{"_id":"5b1c260a4f1c1b64068b5686","slug":"181528571402-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रीमद्भागवत विश्व का महान ग्रंथ: आत्मानुभवी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रीमद्भागवत विश्व का महान ग्रंथ: आत्मानुभवी
Updated Sun, 10 Jun 2018 12:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीमद्भागवत विश्व का महान ग्रंथ: आत्मानुभवी
सहारनपुर। आत्मानुभवी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत विश्व का महान ग्रंथ है, जिसमें भगवान श्री कृष्ण ने कर्मयोग और ज्ञानयोग की प्रेरणा देने के साथ आत्मज्ञान का संदेश दिया है।
न्यू माधवनगर स्थित मोती बाग में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में आत्मानुभवी महाराज ने कहा कि मानव शरीर में ही मनुष्य आत्म साक्षात्कार के द्वारा परमात्मा की शक्ति को जानकर जीवन को सार्थक कर सकता है। बुद्धिमान वही है जो अपने जीवन का सर्वश्रेष्ठ उपयोग कर शाश्वत लक्ष्य को प्राप्त कर लेता है। अध्यात्म शक्ति से मनुष्य सत्य को देखने, समझने और जानने की ऊर्जा प्राप्त करता है। अध्यात्म मनुष्य को जगत कल्याणकारी मार्ग पर ले जाता है। पंडित मोहन, पंडित बदलू, धर्मपाल कालरा, पंडित योगेश गोनियाल, डा. यशपाल, कविता, नीलम, बबीता, अनिता, हेमा, किरण मौजूद रहे।
विज्ञापन
सहारनपुर। आत्मानुभवी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत विश्व का महान ग्रंथ है, जिसमें भगवान श्री कृष्ण ने कर्मयोग और ज्ञानयोग की प्रेरणा देने के साथ आत्मज्ञान का संदेश दिया है।
न्यू माधवनगर स्थित मोती बाग में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में आत्मानुभवी महाराज ने कहा कि मानव शरीर में ही मनुष्य आत्म साक्षात्कार के द्वारा परमात्मा की शक्ति को जानकर जीवन को सार्थक कर सकता है। बुद्धिमान वही है जो अपने जीवन का सर्वश्रेष्ठ उपयोग कर शाश्वत लक्ष्य को प्राप्त कर लेता है। अध्यात्म शक्ति से मनुष्य सत्य को देखने, समझने और जानने की ऊर्जा प्राप्त करता है। अध्यात्म मनुष्य को जगत कल्याणकारी मार्ग पर ले जाता है। पंडित मोहन, पंडित बदलू, धर्मपाल कालरा, पंडित योगेश गोनियाल, डा. यशपाल, कविता, नीलम, बबीता, अनिता, हेमा, किरण मौजूद रहे।
विज्ञापन