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मानहानि में दवा कारोबारी को दो साल की सजा
Updated Sun, 15 Apr 2018 11:52 PM IST
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मानहानि में देहरादून के दवा कारोबारी को दो साल की सजा
सहारनपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मानहानि के मामले में देहरादून के दवा कारोबारी को दो साल के कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। झूठी शिकायत करने का आरोप लगाते हुए वादी ने मानहानि का मामला दर्ज कराया था।
कोतवाली सदर बाजार क्षेत्र के मोहल्ला आवास-विकास कॉलोनी निवासी किशनलाल पुरी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय की अदालत में देहरादून के गांधी मार्ग निवासी नीरज अरोड़ा के खिलाफ धारा 500 के तहत मानहानि का मामला दर्ज कराया था। आरोप था कि नीरज अरोड़ा ने 23 अक्टूबर 2009 को एसएसपी सहारनपुर के यहां उसकी शिकायत की थी। पुलिस की जांच में आरोप झूठे पाए गए थे। इस मामले की सुनवाई के बाद आठ साल बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय डा. दीनानाथ ने नीरज अरोड़ा को दोषी मानते हुए दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड जमा ना कराने की दशा में एक माह का कारावास बढ़ा दिया जाएगा। किशन लाल पुरी का कहना है कि संपत्ति को लेकर उसका विवाद देहरादून की अदालत में भी नीरज अरोड़ा के साथ चल रहा है, जिसमें कोर्ट उसके पक्ष में फैसला सुना चुकी है।
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सहारनपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मानहानि के मामले में देहरादून के दवा कारोबारी को दो साल के कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। झूठी शिकायत करने का आरोप लगाते हुए वादी ने मानहानि का मामला दर्ज कराया था।
कोतवाली सदर बाजार क्षेत्र के मोहल्ला आवास-विकास कॉलोनी निवासी किशनलाल पुरी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय की अदालत में देहरादून के गांधी मार्ग निवासी नीरज अरोड़ा के खिलाफ धारा 500 के तहत मानहानि का मामला दर्ज कराया था। आरोप था कि नीरज अरोड़ा ने 23 अक्टूबर 2009 को एसएसपी सहारनपुर के यहां उसकी शिकायत की थी। पुलिस की जांच में आरोप झूठे पाए गए थे। इस मामले की सुनवाई के बाद आठ साल बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय डा. दीनानाथ ने नीरज अरोड़ा को दोषी मानते हुए दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड जमा ना कराने की दशा में एक माह का कारावास बढ़ा दिया जाएगा। किशन लाल पुरी का कहना है कि संपत्ति को लेकर उसका विवाद देहरादून की अदालत में भी नीरज अरोड़ा के साथ चल रहा है, जिसमें कोर्ट उसके पक्ष में फैसला सुना चुकी है।
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