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खानकाह की विरासत और अमानत को बनाए रखने की हिदायत
Updated Thu, 08 Mar 2018 12:16 AM IST
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बेहट (सहारनपुर)। इस्लामिक विद्वान हजरत मौलाना मुफ्ती अब्दुल कय्यूम रायेपुरी के इंतकाल पर शोक प्रकट करने के लिए बुधवार को बिहार के सिपोल स्थित जामियातुल कासिम दारुल उलूम इस्लामिया के संरक्षक एवं खानकाह इमादादिया अशरफिया के सज्जादानशी हजरत मौलाना मुफ्ती महफूजुर्रहमान उस्मानी बानी रायेपुर स्थित खानकाह पहुंचे और खानकाह के मुतव्वली हजरत शाह अतीक अहमद से मुलाकात की। उन्होंने हजरत अतीक अहमद को सब्र करने के लिए कहा और खानकाह की विरासत एवं अमानत को पहले की तरह बनाए रखने की हिदायत की।
असर की नमाज के बाद उन्होंने खानकाह में मौजूद लोगो को खिताब करते हुए कहा, कि खानकाह रायेपुर दुनिया भर में अपनी ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्ता के लिए जानी जाती है। यहां से सारे आलम में दीन की रोशनी फैल रही है। अपने वक्त के बड़े औलिया का यहां आना जाना रहा है। उन्होंने इस जगह से अपने आप को फैज हासिल करके खुद को निखारा है। हजरत मौलाना मुफ्ती अब्दुल कय्यूम रायेपुरी के द्वारा इस खानकाह को सारी इस्लामी दुनिया में नई पहचान हासिल हुई है। अब इस खानकाह की जिम्मेदारी हजरत अतीक अहमद के कंधों पर है, जो मुफ्ती साहब की दुआओं और मशवरों से इस खानकाह को फिर से एक नई पहचान हासिल हुई है। आखिर में मुफ्ती साहब को खिरोज अकीदत पेश की गई। इस मौके पर हजरत मौलाना हकीम मोहम्मद उस्मान कासमी मदीना मुनव्वर बिहार के पूर्व एमपी मोहम्मद साबिर, अमजद, सैय्यद मोहम्मद हबीबुल्ला बांदवी, कारी सिद्दीक ने भी खानकाह पहुंचकर मुतव्वली साहब से मुलाकात की।
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असर की नमाज के बाद उन्होंने खानकाह में मौजूद लोगो को खिताब करते हुए कहा, कि खानकाह रायेपुर दुनिया भर में अपनी ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्ता के लिए जानी जाती है। यहां से सारे आलम में दीन की रोशनी फैल रही है। अपने वक्त के बड़े औलिया का यहां आना जाना रहा है। उन्होंने इस जगह से अपने आप को फैज हासिल करके खुद को निखारा है। हजरत मौलाना मुफ्ती अब्दुल कय्यूम रायेपुरी के द्वारा इस खानकाह को सारी इस्लामी दुनिया में नई पहचान हासिल हुई है। अब इस खानकाह की जिम्मेदारी हजरत अतीक अहमद के कंधों पर है, जो मुफ्ती साहब की दुआओं और मशवरों से इस खानकाह को फिर से एक नई पहचान हासिल हुई है। आखिर में मुफ्ती साहब को खिरोज अकीदत पेश की गई। इस मौके पर हजरत मौलाना हकीम मोहम्मद उस्मान कासमी मदीना मुनव्वर बिहार के पूर्व एमपी मोहम्मद साबिर, अमजद, सैय्यद मोहम्मद हबीबुल्ला बांदवी, कारी सिद्दीक ने भी खानकाह पहुंचकर मुतव्वली साहब से मुलाकात की।
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