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क्षमा मांगने से छोटा नहीं हो जाता व्यक्ति : प्रदीप शास्त्री
Updated Sat, 09 Sep 2017 12:08 AM IST
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क्षमा मांगने से छोटा नहीं हो जाता व्यक्ति : प्रदीप शास्त्री
देवबंद (सहारनपुर)। पर्वाधिराज पर्व (दशलक्षण महोत्सव) के समापन उपरांत जैन समाज द्वारा शुक्रवार को क्षमावाणी पर्व मनाया गया। जिसमें लोगों ने वर्ष भर में की गई गलतियों की एक दूसरे से क्षमा प्रार्थना की।
श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर सरागवाड़ा, बाहरा, नेचलगढ़ और कानून गोयान में सुबह श्री जी का अभिषेक, नित्य नियम पूजन और क्षमावाणी पर्व की विशेष पूजा अर्चना की गई। कार्यक्रम में विद्यासागर महाराज के शिष्य प्रदीप शास्त्री पीयूष ने बताया कि क्षमा वीरों का आभूषण हैं। अपनी गलतियों की क्षमा मांगने से कोई व्यक्ति छोटा नही होता बल्कि क्षमा करने से व्यक्ति का कद ऊंचा होता है। श्रद्धालुओं को वर्ष भर की गई गलतियों और मन के भीतर बसे राग, द्वेष व कलेश को मिटाकर मैत्री भाव से रहने की शिक्षा दी गई। इससे पूर्व बृहस्पतिवार की रात में श्री दीनानाथ जैन अतिथि भवन में जैन सभा द्वारा महा आरती उपरांत श्री णमोकार महामंत्र खुल जा सिम सिम कार्यक्रम और थाल सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। संस्था के अध्यक्ष अंकित जैन ने बताया कि थाल सज्जा प्रतियोगिता में प्राची जैन प्रथम, शिल्पी जैन द्वितीय और नेहा जैन तृतीय स्थान पर रही। इसी तरह खुल जा सिम सिम में अनुज जैन प्रथम, प्राची जैन द्वितीय और रिंकी जैन तृतीय स्थान पर रहे। इस मौके पर संयम जैन, मुकेश जैन, अनुज जैन, अनिल जैन, दीपक जैन, मोनिका जैन, चंदन बाला जैन, शिल्पी जैन, पायल जैन, रूचि जैन, संदीप जैन, ऋषभ जैन, प्रतीक जैन, शशांक जैन, नमन जैन, अंकित जैन, पारस जैन, वैभव जैन, अर्पित जैन, प्रत्युष जैन, प्रांशु जैन, अजय आदि मौजूद रहे।
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देवबंद (सहारनपुर)। पर्वाधिराज पर्व (दशलक्षण महोत्सव) के समापन उपरांत जैन समाज द्वारा शुक्रवार को क्षमावाणी पर्व मनाया गया। जिसमें लोगों ने वर्ष भर में की गई गलतियों की एक दूसरे से क्षमा प्रार्थना की।
श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर सरागवाड़ा, बाहरा, नेचलगढ़ और कानून गोयान में सुबह श्री जी का अभिषेक, नित्य नियम पूजन और क्षमावाणी पर्व की विशेष पूजा अर्चना की गई। कार्यक्रम में विद्यासागर महाराज के शिष्य प्रदीप शास्त्री पीयूष ने बताया कि क्षमा वीरों का आभूषण हैं। अपनी गलतियों की क्षमा मांगने से कोई व्यक्ति छोटा नही होता बल्कि क्षमा करने से व्यक्ति का कद ऊंचा होता है। श्रद्धालुओं को वर्ष भर की गई गलतियों और मन के भीतर बसे राग, द्वेष व कलेश को मिटाकर मैत्री भाव से रहने की शिक्षा दी गई। इससे पूर्व बृहस्पतिवार की रात में श्री दीनानाथ जैन अतिथि भवन में जैन सभा द्वारा महा आरती उपरांत श्री णमोकार महामंत्र खुल जा सिम सिम कार्यक्रम और थाल सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। संस्था के अध्यक्ष अंकित जैन ने बताया कि थाल सज्जा प्रतियोगिता में प्राची जैन प्रथम, शिल्पी जैन द्वितीय और नेहा जैन तृतीय स्थान पर रही। इसी तरह खुल जा सिम सिम में अनुज जैन प्रथम, प्राची जैन द्वितीय और रिंकी जैन तृतीय स्थान पर रहे। इस मौके पर संयम जैन, मुकेश जैन, अनुज जैन, अनिल जैन, दीपक जैन, मोनिका जैन, चंदन बाला जैन, शिल्पी जैन, पायल जैन, रूचि जैन, संदीप जैन, ऋषभ जैन, प्रतीक जैन, शशांक जैन, नमन जैन, अंकित जैन, पारस जैन, वैभव जैन, अर्पित जैन, प्रत्युष जैन, प्रांशु जैन, अजय आदि मौजूद रहे।
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