{"_id":"5a0893b34f1c1b60678bac84","slug":"191510511539-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली मिस्त्री की करंट से मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली मिस्त्री की करंट से मौत
Updated Mon, 13 Nov 2017 12:02 AM IST
विज्ञापन
बिजली मिस्त्री की करंट से मौत
नागल। बजाज शुगर मिल में बिजली के खंभे पर ट्यूब लगाते समय करंट लगने से नीचे गिरे मिस्त्री की हायर सेंटर ले जाते वक्त रास्ते में मौत हो गई।
गांव नन्हेड़ा बुढ्ढाखेड़ा निवासी 22 वर्षीय आलम पुत्र इकबाल बजाज शुगर मिल गांगनौली में ठेकेदार के माध्यम से बिजली मैकेनिक का काम करता था। शनिवार की दोपहर वह गोदाम के पास बिजली के खंभे पर ट्यूब बदल रहा था। उस वक्त उसके साथ गांव का ही रहने वाला आजम भी था। इसी दौरान वह करंट लगने से खंभे से नीचे आ गिरा। आजम ने शोर मचा कर आस पास से लोगों को इकट्ठा किया। इसके बाद मिल कर्मचारी उसे लेकर सहारनपुर पहुंचे। जहां से उसकी हालत खराब होने पर उसे हायर सेंटर पीजीआई भेज दिया गया। लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन उसे घर ले आए और बिना किसी कानूनी कार्रवाई के शव को सुपुर्दे खाक कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि मिल प्रबंधन ने मुआवजा देना तो दूर की बात उपचार के लिए हायर सेंटर भेजने में भी मदद तक नहीं की। उधर एसओ ने बताया कि तहरीर नहीं मिली है। यदि तहरीर आती तो कार्रवाई की जाती।
विज्ञापन
नागल। बजाज शुगर मिल में बिजली के खंभे पर ट्यूब लगाते समय करंट लगने से नीचे गिरे मिस्त्री की हायर सेंटर ले जाते वक्त रास्ते में मौत हो गई।
गांव नन्हेड़ा बुढ्ढाखेड़ा निवासी 22 वर्षीय आलम पुत्र इकबाल बजाज शुगर मिल गांगनौली में ठेकेदार के माध्यम से बिजली मैकेनिक का काम करता था। शनिवार की दोपहर वह गोदाम के पास बिजली के खंभे पर ट्यूब बदल रहा था। उस वक्त उसके साथ गांव का ही रहने वाला आजम भी था। इसी दौरान वह करंट लगने से खंभे से नीचे आ गिरा। आजम ने शोर मचा कर आस पास से लोगों को इकट्ठा किया। इसके बाद मिल कर्मचारी उसे लेकर सहारनपुर पहुंचे। जहां से उसकी हालत खराब होने पर उसे हायर सेंटर पीजीआई भेज दिया गया। लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन उसे घर ले आए और बिना किसी कानूनी कार्रवाई के शव को सुपुर्दे खाक कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि मिल प्रबंधन ने मुआवजा देना तो दूर की बात उपचार के लिए हायर सेंटर भेजने में भी मदद तक नहीं की। उधर एसओ ने बताया कि तहरीर नहीं मिली है। यदि तहरीर आती तो कार्रवाई की जाती।