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बुजुर्गों के बताए रास्ते पर चलकर मदरसों की हिफाजत करें: मदनी
Updated Mon, 23 Apr 2018 01:04 AM IST
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छात्रों को दी बेहतर तालीम की नसीहत
देवबंद। मदनी दारुल उलूम में वार्षिक समारोह का आयोजन किया गया। इसमें मदरसा छात्रों की दस्तारबंदी की गई। उलमा ने छात्रों को बेहतर तालीम हासिल करने की नसीहत दी।
रविवार को हुए कार्यक्रम में जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के पुत्र मौलाना सैय्यद हबीबुल्लाह मदनी ने कहा कि बुजुर्गों ने बड़ी कुर्बानियां देकर दीनी इदारों को कायम किया और उनकी हिफाजत की। अब सभी मुसलमानों की जिम्मेदारी बनती है कि वो बुजुर्गों के नक्शे कदम पर चलकर मदरसों की हिफाजत करें। मौलाना वलीउल्लाह और मौलाना अब्दुल मन्नान ने भी बेहतर तालीम के लिए प्रेरित किया। दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना सिकंदर कासमी और मदरसा जामिया कासमिया दारुत्तालीम के मोहतमिम मौलाना इब्राहीम कासमी ने संयुक्त रुप से मदनी दारुल उलूम की स्थापना और उसके उद्देश्य पर रोशनी डाली।
अध्यक्षता कर रहे मौलाना कारी वलीउल्लाह ने कहा कि मदरसा छात्रों की जिम्मेदारी बनती है कि वे इस्लाम और मुसलमानों की सही तस्वीर को पूरी दुनिया के सामने रखें। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत दारुल उलूम वक्फ के उप शिक्षा प्रभारी मौलाना कारी मोहम्मद वासिफ की तिलावत-ए-कलाम पाक से हुई। संचालन मौलाना मुस्तकीम ने किया। मौलाना इस्माईल कासमी, मुफ्ती हुसैन, मौलाना दीन मोहम्मद, मौलाना सलीम, मोहम्मद तराबुद्दीन, मौलाना मोहम्मद सईद, चौधरी लियाकत आदि मौजूद रहे।
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देवबंद। मदनी दारुल उलूम में वार्षिक समारोह का आयोजन किया गया। इसमें मदरसा छात्रों की दस्तारबंदी की गई। उलमा ने छात्रों को बेहतर तालीम हासिल करने की नसीहत दी।
रविवार को हुए कार्यक्रम में जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के पुत्र मौलाना सैय्यद हबीबुल्लाह मदनी ने कहा कि बुजुर्गों ने बड़ी कुर्बानियां देकर दीनी इदारों को कायम किया और उनकी हिफाजत की। अब सभी मुसलमानों की जिम्मेदारी बनती है कि वो बुजुर्गों के नक्शे कदम पर चलकर मदरसों की हिफाजत करें। मौलाना वलीउल्लाह और मौलाना अब्दुल मन्नान ने भी बेहतर तालीम के लिए प्रेरित किया। दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना सिकंदर कासमी और मदरसा जामिया कासमिया दारुत्तालीम के मोहतमिम मौलाना इब्राहीम कासमी ने संयुक्त रुप से मदनी दारुल उलूम की स्थापना और उसके उद्देश्य पर रोशनी डाली।
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अध्यक्षता कर रहे मौलाना कारी वलीउल्लाह ने कहा कि मदरसा छात्रों की जिम्मेदारी बनती है कि वे इस्लाम और मुसलमानों की सही तस्वीर को पूरी दुनिया के सामने रखें। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत दारुल उलूम वक्फ के उप शिक्षा प्रभारी मौलाना कारी मोहम्मद वासिफ की तिलावत-ए-कलाम पाक से हुई। संचालन मौलाना मुस्तकीम ने किया। मौलाना इस्माईल कासमी, मुफ्ती हुसैन, मौलाना दीन मोहम्मद, मौलाना सलीम, मोहम्मद तराबुद्दीन, मौलाना मोहम्मद सईद, चौधरी लियाकत आदि मौजूद रहे।
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