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फायरिंग रेंज के लाइसेंस का खुलासा होने के बाद प्रशासन ने किया किनारा
Updated Wed, 22 Nov 2017 12:26 AM IST
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सहारनपुर। प्रशासन की लापरवाही से बिना लाइसेंस ही चल रही फायरिंग रेंज में कागजी झोल का खुलासा होने के बाद अफसरों ने उस फायरिंग रेंज से ही किनारा कर लिया था। बिना लाइसेंस चल रहे इस रेंज में अब फायरिंग नहीं कराई जा रही है। पुलिस महकमें की ओर से अब पुलिस लाइन में ही ड्राई टेस्टिंग ली जा रही है। हालांकि नियमानुसार यह भी सही नहीं है, मगर फायरिंग रेंज नहीं होने के कारण अब प्रशासन ने यह रास्ता निकाल लिया है। उधर, चार साल से बिना लाइसेंस ही फायरिंग रेंज चलाने और चलवाने वाले अफसरों के खिलाफ शासन को भी रिपोर्ट भेजी जा रही है। इसमें तीन पूर्व जिलाधिकारियों के अलावा तत्कालीन आरआई के खिलाफ भी रिपोर्ट तैयार हो रही है।
सहारनपुर में वर्ष 2013 में कुम्हारहेड़ा में फायरिंग रेंज की अनुमति तत्कालीन डीएम डा. इंद्रवीर सिंह यादव ने दी। मगर, उस वक्त बिना फार्म 15 के ही अनुमति देने के बाद लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी नहीं कराई गई। करीब चार वर्षो तक फायरिंग रेंज का लाइसेंस नहीं होने के बाद प्रतिमाह सैकड़ों लोगों को वहां फायरिंग कराई जाती रही। इतना ही नहीं, तत्कालीन एसडीएम और आरआई लिखित आदेश जारी कर असलहाधारियों को वहां टेस्टिंग के लिए भेजते रहे। हालांकि इसका खुलासा होने के बाद जिलाधिकारी पीके पांडेय ने फायरिंग रेंज संचालक को नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके अलावा पूर्ववर्ती जिलाधिकारियों और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। यहां बता दें कि जिलाधिकारी पीके पांडेय ने फायरिंग रेंज की फाइल तलब की तो बिना लाइसेंस इसके संचालन का खुलासा हुआ है। जिलाधिकारी का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और इसकी एक रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है
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सहारनपुर में वर्ष 2013 में कुम्हारहेड़ा में फायरिंग रेंज की अनुमति तत्कालीन डीएम डा. इंद्रवीर सिंह यादव ने दी। मगर, उस वक्त बिना फार्म 15 के ही अनुमति देने के बाद लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी नहीं कराई गई। करीब चार वर्षो तक फायरिंग रेंज का लाइसेंस नहीं होने के बाद प्रतिमाह सैकड़ों लोगों को वहां फायरिंग कराई जाती रही। इतना ही नहीं, तत्कालीन एसडीएम और आरआई लिखित आदेश जारी कर असलहाधारियों को वहां टेस्टिंग के लिए भेजते रहे। हालांकि इसका खुलासा होने के बाद जिलाधिकारी पीके पांडेय ने फायरिंग रेंज संचालक को नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके अलावा पूर्ववर्ती जिलाधिकारियों और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। यहां बता दें कि जिलाधिकारी पीके पांडेय ने फायरिंग रेंज की फाइल तलब की तो बिना लाइसेंस इसके संचालन का खुलासा हुआ है। जिलाधिकारी का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और इसकी एक रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है
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