फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   निगम ब्याज सहित वसूलेगा गृह और जल कर

निगम ब्याज सहित वसूलेगा गृह और जल कर

Fri, 22 Jun 2018 12:32 AM IST
Updated Fri, 22 Jun 2018 12:32 AM IST
विज्ञापन
निगम ब्याज सहित वसूलेगा गृह और जल कर
नगर निगम ब्याज सहित वसूलेगा गृह और जल कर
विज्ञापन

सहारनपुर। नगर निगम को गृह और जल कर न चुकाने वाले सावधान हो जाएं। नगर निगम बड़े बकाएदारों से ब्याज सहित कर वसूलने की तैयारी कर रहा है। नगर निगम कार्यकारिणी समिति की बैठक में यह प्रस्ताव पास हो चुका है। उसे 25 जून को होने वाली बोर्ड की बैठक में हरी झंडी मिलना बाकी है।
गृह और जल कर नगर निगम की कमाई का सबसे बड़ा जरिया है। मगर कुछ नगरवासियों की मनमानी और संबंधित अधिकारियों की शिथिलता की वजह से नगर निगम कर वसूली में पिछड़ता रहा है। लक्ष्य के सापेक्ष 30 से 35 फीसदी की ही वसूली होती रही है। वर्तमान में नगर निगम का करोड़ों रुपया गृह और जल कर का बकाया है। इसे वसूलने में नगर निगम के अधिकारी रुचि नहीं दिखा रहे हैं। पूर्व नगरायुक्त ने गृह और जल कर विभाग के अधिकारियों को वार्डवार कैंप लगाकर कर वसूलने के निर्देश दिए थे। मगर उनके निर्देश बेमाने साबित हुए। वसूली बढ़ाने के लिए नगर निगम ने स्कीम निकाली है। इसमें एकमुश्त कर जमा करने वालों को नगर निगम छूट दे रहा है। 30 जून 2018 तक पूरा कर जमा करने वालों को दस प्रतिशत, एक जुलाई से 30 सितंबर तक कर जमा कराने वालों को पांच प्रतिशत तथा एक अक्तूबर से 31 दिसंबर 2018 तक संपूर्ण कर जमा कराने वालों को कोई छूट नहीं दी जाएगी।
विज्ञापन

इसके बाद भी कर जमा न कराने वालों पर 12 प्रतिशत का ब्याज वसूला जाएगा तथा वर्तमान कर पर एक प्रतिशत ब्याज प्रतिमाह के हिसाब से लिया जाएगा। इतना ही नहीं, यदि किसी भवन का कर निर्धारण संबंधी विवाद कोर्ट में चल रहा है और स्व कर नियमावली लागू होने के बाद वह कर जमा कराना चाहता है तो उसे छूट का लाभ मिलेगा। नगर निगम की कार्यकारिणी समिति की बैठक में यह प्रस्ताव पास किया जा चुका है। अब 25 जून को होने वाली बोर्ड बैठक में पास होना बाकी है। निगम की कमाई बढ़ाने के लिहाज से इस प्रस्ताव को बोर्ड की बैठक में निर्विरोध हरी झंडी मिलना तय माना जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-------------------------------------
बकाएदारों के नाम क्यों छुपा रहा निगम
गृह और जल कर बकाएदारों में कई बड़े नाम भी शामिल हैं। विभागीय सूत्रों ने बताया कि अनेक प्राइवेट पब्लिक स्कूल ऐसे हैं। उन्होंने कई साल से गृह कर जमा नहीं कराया है। बड़े बकाएदारों में कई नेताओं और उद्यमियों के नाम भी बताए जा रहे हैं। संबंधित अधिकारियों से जब बड़े बकाएदारों की सूची मांगी जाती है तो वह इधर-उधर की बात कर मामले को टाल देते हैं। पूर्व में नगरायुक्त रहे आरएस चाहर ने बड़े बकाएदारों के नामों को बड़े होर्डिंग के माध्यम से सार्वजनिक किया था, जिसका असर यह हुआ था कि लोगों ने खुद आकर कर जमा कराया था। मगर वर्तमान नगर निगम प्रशासन नाम सार्वजनिक करने से बचता आ रहा है। जिससे उनकी मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।

---------------------------------------
दुकानों का किराया 50 फीसदी बढ़ाने की तैयारी
नगर निगम की सैकड़ों दुकानें नगर क्षेत्र में बनी हैं, जो किराए पर चल रही हैं। कार्यकारिणी समिति की बैठक में इन दुकानों का किराया 50 प्रतिशत बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही दुकानों के नाम परिवर्तन के एवज में लिए जाने वाले नामांतरण शुल्क को भी बढ़ाकर दस हजार रुपये करने का प्रस्ताव पास किया गया है। यह प्रस्ताव 25 जून की बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। समिति द्वारा प्रस्ताव पास किए जाने के बाद किराएदार टेंशन में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed