से टूटी है और टीपी नगर अंदर से जंगल बना हुआ है। इसकी वजह से ट्रकों की बैट्रियां चोरी हो रही हैं। ट्रांसपोर्टर भी इसे लेकर परेशान रहते हैं। एसडीए से टीपी नगर के कायाकल्प की भी मांग की गई।
------------
फोटो संख्या: 9एच
हेमंत पोपली ने बताया कि टीपी नगर से पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। नालियों में कचरा भरा हुआ है। शौचालय नहीं होने की वजह से ट्रक ड्राइवर और परिचालक खुले में लघुशंका करते हैं। प्राधिकरण को चाहिए कि वह सार्वजनिक शौचालय का निर्माण भी कराए। उन्होंने टीपी नगर में बैंक की सुविधा भी देने की मांग उठाई।
----------------------------------------
फोटो संख्या: 9ई
ट्रांसपोर्ट नगर हमारी प्राथमिकता में है। मैंने कार्यभार ग्रहण करते ही सबसे पहले ट्रांसपोर्ट नगर का दौरा किया था। हम सबसे पहले सड़कों को बनवाने जा रहे हैं, जिसके लिए जल्द ही विज्ञापन जारी किया जाएगा। सड़कों के साथ ही साफ सफाई और अन्य कार्य भी कराया जाएगा। बैंक आदि की सुविधा भी दी जाएगी। जो खामियां हैं उन्हें दूर कराया जाएगा।
सुखलाल भारती, वीसी, एसडीए।
विज्ञापन
विकास प्राधिकरण पिछले 20 सालों में आज तक शहरवासियों एक भी योजना नहीं दे सका है। करीब दस वर्ष पहले प्राधिकरण ने देहरादून रोड पर ट्रांसपोर्ट नगर की नींव रखी थी, मगर इसके बाद प्राधिकरण वहां जरूरी सुविधाएं देना भूल गया। करीब पांच साल से जिला प्रशासन ट्रांसपोर्टर्स को अपना बिजनेस ट्रांसपोर्ट नगर में शिफ्ट करने के लिए कहता आ रहा है। पिछले ढाई साल से प्रशासन की सख्ती की वजह से करीब डेढ़ सौ ट्रांसपोर्टर ने अपने ऑफिस ट्रांसपोर्टनगर में बना भी लिए हैं, मगर शिफ्ट मुश्किल से 50 ट्रांसपोर्टर ही हो सके हैं। इसकी प्रमुख वजह ट्रांसपोर्टनगर में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। ट्रांसपोर्ट नगर के हालात का जायजा लेने के लिए अमर उजाला की टीम मंगलवार को ट्रांसपोर्ट नगर पहुंची। ट्रांसपोर्ट नगर में करीब दो सौ मीटर के मुख्य मार्ग के अलावा कोई पक्की सड़क नजर नहीं आई। कच्ची सड़क होने और उसपर ट्रकों के आवागमन की वजह से बड़ेे-बड़े गड्ढे और उनमें पानी भरा मिला। सड़क की हालत ऐसी मिली, जिसपर पैदल भी कुछ दूर चल पाना संभव नहीं था। पथ प्रकाश के लिए लगीं स्ट्रीट लाइटें ज्यादातर खराब पड़ी हैं, जिनकी वजह से रात भर अंधेरा रहता है। नतीजा यह है कि रात में चोर ट्रकों की बैट्री पर हाथ साफ कर रहे हैं। बाउंड्रीवाल भी जगह-जगह से टूटी है। नालियां कचरे से अटी हुई हैं। खाली पड़े प्लॉट जंगल बने हुए हैं। सुविधाएं न होने की वजह से ज्यादातर ट्रांसपोर्टर के भवन खाली पड़े हैं। टीम ने कुछ ट्रांसपोर्टर्स से बात कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया।
विज्ञापन
--------------------------------------
फोटो संख्या: 9एफ
ट्रांसपोर्टर रोहित जैन ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर की सबसे बड़ी समस्या सड़कों का न होना है। सड़कें दुरुस्त न होने की वजह से भारी वाहनों को परेशानी रहती है। लोड किए हुए ट्रक गड्ढों की वजह से ट्रांसपोर्ट में एंट्री नहीं कर पाते हैं। यदि सड़कें दुरुस्त हो जाएं तो आधी समस्या खत्म हो जाए।
विज्ञापन
-------------
फोटो संख्या: 9जी
ट्रांसपोर्टर मनीष मिश्रा ने बताया कि टीपी नगर में स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। बाउंड्री वाल भी जगह-जगह से टूटी है और टीपी नगर अंदर से जंगल बना हुआ है। इसकी वजह से ट्रकों की बैट्रियां चोरी हो रही हैं। ट्रांसपोर्टर भी इसे लेकर परेशान रहते हैं। एसडीए से टीपी नगर के कायाकल्प की भी मांग की गई।
------------
फोटो संख्या: 9एच
हेमंत पोपली ने बताया कि टीपी नगर से पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। नालियों में कचरा भरा हुआ है। शौचालय नहीं होने की वजह से ट्रक ड्राइवर और परिचालक खुले में लघुशंका करते हैं। प्राधिकरण को चाहिए कि वह सार्वजनिक शौचालय का निर्माण भी कराए। उन्होंने टीपी नगर में बैंक की सुविधा भी देने की मांग उठाई।
----------------------------------------
फोटो संख्या: 9ई
ट्रांसपोर्ट नगर हमारी प्राथमिकता में है। मैंने कार्यभार ग्रहण करते ही सबसे पहले ट्रांसपोर्ट नगर का दौरा किया था। हम सबसे पहले सड़कों को बनवाने जा रहे हैं, जिसके लिए जल्द ही विज्ञापन जारी किया जाएगा। सड़कों के साथ ही साफ सफाई और अन्य कार्य भी कराया जाएगा। बैंक आदि की सुविधा भी दी जाएगी। जो खामियां हैं उन्हें दूर कराया जाएगा।
सुखलाल भारती, वीसी, एसडीए।