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नौवें दिन भी जारी रहा बिडवी पर चल रहा धरना
Updated Sat, 19 May 2018 11:40 PM IST
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अंबेहटा (सहारनपुर)। बिडवी शुगर मिल पर चल रहा किसानों का धरना नौवें दिन भी जारी रहा। शनिवार को भी किसान क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे और मिल प्रबंधन के विरुद्ध नारेबाजी की।
किसान 11 मई से मिल को चालू कराने और गौ चरागाह की भूमि को खाली कराने की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। उन्होंने मिल के प्रशासनिक भवन पर भी तालेबंदी कर रखी है। शनिवार को किसानों ने मिल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। किसान हित और गौ सेवा समिति के अध्यक्ष चौधरी कृष्णकांत उर्फ बिट्टू नंबरदार ने कहा कि सरकार किसानों की पूरी तरह से अनदेखी कर रही है। जिस सरकार ने भी किसानों की अनदेखी की उसी सरकार को किसानों ने सत्ता से बहार का रास्ता दिखाया है। किसानों ने चेतावनी दी कि प्रशासन ने रविवार तक किसानों की मांग पूरी नहीं की तो किसान कोई बड़ा निर्णय लेने पर विवश होंगे। शनिवार को क्रमिक भूख हड़ताल पर छतर सिंह दैदनोर, सीटू बांदूखेडी, प्रमोद बिडवी, जोगेंद्र सहजवा आदि किसान बैठे। जबकि धरने पर बैठने वालों में जितेंद्र प्रधान, राजेंद्र, अंकुश चौधरी, अरुण राणा, जनेश्वर प्रधान, शादी राम, प्रवीण बांदूखेडी, अतुंल फंदपुरी, खडक सिंह, आदेश, धर्मपाल सैनी, विपिन, नीटू, जसबीर आदि किसान शामिल रहे।
रिपयेरिंग में बाधा पहुंचा रहे धरनारत किसान
फोटो-3
अंबेहटा। बिडवी शुगर मिल के जीएम ने शनिवार को प्रेस के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए किसानों के धरने को औचित्य हीन बताया। जीएम जितेंद्र मोहन गुप्ता ने बताया कि मिल प्रबंधन की मंशा समय से पहले मिल को चलाने की है जिसके लिए मिल में रिपेयरिंग का कार्य भी शुरू किया हुआ है परंतु किसानों ने धरना शुरू कर रिपेयरिंग के काम में बाधा पहुंचाने का काम किया है। मिल में करीब पचास कर्मचारी वर्तमान में तैनात हैं जो रिपेयरिंग और प्रबंधन का काम देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसानों ने प्रशासनिक भवन पर तालेबंदी कर कार्य में बाधा उत्पन्न की हुई है। बताया कि धरने के पीछे धरने का नेतृत्व कर रहे कुछ किसानों का व्यक्तिगत स्वार्थ भी छलक रहा है। जीएम ने स्पष्ट किया कि मिल प्रशासन किसी भी गलत मांग को किसी भी दशा में स्वीकार नहीं करेगा। मिल चलाने के अपने मकसद को साफ करते हुए उन्होंने कहा कि आगामी सत्र में मिल को समय से पहले चालू कर दिया जाएगा, जिसके लिए सभी औपचारिकताएं पूरी की जा रही है। जीएम ने किसानों पर मिल कर्मचारियों को डराने, धमकाने का आरोप भी लगाया।
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किसान 11 मई से मिल को चालू कराने और गौ चरागाह की भूमि को खाली कराने की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। उन्होंने मिल के प्रशासनिक भवन पर भी तालेबंदी कर रखी है। शनिवार को किसानों ने मिल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। किसान हित और गौ सेवा समिति के अध्यक्ष चौधरी कृष्णकांत उर्फ बिट्टू नंबरदार ने कहा कि सरकार किसानों की पूरी तरह से अनदेखी कर रही है। जिस सरकार ने भी किसानों की अनदेखी की उसी सरकार को किसानों ने सत्ता से बहार का रास्ता दिखाया है। किसानों ने चेतावनी दी कि प्रशासन ने रविवार तक किसानों की मांग पूरी नहीं की तो किसान कोई बड़ा निर्णय लेने पर विवश होंगे। शनिवार को क्रमिक भूख हड़ताल पर छतर सिंह दैदनोर, सीटू बांदूखेडी, प्रमोद बिडवी, जोगेंद्र सहजवा आदि किसान बैठे। जबकि धरने पर बैठने वालों में जितेंद्र प्रधान, राजेंद्र, अंकुश चौधरी, अरुण राणा, जनेश्वर प्रधान, शादी राम, प्रवीण बांदूखेडी, अतुंल फंदपुरी, खडक सिंह, आदेश, धर्मपाल सैनी, विपिन, नीटू, जसबीर आदि किसान शामिल रहे।
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रिपयेरिंग में बाधा पहुंचा रहे धरनारत किसान
फोटो-3
अंबेहटा। बिडवी शुगर मिल के जीएम ने शनिवार को प्रेस के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए किसानों के धरने को औचित्य हीन बताया। जीएम जितेंद्र मोहन गुप्ता ने बताया कि मिल प्रबंधन की मंशा समय से पहले मिल को चलाने की है जिसके लिए मिल में रिपेयरिंग का कार्य भी शुरू किया हुआ है परंतु किसानों ने धरना शुरू कर रिपेयरिंग के काम में बाधा पहुंचाने का काम किया है। मिल में करीब पचास कर्मचारी वर्तमान में तैनात हैं जो रिपेयरिंग और प्रबंधन का काम देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसानों ने प्रशासनिक भवन पर तालेबंदी कर कार्य में बाधा उत्पन्न की हुई है। बताया कि धरने के पीछे धरने का नेतृत्व कर रहे कुछ किसानों का व्यक्तिगत स्वार्थ भी छलक रहा है। जीएम ने स्पष्ट किया कि मिल प्रशासन किसी भी गलत मांग को किसी भी दशा में स्वीकार नहीं करेगा। मिल चलाने के अपने मकसद को साफ करते हुए उन्होंने कहा कि आगामी सत्र में मिल को समय से पहले चालू कर दिया जाएगा, जिसके लिए सभी औपचारिकताएं पूरी की जा रही है। जीएम ने किसानों पर मिल कर्मचारियों को डराने, धमकाने का आरोप भी लगाया।
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