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नानौता ब्लाक क्षेत्र में 19 महिलाएं संभालेंगी गांव की सत्ता
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नानौता ब्लाक क्षेत्र में 19 महिलाएं संभालेंगी गांव की सत्ता
कुल 56 ग्राम पंचायतें हैं नानौता विकास खंड में
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़गांव। नानौता ब्लाक की 56 ग्राम पंचायतों के आरक्षण में इस बार 19 ग्राम पंचायतें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। इनमें से नौ सीट महिलाओं, पांच ओबीसी महिला और पांच एससी महिला के लिए आरक्षित की गई हैं।
बुधवार सुबह विकास खंडों में आरक्षण की सूची चस्पा की गई। ग्राम प्रधानों के लिए आरक्षण सूची देखकर जहां कुछ दावेदारों ने खुशी मनाई, तो कुछ के हाथ मायूसी ही लगी। अपने गांव की सीट किस जाति के लिए सुरक्षित हुई है, यह देखने के लिए लोग आतुर रहे।
आरक्षण से दिग्गज प्रधानों को नहीं मिलेगा दोबारा मौका
सांवतखेड़ी में लगातार तीन बार प्रधानी कर चुके हैं ठाकुर जंगपाल सिंह, नहीं लड़ पाएंगे चुनाव
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़गांव। ग्राम पंचायतों में नये आरक्षण के बाद राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। ज्यादातर पंचायतों में जमे दिग्गज प्रधान दौड़ से बाहर हो गए हैं। क्योंकि यहां इस बार प्रधान पद दूसरी जाति के लिए आरक्षित हो गया है।
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विकास खंड रामपुर मनिहारान की ग्राम पंचायत सांवतखेड़ी में प्रधान पद इस बार अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हुआ है। इसलिए यहां से इस बार तीन बार प्रधान रह चुके ठाकुर जंगपाल सिंह चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। जबकि इन्हें पिछली बार निर्विरोध प्रधान चुना गया था। वहीं नानौता विकास खंड का गांव महेशपुर भी अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने पर पूर्व प्रधान श्याम सिंह उर्फ पप्पू को भी जोर का झटका लगा है। ये दोनो लोग अपने गांवों में ही नहीं आस पास भी राजनीतिक पकड़ के लिए जाने जाते हैं।
दल्हेड़ी गांव इस बार पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित हो गया है। इसलिए पूर्व प्रधान अमित कुमार उर्फ सोनू की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। बड़गांव क्षेत्र का सबसे बड़ा गांव जड़ौदा पांडा भी पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित हुआ है। त्यागी बहुल इस गांव में प्रधान का पद काफी समय से दो-तीन घरानों के इर्द-गिर्द ही घूम रहा था। इनमें भी सबसे ज्यादा जनार्दन त्यागी परिवार ने प्रधानी की है।
ग्राम पंचायत चंदपुर पिछड़ा वर्ग, मियानगी अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है। यहां भी मौजूदा प्रधानों के चुनाव लड़ने के अरमानों पर पारी फिर गया है। यह भाजपा विधायक किरत सिंह के नजदीकी माने जाते हैं।
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कुल 56 ग्राम पंचायतें हैं नानौता विकास खंड में
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़गांव। नानौता ब्लाक की 56 ग्राम पंचायतों के आरक्षण में इस बार 19 ग्राम पंचायतें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। इनमें से नौ सीट महिलाओं, पांच ओबीसी महिला और पांच एससी महिला के लिए आरक्षित की गई हैं।
बुधवार सुबह विकास खंडों में आरक्षण की सूची चस्पा की गई। ग्राम प्रधानों के लिए आरक्षण सूची देखकर जहां कुछ दावेदारों ने खुशी मनाई, तो कुछ के हाथ मायूसी ही लगी। अपने गांव की सीट किस जाति के लिए सुरक्षित हुई है, यह देखने के लिए लोग आतुर रहे।
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आरक्षण से दिग्गज प्रधानों को नहीं मिलेगा दोबारा मौका
सांवतखेड़ी में लगातार तीन बार प्रधानी कर चुके हैं ठाकुर जंगपाल सिंह, नहीं लड़ पाएंगे चुनाव
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़गांव। ग्राम पंचायतों में नये आरक्षण के बाद राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। ज्यादातर पंचायतों में जमे दिग्गज प्रधान दौड़ से बाहर हो गए हैं। क्योंकि यहां इस बार प्रधान पद दूसरी जाति के लिए आरक्षित हो गया है।
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विकास खंड रामपुर मनिहारान की ग्राम पंचायत सांवतखेड़ी में प्रधान पद इस बार अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हुआ है। इसलिए यहां से इस बार तीन बार प्रधान रह चुके ठाकुर जंगपाल सिंह चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। जबकि इन्हें पिछली बार निर्विरोध प्रधान चुना गया था। वहीं नानौता विकास खंड का गांव महेशपुर भी अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने पर पूर्व प्रधान श्याम सिंह उर्फ पप्पू को भी जोर का झटका लगा है। ये दोनो लोग अपने गांवों में ही नहीं आस पास भी राजनीतिक पकड़ के लिए जाने जाते हैं।
दल्हेड़ी गांव इस बार पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित हो गया है। इसलिए पूर्व प्रधान अमित कुमार उर्फ सोनू की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। बड़गांव क्षेत्र का सबसे बड़ा गांव जड़ौदा पांडा भी पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित हुआ है। त्यागी बहुल इस गांव में प्रधान का पद काफी समय से दो-तीन घरानों के इर्द-गिर्द ही घूम रहा था। इनमें भी सबसे ज्यादा जनार्दन त्यागी परिवार ने प्रधानी की है।
ग्राम पंचायत चंदपुर पिछड़ा वर्ग, मियानगी अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है। यहां भी मौजूदा प्रधानों के चुनाव लड़ने के अरमानों पर पारी फिर गया है। यह भाजपा विधायक किरत सिंह के नजदीकी माने जाते हैं।